फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   pareshani,mausam,kisaan

धोखा दिया प्री मानसून, अब किसान देख रहा आसमान

Sat, 04 Jun 2022 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 12:42 AM IST
विज्ञापन
pareshani,mausam,kisaan
फतेहपुर। मार्च से मई के बीच में होने वाली प्री-मानसून बारिश ने इस साल किसानों को धोखा दिया। इस अवधि में सिर्फ 8.3 मिलीमीटर प्री-मानसून बारिश ही रिकार्ड की गई है, जो कि पिछले आठ सालों में सबसे कम है।
विज्ञापन

वर्ष 2017 में प्री मानसून के दौरान झमाझम बारिश हुई थी, मौसम विभाग के आंकड़ों में 525.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी। इस साल से पहले सबसे कम बारिश 2019 में 150 मिलीमीटर रिकार्ड की गई थी।
विज्ञापन

इस बार धूलभरी आंधी तो लगभग हर सप्ताह में आई और आसमान में यदाकदा बादल भी आए, लेकिन प्री मानसून बारिश नहीं हो सकी।
इससे किसानों को मायूसी हुई। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि जिले में प्री-मानसून बारिश में 18 प्रतिशत की कमी रही।
इस बार सामान्य से अधिक गर्मी के चलते किसान खरीफ सीजन में खेती की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। जून के पहले सप्ताह में 32 से 35 डिग्री के आसपास तापमान रहना चाहिए, लेकिन इस समय 43 डिग्री के आसपास पारा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आठ से 10 डिग्री अधिक तापमान होने के कारण किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह का कहना है कि नर्सरी डालने का सही समय उस वक्त ही होता है जब तापमान 33 डिग्री के आसपास हो।
फिर भी जो किसान धान की नर्सरी डाल रहे हैं, वे छायादार खेत में ही नर्सरी डालें, ताकि सीधी धूप न लगे। नर्सरी की शाम को इतनी हल्की सिंचाई करें कि अगले दिन की सुबह पानी रहने न पाए।
जिले व आसपास क्षेत्र में बारिश न होने की सबसे बड़ी वजह हीट आईलैंड का लगातार बढ़ना है। इसके अलावा सिक्स लेन हाईवे व अन्य निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल, वाहनों और औद्योगिक इकाइयों से उठने वाला धुआं भी कारणों में शामिल है।

इससे वायुमंडल में हानिकारक गैसों की एक परत सी जमा हो जाती है। ऐसे में जमीन से उठने वाली उष्मा (गर्मी) परत से आगे नहीं जा पाती है। इसका परिणाम यह होता है कि हवा में नमी की मात्रा बारिश के लायक नहीं बन पाती है।
2015 -- 355.7
2016 -- 263.8
2017 -- 525.2
2018 -- 294.3
2019 -- 150.0
2020 -- 430.6
2021 -- 442.6
2022 -- 8.3
........................................
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed