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थाने में सिपाही बनकर रौब जमाने में पकड़ा गया
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थरियांव (फतेहपुर)। थाने में सिपाही बनकर पहुंचे कौशांबी के युवक और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने पुलिस की वर्दी में वाहनों से वसूली किए जाने की बात भी कबूली है।
थरियांव थाना क्षेत्र के लतीफपुर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। एक पक्ष का खखरेरू थाना क्षेत्र के अंजना कबीरपुर गांव में रिश्तेदार अमर सिंह के यहां रहता है। उसके पक्ष से अमर सिंह अपने दोस्त सचिन कुमार निवासी लहना थाना करारी जिला कौशांबी के साथ बोलेरो से थाने पहुंचा। सचिन सिपाही की वर्दी में था। थानेदार विनोद कुमार पक्षों के बीच सुलह समझौते की बात कर रहे थे। सचिन ने थानेदार को परिचय दिया। उसे देखकर थाने में तैनात बाकी पुलिस कर्मी उसकी वर्दी टोपी, बेल्ट पर गौर करने लगे। हुलिया देखकर थाने के सिपाही सचिन से बैच, पोस्टिंग समेत कई सवाल पूछने लगे। टोपी उल्टी लगाए था। थानेदार ने पुलिस विभाग का कार्ड मांगा। तभी वह फंस गया। पूछताछ में घबराने लगा। सचिन और उसके साथी अमर को हिरासत में ले लिया। थानेदार विनोद कुमार ने बताया कि सख्ती से पूछताछ की गई। उसने कबूला कि तीन साल से वर्दी पहनकर घूमता है। वह कई लोगों को धोखा दे चुका है। वह खखरेरू में दोस्त अमर सिंह के घर में ही रहता है। अक्सर मौरंग के वाहनों से पुलिस कर्मी बनकर वसूली करता है। आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। बोलेरो खखरेरू थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति की है। बोलेरो का इस्तेेमाल वसूली में आरोपी ने करने की बात कबूली है। इसके बाद भी पुलिस ने बोलेरो और चालक को छोड़ दिया है। आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि वह बोलेरो को बुकिंग पर प्रतिदिन बुलाता था। बोलेरो से घूमता रहता था। थानेदार ने बताया कि बोलेरो की कोई भूमिका नहीं है।
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थरियांव थाना क्षेत्र के लतीफपुर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। एक पक्ष का खखरेरू थाना क्षेत्र के अंजना कबीरपुर गांव में रिश्तेदार अमर सिंह के यहां रहता है। उसके पक्ष से अमर सिंह अपने दोस्त सचिन कुमार निवासी लहना थाना करारी जिला कौशांबी के साथ बोलेरो से थाने पहुंचा। सचिन सिपाही की वर्दी में था। थानेदार विनोद कुमार पक्षों के बीच सुलह समझौते की बात कर रहे थे। सचिन ने थानेदार को परिचय दिया। उसे देखकर थाने में तैनात बाकी पुलिस कर्मी उसकी वर्दी टोपी, बेल्ट पर गौर करने लगे। हुलिया देखकर थाने के सिपाही सचिन से बैच, पोस्टिंग समेत कई सवाल पूछने लगे। टोपी उल्टी लगाए था। थानेदार ने पुलिस विभाग का कार्ड मांगा। तभी वह फंस गया। पूछताछ में घबराने लगा। सचिन और उसके साथी अमर को हिरासत में ले लिया। थानेदार विनोद कुमार ने बताया कि सख्ती से पूछताछ की गई। उसने कबूला कि तीन साल से वर्दी पहनकर घूमता है। वह कई लोगों को धोखा दे चुका है। वह खखरेरू में दोस्त अमर सिंह के घर में ही रहता है। अक्सर मौरंग के वाहनों से पुलिस कर्मी बनकर वसूली करता है। आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। बोलेरो खखरेरू थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति की है। बोलेरो का इस्तेेमाल वसूली में आरोपी ने करने की बात कबूली है। इसके बाद भी पुलिस ने बोलेरो और चालक को छोड़ दिया है। आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि वह बोलेरो को बुकिंग पर प्रतिदिन बुलाता था। बोलेरो से घूमता रहता था। थानेदार ने बताया कि बोलेरो की कोई भूमिका नहीं है।
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