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136 विद्यालयों में मंडरा रहा करंट आने का संकट

Thu, 07 Jul 2022 12:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 12:45 AM IST
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कंपोजिट विद्यालय सथरियांव के ऊपर से गुजरी एचटी लाइन। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। जनपद के एक, दो, चार नहीं बल्कि 136 विद्यालयों के ऊपर से एचटी लाइन गुजरी हुई है। इससे हर वक्त करंट का खतरा बना रहता है। जिम्मेदारों का कहना है कि शासन को लिखापढ़ी में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कुछ हुआ नहीं है। यह भी जानकारी नहीं है कि लाइनें विद्यालयों की इमारतों के बनने से पहले कि या फिर बाद की।
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कंपोटिज विद्यालय सथरियांव के ऊपर से एचटी लाइन गुजरी है। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय कांधी के प्रवेश द्वार के ठीक बगल में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। ऐसे ही उच्च माध्यमिक विद्यालय टीकर के ऊपर से एलटी लाइन गुजरी हुई है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शाह के ऊपर से भी एचचटी लाइन गुजरी हुई है। स्वामी गोविंदपुरी इंटर कॉलेज के ऊपर से निकली एचटी लाइन कभी भी खतरे की घंटी बन सकती है।
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जिले में 2126 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 136 स्कूल भवनों के ऊपर से एचटी बिजली की लाइन गुजरी है। ग्रामीणों का कहना है कि भगवान न करें कभी कोई लाइन टूट कर गिर पड़े या फिर बारिश के वक्त ट्रांसफार्मरों का करंट किसी भवन में उतर जाए। विद्यालयों के मैदान और छतों के ऊपर से गुजरी लाइनें जिम्मेदारों को भी नहीं दिखाई देती हैं।
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कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों का सुंदरीकरण तो कराया जा रहा हैं, लेकिन अधिकारियों को करंट की यह गंभीर समस्या दिखाई नहीं पड़ रही। स्कूलों में सुंदरीकरण से अधिक जरूरी बिजली की लाइन हटाना है, लेकिन इसको पूरी तरह से नजरंदाज किया जा रहा है। अभिभावक राजकिशोर, सुषमा व हिना आदि का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा का ध्यान पहले रखा जाना चाहिए।

सभी 136 विद्यालयों की सूचना शासन को भेजी गई है। यह पता किया जा रहा है कि विद्यालय पहले बने कि लाइन पहले डाली गई। जहां विद्यालय पहले बने हैं और लाइन बाद में खींची गई है तो वहां का खर्च बिजली विभाग करेगा और विद्यालय बाद में बने हैं तो तार हटवाने का खर्च शिक्षा विभाग को करना होगा। दोनो ही सूरत में दोनों विभागों को बजट की जरूरत होगी, जो फिलहाल नहीं मिला है।
- संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए
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