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ललौली में अचानक उफनाई यमुना
अमर उजाला/फतेहपुर
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:37 AM IST
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उफनाई यमुना नदी।
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दोपहर के बाद से शाम तक करीब दो मीटर पानी ऊपर आ गया है। मुत्तौर-ललौली मार्ग के ऊपर से यमुना नदी का पानी बहने लगा है। लोग नाव से पार होकर निकल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना कि अगर इसी रफ्तार से यमुना नदी का पानी बढ़ता रहा तो रातभर में बांदा जाने वाले हाईवे मार्ग पर पानी आ जाएगा।
लगातार एक सप्ताह से हुई तेज बारिश से यमुना नदी व नालों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। अचानक केन नदी का जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी उफना गई है। मुत्तौर-ललौली मार्ग के ऊपर पानी आने से वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। अब चार पहिया वाहनों को बहुआ होकर घूम कर आना पड़ रहा है। बाइक सवार और पैदल राहगीर नाव से पार हो रहे हैं। बाढ़ और तेज बहाव से तटवर्ती क्षेत्र में कटान भी तेज हो गया है।
तिरहार क्षेत्र के खेतों में पानी तेजी से चढ़ रहा है। इससे तिल, अरहर, उड़द, ज्वार की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। यमुना के बाढ़ से सैकड़ों गांव के किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। हालांकि यमुना नदी का पानी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है।
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लगातार एक सप्ताह से हुई तेज बारिश से यमुना नदी व नालों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। अचानक केन नदी का जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी उफना गई है। मुत्तौर-ललौली मार्ग के ऊपर पानी आने से वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। अब चार पहिया वाहनों को बहुआ होकर घूम कर आना पड़ रहा है। बाइक सवार और पैदल राहगीर नाव से पार हो रहे हैं। बाढ़ और तेज बहाव से तटवर्ती क्षेत्र में कटान भी तेज हो गया है।
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तिरहार क्षेत्र के खेतों में पानी तेजी से चढ़ रहा है। इससे तिल, अरहर, उड़द, ज्वार की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। यमुना के बाढ़ से सैकड़ों गांव के किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। हालांकि यमुना नदी का पानी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है।
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