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शौचालय की दीवार गिरने से मासूम बच्चे की मौत
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हादसे के बाद बिलखती मां रेखा। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
खागा। शौचालय निर्माण में बरती गई अनियमितता ने सोमवार को एक बच्चे की जान ले ली। संग्रामपुर (नरवा) में आंगन में खेल रहे दो मासूम भाईयों पर शौचालय की दीवार अचानक आ गिरी।
इसमें एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरा मामूली रूप से जख्मी हो गया। हादसा देखकर बच्चे की मां बेहोश हो गई। सूचना पर राजस्व कर्मचारी व पुलिस मौके पर पहुंची।
संग्रामपुर (नरवा) गांव निवासी सुरेश कोरी अहमदाबाद में रहता है। घर में उसकी पत्नी रेखा देवी, पुत्र अजय उर्फ सनी (6), विजय उर्फ मुन्ना (5) व बेटी पारुल (7) रहती है। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे सनी और मुन्ना घर के आंगन में चटाई बिछाकर खेल रहे थे।
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आंगन के एक किनारे शौचालय बना हुआ था, जिसमें छत नहीं थी। इसकी अचानक एक दीवार दोनों भाईयों पर आ गिरी। मलबा सिर में गिरने से अजय उर्फ सनी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि विजय उर्फ मुन्ना बाल-बाल बच गया।
उसे मामूली खरोंच लगी। दीवार गिरने की आवाज सुनकर रेखा आंगन में पहुंची और बेटे को मलबे से बाहर निकाला। उसने बेटे का सिर कुचला देखा, तो वह बेहोश हो गई। इस बीच गांव के लोग भी पहुंच गए।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना तहसील प्रशासन व पुलिस को दी। इंस्पेक्टर खागा आनंद प्रकाश शुक्ल व लेखपाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर घटना से घर में कोहराम मचा हुआ है।
पटसेम ईंटों का प्रयोग मसाले का पता नहीं
संग्रामपुर गांव में जिस शौचालय की दीवार गिरी वह पूर्व प्रधान के कार्यकाल में बनाया गया था। इतना ही नहीं बताया गया कि यह शौचालय एक ठेकेदार ने बनाया गया।
गांव में अन्य लोगों के शौचालय भी ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत बनाए गए थे। दीवार गिरने के बाद पता चला कि इसमें पटसेम ईंट (घटिया ईंट) का प्रयोग किया गया था और सीमेंट केवल नाम की थी। शौचालय पूर्व प्रधान ने करीब एक साल पहले बनवाया था।
केवल दीवार बनाई, छत खुली छोड़ी
आंगन के एक कोने में शौचालय बनाया गया। ठेकेदार को यह पता था कि आंगन में कोई जांच नहीं होने वाली है। इसलिए शौचालय की चार दीवारों में केवल एक दीवार बनाई गई। बाकी दो दीवारें घर की प्रयोग कर ली गई। इतना ही नहीं शौचालय की छत तक नहीं बनाई गई।
अचानक गिरी दीवार, कराएं जांच
संग्रामपुर गांव में सुरेश कोरी के घर का आंगन छोटा सा है। शौचालय के बगल में ही दोनों बच्चे धूप में बैठकर खेल रहे थे। परिजन व ग्रामीणों ने बताया कि दीवार अचानक गिर गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि दीवार बनाने में अनियमितता बरती गई। जिसका खामियाजा परिवार ने अपना एक सदस्य खोकर चुकाया है। ग्रामीणों ने घटना की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूर्व प्रधान व निर्माण कराने वाले ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पट्टी खाने के लिए मांग रहा था पैसा
बेटे की मौत से बेसुध हुई रेखा देवी जब होश में आई, तो उसने बताया कि दोनों भाई खेल रहे थे। अजय कहा रहा था कि उसे गुड़ से बनने वाली पट्टी खानी है। वह पैसा निकालने के लिए कमरे में गई और हादसा हो गया।
घटना जानकारी में नहीं है। टीम बनाकर इसकी जांच कराई जाएगी। शौचालय की छत किन परिस्थितियों में नहीं बनाई गई और निर्माण सामग्री कैसी है, इसकी जांच होगी। जो भी दोषी होंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। - उज्जवल कुमार सिंह, बीडीओ विजयीपुर
