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कक्ष में की तालाबंदी
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:04 AM IST
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वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक के कक्ष में ताला बंद करते कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक और कर्मचारी संगठनों के बीच रार छिड़ गई है। गुरुवार को तीन कर्मचारी संगठन ने सामूहिक रूप से जंग का ऐलान कर लेखाधिकारी कक्ष में ताला बंद कर दिया। वित्त एवं लेखाधिकारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार से डीआईओएस कार्यालय में ताला बंद करने की घोषणा की गई है।
बता दें कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी हरिश्चंद्र और माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कमल सिंह चौहान व शिक्षणेतर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के बीच पखवारे भर पहले कहासुनी हुई थी। एक मामले में लेखाधिकारी शिक्षक नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा चुके हैं। इतना ही नहीं डीआईओएस कार्यालय के लिपिकों को वित्त एवं लेखाधिकारी उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित कर चुके हैं। इस बात को लेकर यूपी मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन भी आगबबूला है।
एसोसिएशन के जनपदीय सचिव विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें अनुपस्थित करने का अधिकार सिर्फ डीआईओएस को है। लेखाधिकारी अनधिकृत रूप से लिपिकों के कार्यो में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उधर, गुरुवार के तीनों संगठनों के पदाधिकारियों ने तालाबंदी कर कहा कि जब तक शिक्षक नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं होती और लेखाधिकारी का तबादला नहीं होता है, ताला नहीं खुलेगा।
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बता दें कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अधिकारी हरिश्चंद्र और माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कमल सिंह चौहान व शिक्षणेतर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के बीच पखवारे भर पहले कहासुनी हुई थी। एक मामले में लेखाधिकारी शिक्षक नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा चुके हैं। इतना ही नहीं डीआईओएस कार्यालय के लिपिकों को वित्त एवं लेखाधिकारी उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित कर चुके हैं। इस बात को लेकर यूपी मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन भी आगबबूला है।
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एसोसिएशन के जनपदीय सचिव विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें अनुपस्थित करने का अधिकार सिर्फ डीआईओएस को है। लेखाधिकारी अनधिकृत रूप से लिपिकों के कार्यो में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उधर, गुरुवार के तीनों संगठनों के पदाधिकारियों ने तालाबंदी कर कहा कि जब तक शिक्षक नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं होती और लेखाधिकारी का तबादला नहीं होता है, ताला नहीं खुलेगा।
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