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रैक से आई यूरिया, बारिश में भीगी
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Thu, 03 Dec 2015 12:17 AM IST
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पीसीएफ के अधिकारी और ठेकेदार की लापरवाही से इफको की
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यूरिया 24 घंटे बाद भी अभी रेलवे रैक प्वांइट पर डंप है। यूरिया की रैक
आने के बाद से ही बारिश होने की वजह से खाद भीग गई है। हालांकि बाद में
पीसीएफ के कर्मचारियों ने खाद की बोरियों में तिरपाल डालकर ढक दिया है।
जिससे बारिश के पानी का असर न हो सके।
डीएम के निर्देश पर पीसीएफ के गोदाम में यूरिया रखी जा रही है। इससे रबी फसल में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके। मंगलवार को इफको यूरिया की रैक लगी, जिसमें 2500 मीट्रिक टन उर्वरक आई।
रैक प्वाइंट से गोदाम तक खाद पहुंचाने के लिए पीसीएफ के माध्यम से ठेकेदार का चयन होता है। जिसकी रैक प्वाइंट से गोदाम तक व गोदाम से साधन सहकारी समितियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है।
रेलवे में रैक लगने के बाद ठेकेदार ने ट्रेन की बोगी से खाद उतार कर रैक प्वाइंट पर लगा दिया है। अचानक शाम से बारिश शुरू हो गई है। जिसमें आधे से अधिक बोरियां पानी में भीग गईं।
बाद में तिरपाल की व्यवस्था कर बोरियों को ढका गया। कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि उर्वरक में पानी पड़ते ही वह घुलने लगती है। जो बोरी बारिश में भीग गई हैं।
उसका वजन कम हो जाएगा और सूखने के बाद उर्वरक बोरी में जम जाएगी। फसलों में छिड़काव के समय किसानों को जमी हुई खाद कूटकर सही करनी पड़ेगी।
पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय सिंह कुशवाहा ने कहा कि रैक आने के बाद शाम को अचानक मौसम खराब होने से खाद गोदाम में नहीं रखा जा सका है। बोरियों को तिरपाल से ढक दिया गया है। अब गुरुवार को खाद गोदाम में रखवाई जाएगी।
डीएम के निर्देश पर पीसीएफ के गोदाम में यूरिया रखी जा रही है। इससे रबी फसल में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके। मंगलवार को इफको यूरिया की रैक लगी, जिसमें 2500 मीट्रिक टन उर्वरक आई।
रैक प्वाइंट से गोदाम तक खाद पहुंचाने के लिए पीसीएफ के माध्यम से ठेकेदार का चयन होता है। जिसकी रैक प्वाइंट से गोदाम तक व गोदाम से साधन सहकारी समितियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है।
रेलवे में रैक लगने के बाद ठेकेदार ने ट्रेन की बोगी से खाद उतार कर रैक प्वाइंट पर लगा दिया है। अचानक शाम से बारिश शुरू हो गई है। जिसमें आधे से अधिक बोरियां पानी में भीग गईं।
बाद में तिरपाल की व्यवस्था कर बोरियों को ढका गया। कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि उर्वरक में पानी पड़ते ही वह घुलने लगती है। जो बोरी बारिश में भीग गई हैं।
उसका वजन कम हो जाएगा और सूखने के बाद उर्वरक बोरी में जम जाएगी। फसलों में छिड़काव के समय किसानों को जमी हुई खाद कूटकर सही करनी पड़ेगी।
पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय सिंह कुशवाहा ने कहा कि रैक आने के बाद शाम को अचानक मौसम खराब होने से खाद गोदाम में नहीं रखा जा सका है। बोरियों को तिरपाल से ढक दिया गया है। अब गुरुवार को खाद गोदाम में रखवाई जाएगी।