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इसमें एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दूसरा मामूली रूप से जख्मी हो गया। हादसा देखकर बच्चे की मां बेहोश हो गई। सूचना पर राजस्व कर्मचारी व पुलिस मौके पर पहुंची।
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संग्रामपुर (नरवा) गांव निवासी सुरेश कोरी अहमदाबाद में रहता है। घर में उसकी पत्नी रेखा देवी, पुत्र अजय उर्फ सनी (6), विजय उर्फ मुन्ना (5) व बेटी पारुल (7) रहती है। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे सनी और मुन्ना घर के आंगन में चटाई बिछाकर खेल रहे थे।
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आंगन के एक किनारे शौचालय बना हुआ था, जिसमें छत नहीं थी। इसकी अचानक एक दीवार दोनों भाईयों पर आ गिरी। मलबा सिर में गिरने से अजय उर्फ सनी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि विजय उर्फ मुन्ना बाल-बाल बच गया।
उसे मामूली खरोंच लगी। दीवार गिरने की आवाज सुनकर रेखा आंगन में पहुंची और बेटे को मलबे से बाहर निकाला। उसने बेटे का सिर कुचला देखा, तो वह बेहोश हो गई। इस बीच गांव के लोग भी पहुंच गए।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना तहसील प्रशासन व पुलिस को दी। इंस्पेक्टर खागा आनंद प्रकाश शुक्ल व लेखपाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर घटना से घर में कोहराम मचा हुआ है।
पटसेम ईंटों का प्रयोग मसाले का पता नहीं
संग्रामपुर गांव में जिस शौचालय की दीवार गिरी वह पूर्व प्रधान के कार्यकाल में बनाया गया था। इतना ही नहीं बताया गया कि यह शौचालय एक ठेकेदार ने बनाया गया।
गांव में अन्य लोगों के शौचालय भी ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत बनाए गए थे। दीवार गिरने के बाद पता चला कि इसमें पटसेम ईंट (घटिया ईंट) का प्रयोग किया गया था और सीमेंट केवल नाम की थी। शौचालय पूर्व प्रधान ने करीब एक साल पहले बनवाया था।
केवल दीवार बनाई, छत खुली छोड़ी
आंगन के एक कोने में शौचालय बनाया गया। ठेकेदार को यह पता था कि आंगन में कोई जांच नहीं होने वाली है। इसलिए शौचालय की चार दीवारों में केवल एक दीवार बनाई गई। बाकी दो दीवारें घर की प्रयोग कर ली गई। इतना ही नहीं शौचालय की छत तक नहीं बनाई गई।
अचानक गिरी दीवार, कराएं जांच
संग्रामपुर गांव में सुरेश कोरी के घर का आंगन छोटा सा है। शौचालय के बगल में ही दोनों बच्चे धूप में बैठकर खेल रहे थे। परिजन व ग्रामीणों ने बताया कि दीवार अचानक गिर गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि दीवार बनाने में अनियमितता बरती गई। जिसका खामियाजा परिवार ने अपना एक सदस्य खोकर चुकाया है। ग्रामीणों ने घटना की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूर्व प्रधान व निर्माण कराने वाले ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पट्टी खाने के लिए मांग रहा था पैसा
बेटे की मौत से बेसुध हुई रेखा देवी जब होश में आई, तो उसने बताया कि दोनों भाई खेल रहे थे। अजय कहा रहा था कि उसे गुड़ से बनने वाली पट्टी खानी है। वह पैसा निकालने के लिए कमरे में गई और हादसा हो गया।
घटना जानकारी में नहीं है। टीम बनाकर इसकी जांच कराई जाएगी। शौचालय की छत किन परिस्थितियों में नहीं बनाई गई और निर्माण सामग्री कैसी है, इसकी जांच होगी। जो भी दोषी होंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। - उज्जवल कुमार सिंह, बीडीओ विजयीपुर

दोयम दर्जे की सीमेंट व ईंट से बने शौचालय का मलबा। संवाद- फोटो : FATEHPUR

घर के आंगन में खड़े गांव के लोग। संवाद- फोटो : FATEHPUR