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सड़क के लिए लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
Updated Wed, 25 May 2016 01:55 AM IST
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जोनिहा चौराहे पर सड़क जाम करते जनहित संघर्ष समिति के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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पहले मांगे पूरी करो, तभी खुलेगा जाम। बहुत हो चुका लालीपॉप- अब पहले होगा काम। सड़क न बनने से परेशान जनता यह नारे लगाते हुए मंगलवार को सुबह ही सड़क पर उतर आई। सड़क जाम से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस आई तो जनता के तेवर देख पीछे हट गई। कुछ ही देर में अफसरों की फौज उतरने लगी और आश्वासनों का दौर शुरू हुआ। काफी समझाने के बाद पांच घंटे बाद सड़क जाम खुल सका। साथ ही प्रदर्शन करने वालों ने एलान किया कि यदि कुछ नहीं हुआ तो अगले प्रदर्शन में केंद्रीय राज्यमंत्री के आवास पर बेमियादी धरना देंगे।
राधानगर- जोनिहा चौराहे से नउवाबाग तक खस्ताहाल सड़क निर्माण के लिए जनहित संघर्ष समिति ने लंबी चुप्पी के बाद एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अध्यक्ष बशीर अहमद और अनुराग नारायण पुत्तन मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में मंगलवार को सैकड़ों लोग जोनिहा चौराहा पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। सड़क जाम होने से अफरातफरी का माहौल हो गया। सड़क के दोनाें ओर ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सुबह से शुरू हुए जाम पर दोपहर में एसडीएम सदर विवेक श्रीवास्तव व सीओ सिटी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया।
एसडीएम ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग एनएच के अंतर्गत आती है। एनएच विभाग केंद्र सरकार के अंडर में है, उसके लिए नौ करोड़ का इस्टीमेट भेजा जा चुका है। पैसा आते ही सड़क निर्माण चालू करा दिया जाएगा। जब तक सड़क निर्माण नहीं चालू होता। इस मार्ग पर पैचिंग का कार्य किया जाएगा। दो दिन बाद भारी वाहनों के इंट्री पर रोक लगा दी जाएगी। सिर्फ रात दस से सुबह छह बजे तक इस रोड में भारी वाहन चल सकेंगे। एसडीएम के आश्वासन के बाद चक्का जाम खुल सका।
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कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक अनुराग उर्फ पुत्तन मिश्रा ने कहा कि दस दिन के अंदर सड़क निर्माण चालू नहीं हुआ तो केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के आवास के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
चक्का जाम में पूर्व सभासद दिनेश तिवारी खलीफा, राजन तिवारी, ज्ञानेंद्र सचान, विष्णु पांडेय, अरुण यादव, नन्हू यादव, पप्पू शुक्ला, सरताज अहमद, अजय मिश्रा, इस्माइल अहमद, उमाकांत अवस्थी, जैद अहमद, बब्लू शुक्ला, मनीष पटेल, संतू तिवारी, राजेश साहनी, नीरज पासवान, अभिषेक गौतम, साहिद, राजा गुप्ता, बबूल द्विवेदी, रोहित त्रिपाठी, विक्की सिंह, धर्मेंद्र यादव, शिवम अग्निहोत्री मौजूद रहे।
बोले: जिलाधिकारी-- जिलाधिकारी राजीव रौतेला का कहना है कि मैंने खुद इस मार्ग पर सफर कर जनता की परेशानी महसूस की है। इसे बनाने के लिए उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है। नौ करोड़ रुपये से मार्ग को बनाने का भरोसा मिला है। एनएच अफसरों का कहना है कि नया बाईपास कोराई मोड़ के पास स्वीकृत हुआ है। इसका काम शुरू होने के छह-सात माह में पूरा कर लिया जाएगा।
