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तालाब में डूबने से वृद्धा की मौत पर चक्काजाम
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तालाब किनारे ग्रामीणों की लगी भीड़। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
खागा। नौबस्ता रोड नयापुरवा गांव के सामने नगर पंचायत के खोदवाए गए तालाब में डूबने से एक वृद्धा की मौत हो गई। पुलिस ने शव निकालने का प्रयास किया, तो आक्रोशित लोगों ने नौबस्ता रोड पर जाम लगा दिया।
पुलिस ने किसी तरह से जाम खुलवाया तो शव निकालने को लेकर ग्रामीणों ने नोकझोंक की। करीब दो घंटे की मेहनत के बाद पुलिस शव कब्जे में ले सकी।
खागा कोतवाली के नयापुरवा गांव की रहने वाली शिवरानी (80) मंगलवार सुबह नौ बजे घर से खेतों की ओर निकली थी। दोपहर में उनकी पोती नीलम खेतों पर पहुंची तो दादी शिवरानी नहीं मिली।
खेत के बगल स्थित नगर पंचायत के तालाब में उसने झांककर देखा तो पानी में उसकी दादी का शव उतरा रहा था। यह देख उसने घर जाकर परिजनों को सूचना दी, तो गांव के लोग जमा हो गए।
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खबर मिलने पर कस्बा इंचार्ज राजीव सिंह मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकालने के लिए कहा तो लोग नाराज हो गए और मौके पर चेयरमैन खागा, ईओ को बुलाने की मांग करते हुए नौबस्ता रोड पर जाम लगा दिया।
इससे हड़कंप मच गया। सूचना पर तहसीलदार शशिभूषण मिश्रा, सीओ जीडी मिश्रा मौके पर पहुंचे और किसी तरह से समझाकर सड़क से भीड़ को हटवाया।
पुलिस ने उचित कार्रवाई व राहत दिलाने का वादा कर शव को बाहर निकलवाया और गाड़ी में रखा तो लोगों ने फिर नोकझोंक करते हुए शव को गाड़ी से उतार लिया। इस बीच कई बार पुलिस व ग्रामीणों में कहासुनी हुई।
एक बजे से शव कब्जे में लेने का प्रयास कर रही पुलिस करीब तीन बजे के बाद सफल हुई। ग्रामीणों ने तालाब को बंद कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि करीब 30 फीट गहरा तालाब आए दिन मवेशियों की जान लेता है और मंगलवार को वृद्धा की मौत हो गई। मृतका शिवरानी देवी के भाई कल्लू पाल ने कोतवाली में हादसे की सूचना दी है।
जब शव निकालने को तालाब में कूदेे एसआई प्रवीण
खागा। नयापुरवा गांव के सामने तालाब में शिवरानी का शव उतरा रहा था। ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध और किसी के सहयोग न करने पर वहां मौजूद उप निरीक्षक प्रवीण यादव ने ऐसा जज्बा दिखाया, जो उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों में बहुत कम ही देखा जाता है।
बेहद गहरे तालाब में जाने से पहले उन्होंने पैसे, मोबाइल, जूते बाहर रखे और तालाब में उतर गए। फिसलन से वह गिरे लेकिन अपनी तैरने की क्षमता पर उन्हें विश्वास था और वह तैर गए। उन्होंने शव को पकड़कर किनारे किया और फिर गीली वर्दी में ही लिखा-पढ़ी कराने में लग गए।
कोतवाली में मौजूदा प्रभार कस्बा इंचार्ज राजीव सिंह के पास है। उन्हें जब शव मिलने की खबर मिली तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव निकालने की बात कही तो ग्रामीण भड़क गए और शव को निकालने से मना कर चक्काजाम किया।
विरोध देख उन्होंने कोतवाली से सभी उप निरीक्षक व सिपाहियों को बुलाया और अफसरों को स्थिति से अवगत कराया। जाम तो चंद मिनटों में ही खुल गया लेकिन शव निकालना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर था।
ऐसा इसलिए कि जहां पर शव था, वह बेहद ही गहरा स्थान था। पुलिस ने मौजूद सैकड़ों लोगों में से तैरने वाले व्यक्ति को मदद के लिए आने के लिए कहा लेकिन विरोध के चलते कोई आगे नहीं आया।
यह देख वहां मौजूद उप निरीक्षक प्रवीण यादव ने तालाब में जाने का फैसला लिया और तुरंत मोबाइल, जूते आदि चीजें बाहर कर दी। उनके लिए रस्सी मंगाई गई लेकिन उन्होंने बताया कि वह तैर लेंगे।
