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गंगा और यमुना की बाढ़ से सहमे तटवर्ती इलाके वाले

Sat, 20 Aug 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Sat, 20 Aug 2016 01:40 AM IST
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Ganga and Yamuna flood struck the coastal area
पुल के ऊपर से बहता पानी और निकलते लोग। - फोटो : अमर उजाला
लगातार हो रही बारिश से गंगा और यमुना के साथ जिले की पांडु और ससुर खदेरी नदी उफना गई हैं। यमुना नदी से जुडे़ कई नाला भी बाढ़ की आगोश में हैं। तटवर्ती क्षेत्र के सैकड़ों गांव का मुख्यालय व कस्बों से संपर्क टूट गए है। लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गंगा नदी में खतरे का निशान 100.860 मीटर के सापेक्ष 100.440 मीटर पर पानी बह रहा है। इसी प्रकार यमुना नदी में 103 मीटर के सापेक्ष 97.100 मीटर पर पानी है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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जिले की पांडु नदी में गंगा नदी के उफान का पानी चढ़ गया है। इससे पांडु नदी का बहाव रुक गया है। बाढ़ का पानी खेतों और गांवों की ओर चढ़ने लगा है। पांडु नदी के तटवर्ती एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बाढ़ से फसलें तो पहले ही तबाह हो गई हैं। लगातार बारिश से लोगों को घर गिरने का भय सताने लगा है।
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बेनीखेड़ा गांव के लोग कानपुर के सिकठिया से आवागमन कर रहे हैं। इसी प्रकार यमुना नदी के बाढ़ से जिले की ससुर खदेरी नदी और आधा दर्जन नाला उफना गए हैं। ससुर खदेरी उफनाने से कोट-खखरेरू मार्ग के पुल पर पानी भर गया है। लोग नाव से निकल कर कस्बा और मुख्यालय आते हैं। दरियापुर गांव के अकरम खान, नब्बू अली, नवी अहमद, कोट प्रधान मशर्रत अली और गाजीपुर प्रधान रामचंद्र यादव, ने बताया कि बाढ़ के चलते पुल से आवागमन पूरी तरह से बंद है। सबसे अधिक समस्या बच्चों को स्कूल आने जाने में होती है। नाव से आने जानें में डरते हैं। प्राइमरी से इंटर मीडिएट की कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थित कम हो रही है।
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ससुर खदेरी नदी में बाढ़ से प्रभावित गांव- कोट, खरखर, चदनमऊ, मदसूदनपुर, दौलतपुर, दरियापुर, बरार, गाजीपुर आदि हैं।


पांडु नदी के बाढ़ से प्रभावित गांव- अभयपुर, आशापुर, गलाथा, नयापुरवा, दरियापुर, बागंर, कटरी, बेनीखेड़ा, जाडे़ का पुरवा, बंबुरीखेड़ा, बड़ाखेड़ा, मल्हूखेड़ा, चंदनहा, कालीकुंडी, बेरी नारी, रामघाट, कलकत्ता फार्म , बिंदकी फार्म, रानीपुर, अवसेरीखेड़ा




एक फुट पानी बढ़ा तो डूबेंगे पांच गांव- औंग(बिंदकी) गंगा नदी में आई बाढ़ में यदि एक फुट पानी और बढ़ गया तो औंग थाना क्षेत्र रामघाट, बेरीनारी, सदनहा, कालीकुंडी, बिंदकी फार्म आदि गांव डूब जाएंगे। हालांकि यहां के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बांस लगा दिया है। जलस्तर बढ़ने पर वह अपने आप गांव खाली कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएंगे। इनका कहना है कि बाढ़ चौकियाें सिर्फ कागजों पर बनी है, उनमें कोई कर्मचारी तक नहीं है और नावें व सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं हैं।


इनका कहना है कि वह शासन-प्रशासन के भरोसे नहीं रहते है, अपनी व्यवस्था स्वयं रखते है। काली कुंडी, बेनी खेड़ा के लोगाें ने अपने मकान खाली करना शुरू कर दिया है। यह अपना डेरा दरियापुर बांगर में डालना शुरू कर दिया है। 
   

वर्जन-- अभी सभी गांव खतरे के बाहर है। इसके बावजूद पहले से बाढ़ चौकियों में टीमें लगा दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किराए पर नाव रख ली गई हैं। बाढ़ की चपेट में गांव के आने की स्थित में गांव खाली कराने के लिए राजस्व क र्मियों के साथ होशियार नाविकों को उनका मेहनताना देकर लगाया जाएगा।  जेएन सचान, एसडीएम बिंदकी।


वर्जन-- नदियों के उफान आने की रिपोर्ट पर ही बाढ़ चौकियों को अलर्ट का दिया गया है। लगातार तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। लेखपाल, कानूनगो से हर दिन की रिपोर्ट ली जा रही है। अमित भट्ट, एसडीएम खागा।
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