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हरी सब्जी के दाम कम, किसान चिंतित

Wed, 25 May 2016 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर Updated Wed, 25 May 2016 02:00 AM IST
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Green vegetable prices, farmers worried
हरी सब्जी की फसल - फोटो : अमर उजाला
हरी सब्जियों के दामों में गिरावट होने से किसान चिंतित है। किसानों को मंडी व फुटकर बाजार में सही दाम न लगने से सिंचाई, मजदूरों में खर्च किया गया रुपया भी नहीं निकल पा रहा है। खेतों में हरी भरी लहलहाती हरी सब्जी का सही दाम पाने के लिए आसपास के जिलों की मंडियों में भी किसान भाव निकाल रहा है, लेकिन कहीं सही भाव मिलने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं।
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तेज धूप और भीषण गर्मी में हरी सब्जी तैयार करने के लिए तीन-चार दिन में फसल की सिंचाई करनी पड़ती है। एक बीघा खेत में तीन से चार घंटे समय लगता है। नलकूपों से 125 से 150 प्रति घंटे में किराये का पानी मिलता है। सप्ताह में दो बार सिंचाई करनी पड़ती है और एक बार हरी सब्जी निकलती है।
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किसान रामेश्वर ने बताया कि एक बीघा मूली के फसल की बुआई की थी। मंडियो में मूली का सही दाम न मिलने की वजह से फसल को जोत दिया है। मलांव गांव के किसान रामदत्त लोधी ने बताया कि एक बीघा कद्दू की फसल है। पास के नलकूप से किराये में सिंचाई करानी पड़ती है। फुटकर बाजार में पांच रुपये प्रति किलो बिकता है। मजबूरी में सिंचाई करना ही बंद कर दिए हैं।
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 किसान रामकिशुन के अनुसार प्रकृति की मार से पहले ही गेहूं, धान की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। हरी सब्जी की फसल में परिवार का खर्च चलने की उम्मीद रही है। लागत से भी भाव कम मिलने पर वह भी आस खत्म हो गई। अब तो खेती करने से अच्छा है कि शहर, कस्बों में मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण किया जाए।
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