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फसल बर्बाद होने से नाराज किसानों ने कलक्ट्रेट घेरा
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फतेहपुर। हसवा ब्लाक व उससे जुड़े छह गांवों के किसानों ने सोमवार को कलक्ट्रेट घेरा। अपनी करीब दो हजार बीघा फसल पानी के डूब जाने से खफा हैं। रेलवे की कार्यदायी संस्था पर पुलिया को जानबूझकर ऊंचा कर देने का आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी ने जांच कराकर कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
हसवा, एकारी, रमवां, अतरहा, सहजादेपुर, मोहनपुर के किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि मदारीपुर कला से आने वाले नाले का पानी एकारी-अतरहा के बीच पुलिया ऊंची बना देने से रुक जाता है। रेलवे पथ निर्माण व ऊंची पुलिया बनने के बाद से पानी का बहाव रुक गया है। रेलवे का काम करा रही कार्यदायी संस्था जीएमआर कंपनी के प्लांट का गंदा पानी भी नाले में जमा होता है। इससे खेतों में अक्सर पानी भर जाता है। फसलों की बुआई ठीक से नहीं हो पाती है, जो किसान किसी तरह से बुआई कर लेते हैं। उस फसल के तैयार होने से पहले ही उसमें पानी भर जाता है।
कुछ दिन पहले करीब दो हजार बीघा खेत में पानी भर गया। उनकी बोई फसलें बर्बाद हो गईं। पानी का बहाव शुरू कराया जाए ताकि प्रभावित खेतों में किसान फसलों का उत्पादन कर सकें। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र यादव सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता व अवर अभियंता को मौके पर ले गए हैं और किसानों की समस्या को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद कोई हल नहीं निकाला गया है। मदारीपुर कला से आने वाले नाले का पानी पहले ससुर खदेरी नदी तक आराम से निकल जाता था। बीच-बीच में बने छोटे-छोटे बंधे भी ओवरफ्लो हो जाते हैं। इस मौके पर किसान सीताराम पाल, खेमकरन, राजू गुप्ता, विनोद यादव, पप्पू, संतोष प्रजापति, चुन्नूपाल, शिवनारायन प्रजापति, रमेश यादव, शिवप्रकाश विश्वकर्मा, उग्रसेन सिंह, शिवपूजन, राजा सिंह, रामकिशुन, गोरेलाल सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
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हसवा, एकारी, रमवां, अतरहा, सहजादेपुर, मोहनपुर के किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि मदारीपुर कला से आने वाले नाले का पानी एकारी-अतरहा के बीच पुलिया ऊंची बना देने से रुक जाता है। रेलवे पथ निर्माण व ऊंची पुलिया बनने के बाद से पानी का बहाव रुक गया है। रेलवे का काम करा रही कार्यदायी संस्था जीएमआर कंपनी के प्लांट का गंदा पानी भी नाले में जमा होता है। इससे खेतों में अक्सर पानी भर जाता है। फसलों की बुआई ठीक से नहीं हो पाती है, जो किसान किसी तरह से बुआई कर लेते हैं। उस फसल के तैयार होने से पहले ही उसमें पानी भर जाता है।
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कुछ दिन पहले करीब दो हजार बीघा खेत में पानी भर गया। उनकी बोई फसलें बर्बाद हो गईं। पानी का बहाव शुरू कराया जाए ताकि प्रभावित खेतों में किसान फसलों का उत्पादन कर सकें। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र यादव सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता व अवर अभियंता को मौके पर ले गए हैं और किसानों की समस्या को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद कोई हल नहीं निकाला गया है। मदारीपुर कला से आने वाले नाले का पानी पहले ससुर खदेरी नदी तक आराम से निकल जाता था। बीच-बीच में बने छोटे-छोटे बंधे भी ओवरफ्लो हो जाते हैं। इस मौके पर किसान सीताराम पाल, खेमकरन, राजू गुप्ता, विनोद यादव, पप्पू, संतोष प्रजापति, चुन्नूपाल, शिवनारायन प्रजापति, रमेश यादव, शिवप्रकाश विश्वकर्मा, उग्रसेन सिंह, शिवपूजन, राजा सिंह, रामकिशुन, गोरेलाल सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
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