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अब एचआईवी पीड़ितों को कानपुर जाने की जरूरत नहीं
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फतेहपुर। जिले के एचआईवी पीड़ितों को इलाज के लिए कानपुर के एआरटी सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सदर अस्पताल में जगह का चयन कर तीन लोगों की तैनाती कर दी गई है। अब चिकित्सक की नियुक्ति बाकी है। यह नियुक्ति होते ही सेंटर काम शुरू कर देगा।
जिले में अब तक रोगियों की काउंसिलिंग की सुविधा के लिए आईसीटीसी ही था। काउंसलिंग के बाद पीड़ितों को कानपुर भेजा जाता था। एचआईवी पीड़ितों को भागदौड़ के साथ आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ता था। अब इस पर विराम लगने की तैयारी है।
नौ सितंबर को एआरटी सेंटर के लिए इंटरव्यू हो चुका है। 16 सितंबर को रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया है और 17 सितंबर को एक और 21 सितंबर को दो कार्मिकों की नियुक्ति भी हो चुकी है। चिकित्सक के लिए अभी कोई नाम सामने नहीं आया है।
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काउंसलर अतुल जायसवाल का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने से एचआईवी पीड़ितों को सहूलियत होगी। सीएमएस डॉ. प्रभाकर का कहना है कि लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स और एक काउंसलर नियुक्त कर लिया गया है।
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जिले में अब तक रोगियों की काउंसिलिंग की सुविधा के लिए आईसीटीसी ही था। काउंसलिंग के बाद पीड़ितों को कानपुर भेजा जाता था। एचआईवी पीड़ितों को भागदौड़ के साथ आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ता था। अब इस पर विराम लगने की तैयारी है।
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नौ सितंबर को एआरटी सेंटर के लिए इंटरव्यू हो चुका है। 16 सितंबर को रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया है और 17 सितंबर को एक और 21 सितंबर को दो कार्मिकों की नियुक्ति भी हो चुकी है। चिकित्सक के लिए अभी कोई नाम सामने नहीं आया है।
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काउंसलर अतुल जायसवाल का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने से एचआईवी पीड़ितों को सहूलियत होगी। सीएमएस डॉ. प्रभाकर का कहना है कि लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स और एक काउंसलर नियुक्त कर लिया गया है।