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14 को लगेगा रक्तदान शिविर

Tue, 07 Jun 2016 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Tue, 07 Jun 2016 12:37 AM IST
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It will take 14 to camp
व्हाट्सऐप पर ब्लड बैंक बनाने वाले बटाला के पारस जुल्का - फोटो : फाइल फोटो

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस पर सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें हर बार की तरह राजनैतिक व गैर राजनैतिक संगठन बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे।

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अमर उजाला फाउंडेशन का यह सातवां रक्तदान शिविर लगने जा रहा है। पहला कैंप विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब के जवान की खून की कमी से हुई मौत के बाद लगाया गया था। इसके बाद यह सिलसिला चल पड़ा है।
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विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर लगाने के फैसले का हर वर्ग ने स्वागत किया है। जिला उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा कहते हैं कि अमर उजाला फाउंडेशन हमेशा से सामाजिक सरोकार से जुड़कर काम करता रहा है।
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यह फाउंडेशन की ही पहल का नतीजा है कि खून की कमी का सामना करना वाले सरकारी ब्लड बैंक के दिन अब पहले जैसे नहीं हैं। नेहरू युवा संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र साहू का कहना है कि खून किसी फैक्ट्री में नहीं बनता।

सक्षम शख्स को चाहिए कि वह अपने खून के कतरे का मोल समझे और अमर उजाला फाउंडेशन की जिंदगी बचाने से जुड़ी इस मुहीम का हिस्सा बने। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ गुड्डा ने फाउंडेशन के रक्तदान शिविर को समय की दरकार बताई।

सीएमओ डा. विनय कुमार पांडेय ने अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविरों को संजीवनी करार दिया। कहा कि अमर उजाला के इस काम में आगे आने के बाद लोगाें में दूसरों की जिंदगी बचाने का जज्बा जगा है।

क्या आपको पता है........
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 14 जून 1997 से विश्व रक्तदान दिवस की शुरूआत की थी। इस दिवस को कार्ल लेंडस्टाइनर नामक आस्ट्रेलियाई जीव वैज्ञानिक और भौतिकी विद् की याद में मनाया जाता है। लेंडस्टाइनर का जन्म 14 जून 1868 को हुआ था, जबकि 26 जून 1943 को उनकी मृत्यु हुई थी। सन 1930 में शरीर विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लेंडस्टाइनर ने रक्त में अग्गुल्युटिनिन की मौजूदगी के आधार पर रक्त के अलग-अलग समूहों का वर्गीकरण किया था।


कौन कर सकता है रक्तदान, क्या हैं रक्तदान से लाभ
-कोई भी शख्स जिसकी उम्र 16 से 60 वर्ष के बीच है, वजन 45 किलोग्राम से ज्यादा है। एचआईवी संक्रमित नहीं है। हेपटाइटिस-बी और सी की बीमारी नहीं है। वह रक्तदान कर सकता है।
- एक शख्स 350 मिलीग्राम रक्त दे सकता है। जिसकी भरपाई 24 घंटे में हो जाती है। जबकि गुणवत्ता की पूर्ति होने में 21 दिन का समय लगता है।
- नियमित रक्तदान करने से हृदय संबंधी बीमारी नहीं होती है।
- रक्तदान की संरचना में समाहित रेड सेल तीन महीने मेें मर जाते हैं। ऐसे में तीन महीने में रक्तदान किया जा सकता है।
- आधा लीटर रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है।

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