रोड बनाने की स्वीकृति बाईपास की है। ऐसे में बांदा-सागर मार्ग का केवल मरम्मत कराया जा सकता है। बाईपास बनने के बाद तो समस्या खुद हल हो जाएगी। गुरुवार से रात 10 से छह बजे तक नो इंट्री रहेगी। इसके लिए हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट और महोबा को भी पत्र भेजा गया है।
आश्वासन का झुनझुना कब तक- फतेहपुर। राधानगर जोनिहा चौराहे से नउवाबाग तक खस्ताहाल सड़क बनवाने के लिए आखिर जिम्मेदार लोग क्यों गंभीर नहीं है। जनता कई बार आवाज बुलंद कर चुकी है, लेकिन मिलता है सिर्फ आश्वासन का झुनझुना। पहले चेतावनी, फिर अनशन, भूख हड़ताल और अब सड़क जाम। संघर्ष समिति की मानें तो अभी भी आश्वासन ही मिला है।
बता दें कि सड़क निर्माण के लिए जनहित संघर्ष समिति ने चार जनवरी को पहला आंदोलन छेड़ा था। जनहित का मामला देखते हुए अमर उजाला ने भी जनता की आवाज को प्रमुखता से छापा। उनकी दिक्कत बयां की।
15 जनवरी को भूख हड़ताल कर रहे लोगों को जूस पिलाकर केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मनाया था। कहा था कि केंद्र से जल्द बजट पास कराकर मार्ग का निर्माण कराउंगी। चार माह बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट होने पर चुनावी वर्ष के चलते सदर विधायक विक्रम सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और जनता को भरोसा दिया कि जल्द काम शुरू होगा। करीब दो हफ्ते बीतने के बाद अब सब्र टूटने पर जनता सड़क पर उतरी।
बयान ---
‘जनहित संघर्ष समिति की मांग पूरी तरह जायज है, जिसका मैं समर्थन करती हूं। केंद्र सरकार ने बजट दे दिया है। अब प्रदेश सरकार हीलाहवाली बरत रही है। पुन: शासन को पत्र लिखेंगे। बिगड़ी व्यवस्था है सही होने में थोड़ा समय लगेगा। धरना प्रदर्शन से समस्या का हल होने वाला नहीं है।’
- साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय राज्यमंत्री।
‘सड़क निर्माण के लिए पिछले दिनों नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। सड़क बनाने का आश्वासन मिला था। जनहित संघर्ष समिति का आंदोलन बिल्कुल सही है। मैं दिल्ली में हूं, यदि फतेहपुर में होता तो मैं भी प्रदर्शन में शामिल होता। नौ करोड़ रुपये से काम शुरू होना है। एनएच के अफसर आरके पांडेय से बात हुई है। उनका कहना है कि केवल पैचवर्क तो कल से शुरू करा सकता हूं। पर, मैंने कहा कि नहीं सड़क को ऊंचा कर निर्माण होना चाहिए। भरोसा मिला है, जल्द काम शुरू होगा।’
- विक्रम सिंह, सदर विधायक।
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राधानगर- जोनिहा चौराहे से नउवाबाग तक खस्ताहाल सड़क निर्माण के लिए जनहित संघर्ष समिति ने लंबी चुप्पी के बाद एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अध्यक्ष बशीर अहमद और अनुराग नारायण पुत्तन मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में मंगलवार को सैकड़ों लोग जोनिहा चौराहा पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। सड़क जाम होने से अफरातफरी का माहौल हो गया। सड़क के दोनाें ओर ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सुबह से शुरू हुए जाम पर दोपहर में एसडीएम सदर विवेक श्रीवास्तव व सीओ सिटी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया।
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एसडीएम ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग एनएच के अंतर्गत आती है। एनएच विभाग केंद्र सरकार के अंडर में है, उसके लिए नौ करोड़ का इस्टीमेट भेजा जा चुका है। पैसा आते ही सड़क निर्माण चालू करा दिया जाएगा। जब तक सड़क निर्माण नहीं चालू होता। इस मार्ग पर पैचिंग का कार्य किया जाएगा। दो दिन बाद भारी वाहनों के इंट्री पर रोक लगा दी जाएगी। सिर्फ रात दस से सुबह छह बजे तक इस रोड में भारी वाहन चल सकेंगे। एसडीएम के आश्वासन के बाद चक्का जाम खुल सका।
