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गंगा-यमुना का जलस्तर घटा, फिर भी दहशत

Sun, 17 Jul 2016 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Sun, 17 Jul 2016 12:57 AM IST
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Ganga-Yamuna water level dropped, even panic
बारिश से यमुना नदी में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला
गंगा और यमुना के जलस्तर ने आसपास बसे गांवों के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। इन दोनों नदी का मौजूदा रूप देखकर लोग सशंकित हैं। बाढ़ की आशंका से तटवर्ती गांवों के लोग सुरक्षित ठिकाना खोजने लगे हैं। प्रशासन भी सुरक्षा के इंतजाम में जुट गया है। सुरक्षा की दृष्टि से 46 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बीमारियां फैलने की आशंका के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। पशुओं की हिफाजत के लिए भी प्रशासनिक तैयारियों को लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है।
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 शनिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज दो मिमी कम रहा। यमुना भी खतरे के करीब बहती दिखी। हालांकि दोनों नदियां शुक्रवार की अपेक्षा चंद मिलीमीटर ही घटी हैं। कई दिनों से यह दोनों नदियां खतरे की घंटी बजा रही हैं।
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पिछली बरसात में जिस प्रकार से जिले के दर्जनों गांवों के लोग बाढ़ के दौरान शरणार्थी जिंदगी जीने को मजबूर हुए हैं, उसे सोचकर यह सहम उठ रहे हैं। कौढ़िया गलाथा, आशापुर, भाऊपुर गुम्दापुर, बारा, ललौली, कोर्राकनक , जरौली के लोग सबसे ज्यादा सशंकित नजर आ रहे हैं। इनकी निगाहें गंगा और यमुना के पल पल घटते और बढ़ते जलस्तर पर टिकीं हैं।
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सदर तहसील क्षेत्र में आधा दर्जन बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। यह ललौली, कोर्रा, असनी, भिटौरा, जरौली, जमरांवा में खुली हैं, जिन पर लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारियों को लगाया गया है। इसी प्रकार से बिंदकी में 14 और खागा तहसील क्षेत्र में 16 बाढ़ चौकियां बनाईं गईं हैं। तहसील प्रशासन पल पल की खबर ले रहा है।

शुक्रवार को गंगा नदी खतरे के निशान से महज डेढ़ मिमी दूर थी, हालांकि इसमें आज गिरावट आई। शनिवार को 98.480 मिमी. जलस्तर रिकार्ड किया गया। हाल यह है कि नालों में गंगा नदी का पानी हिलोरे मारने लगा है। गंगा व पांडु नदी मिलने से आसपास के गांव नदियों के पानी से घिरने लगे हैं। पानी के बहाव से दरियापुर की ओर कटान तेज हो गया है।


यही हाल यमुना का है। यमुना नदी में 93.65 मिमी पर पानी बह रहा है, जो खतरे के निशान से सात मीटर नीचे हैं। इसमें क्षेत्र के गिरधरपुर, धाना, गढ़ीवा, मझगवां, जरौली, पल्टू का पुरवा, दतौली, कोर्रा कनक, ओती, दसौली, गुरौली, अढ़ौली, ललौली, कोढ़ार और रेंय गांव में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इन गांव के किसानों की तिल और अरहर की फसलों का काफी नुकसान हो गया है।


गिरधरपुर गांव के किसान रमेश, रामसेवक ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव के किनारे तक आ गया है। यमुना पटरी क्षेत्र के फसल पानी से बर्बाद हो गई है। उधर, एडीएम आलोक सिंह कहते हैं कि गंगा और यमुना नदी अभी खतरे से बाहर है। बाढ़ से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए गए है। प्रशासनिक टीमें मुस्तैद हैं।  




सुबह-शाम बारिश, दोपहर को उमस- फतेहपुर। शनिवार को मानसून आंख मिचौली का खेल करता रहा। सुबह काफी देर बरसात होती रही, फिर दोपहर में तेज धूप निकल आई। इससे लोग उमस के मारे बेहाल हो गए। खासकर बिजली कटौती होने से सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत खराब रही। शाम को फिर बरसात शुरू हो गई। बारिश का मजा लेने के लिए यूथ लॉबी भीगते हुए राइडिंग को निकल पड़ी। कई स्थानों पर झमाझम बरसात होने से वहां पर जलभराव हो गया।
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