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लीकेज सिलेंडर में विस्फोट, बचा परिवार
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:18 AM IST
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फटे सिलेंडर के टुकड़े दिखाती गीता देवी।
- फोटो : अमर उजाला
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जयरामनगर इलाके में चांदमारी मैदान स्थित एक घर में बुधवार दोपहर लीकेज गैस सिलेंडर में आग लगने के 20 मिनट बाद तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। सिलेंडर के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। गृहणी गीता देवी की सूझबूझ से जबरदस्त हादसे से परिवार के लोग सुरक्षित बच गए। पुलिस ने मौके की जांच पड़ताल की है।
इलाका निवासी दयाराम रैदास पंजाब में फौज की नौकरी करता है, उसकी पत्नी गीता देवी बेटे अखिलेश, अभिलाष व बेटी पूजा देवी के साथ रहती हैं। गीता देवी ने बताया कि पीएसी लाइन स्थित गैस एजेंसी से 16 जुलाई को अखिलेश गैस सिलेंडर लेकर आया था। दोपहर तीन बजे स्कूलों से बच्चे घर आए थे। गैस सिलेंडर खत्म हो गया था, उसने सील तोड़कर सिलेंडर चूल्हे पर लगाया। चूल्हा जलाते ही गैस रेग्यूलेटर के पास सिलेंडर में आग लग गई, उसने किसी तरह से सिलेंडर हटाया और जलता सिलेंडर चारदीवारी के अंदर मैदान में फेंका।
वह परिवार संग बाहर आ गई। उसकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग आए। लोगों ने पुलिस व दमकल को खबर दी। 20 मिनट तक सिलेंडर जलने के बाद विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर होश उड़ गए। सिलेंडर के टुकड़े मोहल्ले में दूर जा गिरे। दमकल के आने पर घर के अंदर पहुंचे। सिलेंडर के टुक ड़े से दीवार दरार आ गई। पर्दे जल गए और खिड़की का कांच टूटा है।
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सिलेंडर निकालने में देरी होती तो खतरे में पड़ जाती जानें- फौजी की पत्नी गीता देवी गृहणी हैं। उनका बड़ा बेटा अखिलेश बीएससी का छात्र है। वहीं बेटी पूजा बीटीसी की ट्रेनिंग कर रही है। छोटा बेटा अभिलाष इंटर का छात्र है। परिवार के सभी लोगों की जान बचाने में गृहणी की सूझबूझ काम आई, उसने बड़ी हिम्मत के साथ खुद सिलेंडर निकाल मकान के बाहर फेंका।
अगर वह आसपास के लोगों का इंतजार करती तो देर हो जाती। यह हादसा मकान के अंदर होता जाता तो शायद अनहोनी हो सकती थी। दूसरी सूझबूझ यह रही कि परिवार के लोग सिलेंडर छोड़कर घर से बाहर निकल आए थे। कई बार ऐसे हादसे में सिलेंडर के आसपास ही लोग आग बुझाने की कोशिश करते रहते हैं।
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इलाका निवासी दयाराम रैदास पंजाब में फौज की नौकरी करता है, उसकी पत्नी गीता देवी बेटे अखिलेश, अभिलाष व बेटी पूजा देवी के साथ रहती हैं। गीता देवी ने बताया कि पीएसी लाइन स्थित गैस एजेंसी से 16 जुलाई को अखिलेश गैस सिलेंडर लेकर आया था। दोपहर तीन बजे स्कूलों से बच्चे घर आए थे। गैस सिलेंडर खत्म हो गया था, उसने सील तोड़कर सिलेंडर चूल्हे पर लगाया। चूल्हा जलाते ही गैस रेग्यूलेटर के पास सिलेंडर में आग लग गई, उसने किसी तरह से सिलेंडर हटाया और जलता सिलेंडर चारदीवारी के अंदर मैदान में फेंका।
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वह परिवार संग बाहर आ गई। उसकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग आए। लोगों ने पुलिस व दमकल को खबर दी। 20 मिनट तक सिलेंडर जलने के बाद विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर होश उड़ गए। सिलेंडर के टुकड़े मोहल्ले में दूर जा गिरे। दमकल के आने पर घर के अंदर पहुंचे। सिलेंडर के टुक ड़े से दीवार दरार आ गई। पर्दे जल गए और खिड़की का कांच टूटा है।
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सिलेंडर निकालने में देरी होती तो खतरे में पड़ जाती जानें- फौजी की पत्नी गीता देवी गृहणी हैं। उनका बड़ा बेटा अखिलेश बीएससी का छात्र है। वहीं बेटी पूजा बीटीसी की ट्रेनिंग कर रही है। छोटा बेटा अभिलाष इंटर का छात्र है। परिवार के सभी लोगों की जान बचाने में गृहणी की सूझबूझ काम आई, उसने बड़ी हिम्मत के साथ खुद सिलेंडर निकाल मकान के बाहर फेंका।
अगर वह आसपास के लोगों का इंतजार करती तो देर हो जाती। यह हादसा मकान के अंदर होता जाता तो शायद अनहोनी हो सकती थी। दूसरी सूझबूझ यह रही कि परिवार के लोग सिलेंडर छोड़कर घर से बाहर निकल आए थे। कई बार ऐसे हादसे में सिलेंडर के आसपास ही लोग आग बुझाने की कोशिश करते रहते हैं।