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जाम से निजात नहीं, 5 साल से लटका काम
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:47 AM IST
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बिंदकी में लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
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छुटभैये नेता प्रशासनिक अमले पर भारी पड़ गए हैं। उनकी वजह से चार सौ मीटर का निर्माण कार्य रुका पड़ा है। प्रशासन चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा। ऐसे में सात करोड़ रुपये लगने के बाद भी बाईपास का निर्माण पांच साल से लटका है।
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बिंदकी नगर के बीच से बांदा सागर हाईवे के निकलने के कारण राताें-दिन बड़े व छोटे वाहनों की कतार रहती है। इस वजह से अक्सर जाम लगता है। शुक्रवार को भी बांदा सागर हाईवे के मुख्य मार्ग गांधी चौराहे से लेकर तहसील रोड, अंबेडकर चौराहा, ललौली रोड एवं मुगलरोड में लंबा जाम लगा। जाम ने राहगीराें व पुलिस के पसीने छुड़ा दिए।
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जाम इतना अधिक था कि सीरियस मरीज को बांदा से कानपुर ले जा रही एंबुलेंस भी काफी देर फंसी रही। पुलिस फोर्स के साथ साथ पहुंचे कोतवाल राजेश सिंह चौहान को लाठी पटककर जाम खुलवाना पड़ा। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन ने बाईपास का निर्माण कराने के लिए आठ करोड़ 50 लाख रुपये मंजूर किए थे।
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2011 में शुरू हुए चार किलोमीटर बाईपास के निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। मात्र चार सौ मीटर कार्य पांच वर्षों से लटका है। शासन की मंशा इस बाईपास का निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा कराकर वर्ष 2013 में ही लोकार्पण कराने की थी। इन सबके बावजूद अब जिला व बिंदकी प्रशासन अपने को असहाय महसूस कर रहा है।
एसडीएम जेएन सचान ने बताया कि बिंदकी बाईपास का रुका मात्र चार सौ मीटर का निर्माण पूरा कराने में कुछ छुटभैये सफेदपोश नेता रोड़ा बने है। सैकड़ों किसानों ने कृषि भूमि के सर्किल रेट पर पांच वर्ष पहले पीडब्लूडी के पक्ष में बाई पास बनने के लिए अपनी भूमि का बैनामा कर दिया था।
इन छुटभैये नेता समेत कुछ की चार सौ मीटर भूमि भी इसी जद में आती है। जिस कारण वह कृषि भूमि के सर्किल रेट में नहीं, बल्कि प्लाटों के रेट पर बैनामा करने की जिद पर अड़े है। पीडब्लूडी के अधिकारियों के साथ कई बार इनकी बैठक की गई है, लेकिन बात न बनने से रुका काम शुरू नहीं हो सका है।
बिंदकी बाईपास का रुका निर्माण पूरा कराने के लिए एक छुटभैया नेता रोड़ा बना है। उसके साथ, किसानों और पीडब्लूडी अफसरों ने कई बार बैठक की पर बात नहीं बनी। प्रशासन किसानों को मनाने की पूरी कोशिश कर रहा है। किसानों को चाहिए कि वे किसी के बहकावे में नहीं आएं। बाईपास बनने से उन्हें भी बहुत लाभ होगा।-जेएन सचान, एसडीएम बिंदकी