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कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक अनुराग उर्फ पुत्तन मिश्रा ने कहा कि दस दिन के अंदर सड़क निर्माण चालू नहीं हुआ तो केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के आवास के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
चक्का जाम में पूर्व सभासद दिनेश तिवारी खलीफा, राजन तिवारी, ज्ञानेंद्र सचान, विष्णु पांडेय, अरुण यादव, नन्हू यादव, पप्पू शुक्ला, सरताज अहमद, अजय मिश्रा, इस्माइल अहमद, उमाकांत अवस्थी, जैद अहमद, बब्लू शुक्ला, मनीष पटेल, संतू तिवारी, राजेश साहनी, नीरज पासवान, अभिषेक गौतम, साहिद, राजा गुप्ता, बबूल द्विवेदी, रोहित त्रिपाठी, विक्की सिंह, धर्मेंद्र यादव, शिवम अग्निहोत्री मौजूद रहे।
बोले: जिलाधिकारी-- जिलाधिकारी राजीव रौतेला का कहना है कि मैंने खुद इस मार्ग पर सफर कर जनता की परेशानी महसूस की है। इसे बनाने के लिए उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है। नौ करोड़ रुपये से मार्ग को बनाने का भरोसा मिला है। एनएच अफसरों का कहना है कि नया बाईपास कोराई मोड़ के पास स्वीकृत हुआ है। इसका काम शुरू होने के छह-सात माह में पूरा कर लिया जाएगा।
रोड बनाने की स्वीकृति बाईपास की है। ऐसे में बांदा-सागर मार्ग का केवल मरम्मत कराया जा सकता है। बाईपास बनने के बाद तो समस्या खुद हल हो जाएगी। गुरुवार से रात 10 से छह बजे तक नो इंट्री रहेगी। इसके लिए हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट और महोबा को भी पत्र भेजा गया है।
आश्वासन का झुनझुना कब तक- फतेहपुर। राधानगर जोनिहा चौराहे से नउवाबाग तक खस्ताहाल सड़क बनवाने के लिए आखिर जिम्मेदार लोग क्यों गंभीर नहीं है। जनता कई बार आवाज बुलंद कर चुकी है, लेकिन मिलता है सिर्फ आश्वासन का झुनझुना। पहले चेतावनी, फिर अनशन, भूख हड़ताल और अब सड़क जाम। संघर्ष समिति की मानें तो अभी भी आश्वासन ही मिला है।
बता दें कि सड़क निर्माण के लिए जनहित संघर्ष समिति ने चार जनवरी को पहला आंदोलन छेड़ा था। जनहित का मामला देखते हुए अमर उजाला ने भी जनता की आवाज को प्रमुखता से छापा। उनकी दिक्कत बयां की।
15 जनवरी को भूख हड़ताल कर रहे लोगों को जूस पिलाकर केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मनाया था। कहा था कि केंद्र से जल्द बजट पास कराकर मार्ग का निर्माण कराउंगी। चार माह बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट होने पर चुनावी वर्ष के चलते सदर विधायक विक्रम सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और जनता को भरोसा दिया कि जल्द काम शुरू होगा। करीब दो हफ्ते बीतने के बाद अब सब्र टूटने पर जनता सड़क पर उतरी।
बयान ---
‘जनहित संघर्ष समिति की मांग पूरी तरह जायज है, जिसका मैं समर्थन करती हूं। केंद्र सरकार ने बजट दे दिया है। अब प्रदेश सरकार हीलाहवाली बरत रही है। पुन: शासन को पत्र लिखेंगे। बिगड़ी व्यवस्था है सही होने में थोड़ा समय लगेगा। धरना प्रदर्शन से समस्या का हल होने वाला नहीं है।’
- साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय राज्यमंत्री।
‘सड़क निर्माण के लिए पिछले दिनों नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। सड़क बनाने का आश्वासन मिला था। जनहित संघर्ष समिति का आंदोलन बिल्कुल सही है। मैं दिल्ली में हूं, यदि फतेहपुर में होता तो मैं भी प्रदर्शन में शामिल होता। नौ करोड़ रुपये से काम शुरू होना है। एनएच के अफसर आरके पांडेय से बात हुई है। उनका कहना है कि केवल पैचवर्क तो कल से शुरू करा सकता हूं। पर, मैंने कहा कि नहीं सड़क को ऊंचा कर निर्माण होना चाहिए। भरोसा मिला है, जल्द काम शुरू होगा।’
- विक्रम सिंह, सदर विधायक।