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एक को जानो, एक को मानो और एक हो जाओ
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sat, 14 May 2016 12:19 AM IST
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प्रार्थना करते निरंकारी समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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अंतर्राष्ट्रीय समागम में हिस्सा लेने कनाडा गए निरंकारी मिशन के मुखिया बाबा हरदेव के निधन ने अनुयायियों को झकझोर कर रख दिया। सड़क हादसे में शांतिदूत की मौत की खबर मिलते ही जगह-जगह सुमिरन पाठ शुरू हो गए। बाबा के बताए रास्ताें पर उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया गया।
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ब्रह्मज्ञान देकर सारे संसार को एक सूत्र में पिरोने का काम करने वाले बाबा हरदेव प्रसाद के अनुयायियों ने शोक सभाएं अश्रुपूरित माहौल में की। उन्हें याद किया, उनके साथ के संस्मरण याद किए। शहर के कलक्टरगंज स्थित एक पैलेस में निरंकारी मिशन की स्थानीय शाखा ने सुमिरन पाठ किया।
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शाखा के मुखी राज बहादुर सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सर्व समाज के लिए जिए। उन्होंने ज्ञान को बढ़ावा देने के साथ समाज को भाईचारे की मजबूत डोर से बांधने का भरसक प्रयास किया। उनका जीवन दर्शन ही था कि देश से लेकर विदेशी धरती में भी उनका संदेश सुनने के लिए न सिर्फ लोग जुटते रहे बल्कि उस पर अमल करने के भी संकल्प लिए।
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इसके अलावा राम भरोसे, देवेंद्र सिंह, अशोक शुक्ला, यशपाल, राम नरेश, रामदास, एसपी सिंह ने भी बाबा के जीवन पर रोशनी डाली। चौडगरा स्थित बैंक आफ इंडिया के बगल में स्थित संत निरंकारी मिशन हॉल में बिंदकी शाखा के मुखी रामबली ने पांच मिनट के सुमिरन पाठ के बाद बाबा हरदेव के जीवन पर रोशनी डाली।
कहा कि मानवता का संदेश देते हुए सारे जहां में सुख और शांति कायम करने की दिशा में काम किया। इस घड़ी में राधेकृष्ण यादव, पवन सनेही, राम शंकर, सुलेखा, रामा, चंद्रकली मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसी प्रकार संत निरंकारी मिशन शाखा खागा के मुखी रमेश जौहरी ने नगर पंचायत कैंपस में सुमिरन पाठ किया।
पाठ के दौरान जुटे अनुयायियों की आंखें बाबा की मौत की मौत को याद कर रह रह कर भर जाती रहीं। बाबा हरदेव के हजारों अनुयायियों को इस बात का मलाल है कि जिले में उनका सत्संग नहीं सुन सके। बिंदकी शाखा के संचालक राधे कृष्ण यादव कहते हैें कि तीन साल पहले कानपुर जाते वक्त बाबा को रोक कर स्वागत किया गया था।
तब उन्होंने अगली बार आने को कहा था। बिंदकी शाखा के मुखी रामबली भी बाबा के अगली बार फतेहपुर आने के मिले आश्वासन को याद कर बोले, अब बाबा के दिखाए मार्ग पर चल कर समाज को नई दिशा देंगे।