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नासिक में झुलसे छह लोगों में एक-एक कर तीन ने दम तोड़ाmaut
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फतेहपुर। महाराष्ट्र के नासिक में गैस सिलिंडर लीकेज होने से 22 अक्तूबर को झुलसे छह लोगों में तीन लोगों की एक-एक कर मौत हो गई। बारी-बारी से गांव में शव आए। एक शव आने का इंतजार किया जा रहा है। हादसे से परिवारों का हाल-बेहाल हो गया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के अलादातपुर गांव निवासी संजय मौर्या (38), लवलेश पाल (30), अखिलेश पाल, थरियांव थाने के बहरामपुर निवासी वीरेंद्र पासवान (28), मुरांव निवासी विजयपाल, बीसापुर निवासी अरविंद पाल नासिक के कुमावतनगर पेठ रोड पर एक बिल्डिंग में किराये पर रहते और टायल्स लगाने का काम करते थे। गैस सिलिंडर 21 अक्तूबर की शाम लगाया था। पूरी रात गैस लीक होती रही। सुबह किसी ने माचिस जलाई, तभी कमरे में आग लग गई। सभी छह लोग आग की चपेट में आने से झुलस गए।
जिसमें 24 अक्तूबर को लवलेश की सांसे थम गई। लवलेश का शव 25 अक्तूबर को गांव पहुंचा। उसकी मां लक्ष्मी देवी, सात माह की गर्भवती पत्नी रामा देवी, बेटी राखी (7), बेटा कृष्णा पाल (4) को पीछे छोड़ गया। दूसरे संजय मौर्या का मंगलवार को शव गांव पहुंचा। पूरे गांव में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे पत्नी अनीता, 10 साल के बेटे आसू और पांच साल की बेटी अंशी को पीछे छोड़ गया। तीसरी मौत बहरामपुर गांव के वीरेंद्र पासवान की इलाज दौरान सोमवार को हुई। उसके शव का ग्रामीण और परिवार के लोग इंतजार कर रहे हैं। वह अविवाहित था। उसका छोटा भाई ननका और मां भागमनिया है। पिता के पहले मौत हो चुकी है। बाकी तीनों झुलसे लोगों को सरकारी अस्पताल नासिक से डिस्चार्ज कराकर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
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वीरेंद्र पासवान को मौत ही खींचकर नासिक ले गई थी। वह 20 अक्तूबर को गांव से निकला था। दूसरे दिन नासिक पहुंचा था। जिसके बाद 22 अक्तूबर को हादसा हो गया। मृतक लवलेश 14 अक्तूबर को गया था। लवलेश का हादसे में झुलसा अखिलेश सगा भाई है।
अलादातपुर गांव में शव आने के बाद संजय की पत्नी अनीता की हालत बिगड़ गई। उसे शहर के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। वह पति की मौत के सदमे से होश में नहीं आ सकी है। संजय को दीपावली पर घर लौटना था। वह करीब दो माह से नासिक में था।
हादसे में जान गवांने वाले मृतकों के परिवारों की आर्थिक हालत बेहद नाजुक है। परिवार के लोगों का मजदूरी ही सहारा है। हादसे की खबर के अलादातपुर गांव के ग्रामीणों, प्रधान और प्राथमिक विद्यालय के स्टाफ की मदद से शव गांव लाए जा सके। अलादातपुर गांव के मनोज मौर्या ने फेसबुक पर हादसे की पोस्ट डालकर लोगों से मदद मांगी। संजय के चचेरे भाई शैलेंद्र ने बताया कि एंबुलेंस का खर्च 35 से 40 हजार आया है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के अलादातपुर गांव निवासी संजय मौर्या (38), लवलेश पाल (30), अखिलेश पाल, थरियांव थाने के बहरामपुर निवासी वीरेंद्र पासवान (28), मुरांव निवासी विजयपाल, बीसापुर निवासी अरविंद पाल नासिक के कुमावतनगर पेठ रोड पर एक बिल्डिंग में किराये पर रहते और टायल्स लगाने का काम करते थे। गैस सिलिंडर 21 अक्तूबर की शाम लगाया था। पूरी रात गैस लीक होती रही। सुबह किसी ने माचिस जलाई, तभी कमरे में आग लग गई। सभी छह लोग आग की चपेट में आने से झुलस गए।
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जिसमें 24 अक्तूबर को लवलेश की सांसे थम गई। लवलेश का शव 25 अक्तूबर को गांव पहुंचा। उसकी मां लक्ष्मी देवी, सात माह की गर्भवती पत्नी रामा देवी, बेटी राखी (7), बेटा कृष्णा पाल (4) को पीछे छोड़ गया। दूसरे संजय मौर्या का मंगलवार को शव गांव पहुंचा। पूरे गांव में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे पत्नी अनीता, 10 साल के बेटे आसू और पांच साल की बेटी अंशी को पीछे छोड़ गया। तीसरी मौत बहरामपुर गांव के वीरेंद्र पासवान की इलाज दौरान सोमवार को हुई। उसके शव का ग्रामीण और परिवार के लोग इंतजार कर रहे हैं। वह अविवाहित था। उसका छोटा भाई ननका और मां भागमनिया है। पिता के पहले मौत हो चुकी है। बाकी तीनों झुलसे लोगों को सरकारी अस्पताल नासिक से डिस्चार्ज कराकर नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
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वीरेंद्र पासवान को मौत ही खींचकर नासिक ले गई थी। वह 20 अक्तूबर को गांव से निकला था। दूसरे दिन नासिक पहुंचा था। जिसके बाद 22 अक्तूबर को हादसा हो गया। मृतक लवलेश 14 अक्तूबर को गया था। लवलेश का हादसे में झुलसा अखिलेश सगा भाई है।
अलादातपुर गांव में शव आने के बाद संजय की पत्नी अनीता की हालत बिगड़ गई। उसे शहर के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। वह पति की मौत के सदमे से होश में नहीं आ सकी है। संजय को दीपावली पर घर लौटना था। वह करीब दो माह से नासिक में था।
हादसे में जान गवांने वाले मृतकों के परिवारों की आर्थिक हालत बेहद नाजुक है। परिवार के लोगों का मजदूरी ही सहारा है। हादसे की खबर के अलादातपुर गांव के ग्रामीणों, प्रधान और प्राथमिक विद्यालय के स्टाफ की मदद से शव गांव लाए जा सके। अलादातपुर गांव के मनोज मौर्या ने फेसबुक पर हादसे की पोस्ट डालकर लोगों से मदद मांगी। संजय के चचेरे भाई शैलेंद्र ने बताया कि एंबुलेंस का खर्च 35 से 40 हजार आया है।