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खंभे लगाकर बिजली देना भूल गए अफसर
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:36 AM IST
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एकारी गांव मे रखा ट्रांसफार्मर
- फोटो : अमर उजाला
दीनदयाल विद्युतीकरण योजना का जिक्र विधानसभा चुनाव के पहले रैलियों में उपलब्धि के तौर पर हुआ। धरातल पर तस्वीर धुंधली है। क्षेत्र में सालों पहले खंभे तो लग गए लेकिन अंधेरे घरों में बिजली की रोशनी नहीं पहुंची। अफसरों की चौखट पर कई बार ग्रामीणों ने आवाज भी बुलंद की लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात रहा।
क्षेत्र के दर्जनों गांव एकारी, अतरहा,अश्वाबक्सपुर , रसूलाबाद आदि गांवों में सालों पहले बिजली के तार तो लग गए लेकिन अफसरों की ढिलाई के चलते अभी बल्ब नही जल पाए। कार्यदायी संस्था काम के नाम पर मनमानी कर रही है। किसी गांव मे तार लगाकर ट्रांसफार्मर लगा दिया है तो किसी गांव मे केवल खंभे ही लगे हैं। लोगों में आक्रोश भी है कि बिना विद्युतीकरण के ही जनप्रतिनिधियों ने अपने भाषणों मे गांव को विद्युतीकरण से संतृप्त कर दिया।
ग्रामीण संतोष कुमार साहू, मेवालाल, महाबीर, सियाराम लोधीआदि ग्रामीणों का कहना कि अगर विद्युतीकरण का कार्य शीध्र नही हुआ तो पीएम आफिस पत्र लिख कर जनपद का हाल बताएंगे। बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्र भी बिजली न होने क ा दंश झेल रहे हैं। आजादी के इतने दिन बीतने के बाद भी बच्चों को लालटेन के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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अधिशाषी अभियंता आर एन सिंह का कहना है कि कार्यदायी संस्था एनसीसी को विद्युत सुरक्षा निदेशालय इलाहाबाद से एनओसी लेनी पड़ती है इसके बाद ही बिजली चालू हो पाएगी। सरकार बदलने से दीनदयाल विद्युतीकरण की फाइलें तेजी से मूव हो रही हैं। बहुत जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।
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क्षेत्र के दर्जनों गांव एकारी, अतरहा,अश्वाबक्सपुर , रसूलाबाद आदि गांवों में सालों पहले बिजली के तार तो लग गए लेकिन अफसरों की ढिलाई के चलते अभी बल्ब नही जल पाए। कार्यदायी संस्था काम के नाम पर मनमानी कर रही है। किसी गांव मे तार लगाकर ट्रांसफार्मर लगा दिया है तो किसी गांव मे केवल खंभे ही लगे हैं। लोगों में आक्रोश भी है कि बिना विद्युतीकरण के ही जनप्रतिनिधियों ने अपने भाषणों मे गांव को विद्युतीकरण से संतृप्त कर दिया।
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ग्रामीण संतोष कुमार साहू, मेवालाल, महाबीर, सियाराम लोधीआदि ग्रामीणों का कहना कि अगर विद्युतीकरण का कार्य शीध्र नही हुआ तो पीएम आफिस पत्र लिख कर जनपद का हाल बताएंगे। बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्र भी बिजली न होने क ा दंश झेल रहे हैं। आजादी के इतने दिन बीतने के बाद भी बच्चों को लालटेन के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
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अधिशाषी अभियंता आर एन सिंह का कहना है कि कार्यदायी संस्था एनसीसी को विद्युत सुरक्षा निदेशालय इलाहाबाद से एनओसी लेनी पड़ती है इसके बाद ही बिजली चालू हो पाएगी। सरकार बदलने से दीनदयाल विद्युतीकरण की फाइलें तेजी से मूव हो रही हैं। बहुत जल्द ही काम पूरा हो जाएगा।