तालाब में चार कदम जाते ही भारी फिसलन के कारण वह गिर गए और फिर वह संभलते हुए गहरे पानी में गए और तैरकर शव को अपने साथ पकड़कर किनारे ले आए।
जिप्सी से शव को बाहर निकालकर ले गए
तालाब से शव बाहर आते ही महिला पुलिसकर्मियों की मदद से शव को कवर में डालकर सड़क पर लाया गया और थोड़ी दूर पर खड़ी जिप्सी गाड़ी के पिछले हिस्से में रख दिया गया। यह देख ग्रामीण फिर से आक्रोशित हो गए और पुलिस से छीना-झपटी करते हुए शव को निकालकर ले गए। यह देख पुलिस व लोगों में जमकर कहासुनी हुई।
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पुलिस ने किसी तरह से जाम खुलवाया तो शव निकालने को लेकर ग्रामीणों ने नोकझोंक की। करीब दो घंटे की मेहनत के बाद पुलिस शव कब्जे में ले सकी।
खागा कोतवाली के नयापुरवा गांव की रहने वाली शिवरानी (80) मंगलवार सुबह नौ बजे घर से खेतों की ओर निकली थी। दोपहर में उनकी पोती नीलम खेतों पर पहुंची तो दादी शिवरानी नहीं मिली।
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खेत के बगल स्थित नगर पंचायत के तालाब में उसने झांककर देखा तो पानी में उसकी दादी का शव उतरा रहा था। यह देख उसने घर जाकर परिजनों को सूचना दी, तो गांव के लोग जमा हो गए।
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खबर मिलने पर कस्बा इंचार्ज राजीव सिंह मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकालने के लिए कहा तो लोग नाराज हो गए और मौके पर चेयरमैन खागा, ईओ को बुलाने की मांग करते हुए नौबस्ता रोड पर जाम लगा दिया।
इससे हड़कंप मच गया। सूचना पर तहसीलदार शशिभूषण मिश्रा, सीओ जीडी मिश्रा मौके पर पहुंचे और किसी तरह से समझाकर सड़क से भीड़ को हटवाया।
पुलिस ने उचित कार्रवाई व राहत दिलाने का वादा कर शव को बाहर निकलवाया और गाड़ी में रखा तो लोगों ने फिर नोकझोंक करते हुए शव को गाड़ी से उतार लिया। इस बीच कई बार पुलिस व ग्रामीणों में कहासुनी हुई।
एक बजे से शव कब्जे में लेने का प्रयास कर रही पुलिस करीब तीन बजे के बाद सफल हुई। ग्रामीणों ने तालाब को बंद कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि करीब 30 फीट गहरा तालाब आए दिन मवेशियों की जान लेता है और मंगलवार को वृद्धा की मौत हो गई। मृतका शिवरानी देवी के भाई कल्लू पाल ने कोतवाली में हादसे की सूचना दी है।
जब शव निकालने को तालाब में कूदेे एसआई प्रवीण
खागा। नयापुरवा गांव के सामने तालाब में शिवरानी का शव उतरा रहा था। ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध और किसी के सहयोग न करने पर वहां मौजूद उप निरीक्षक प्रवीण यादव ने ऐसा जज्बा दिखाया, जो उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों में बहुत कम ही देखा जाता है।
बेहद गहरे तालाब में जाने से पहले उन्होंने पैसे, मोबाइल, जूते बाहर रखे और तालाब में उतर गए। फिसलन से वह गिरे लेकिन अपनी तैरने की क्षमता पर उन्हें विश्वास था और वह तैर गए। उन्होंने शव को पकड़कर किनारे किया और फिर गीली वर्दी में ही लिखा-पढ़ी कराने में लग गए।
कोतवाली में मौजूदा प्रभार कस्बा इंचार्ज राजीव सिंह के पास है। उन्हें जब शव मिलने की खबर मिली तो वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव निकालने की बात कही तो ग्रामीण भड़क गए और शव को निकालने से मना कर चक्काजाम किया।
विरोध देख उन्होंने कोतवाली से सभी उप निरीक्षक व सिपाहियों को बुलाया और अफसरों को स्थिति से अवगत कराया। जाम तो चंद मिनटों में ही खुल गया लेकिन शव निकालना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर था।
ऐसा इसलिए कि जहां पर शव था, वह बेहद ही गहरा स्थान था। पुलिस ने मौजूद सैकड़ों लोगों में से तैरने वाले व्यक्ति को मदद के लिए आने के लिए कहा लेकिन विरोध के चलते कोई आगे नहीं आया।
यह देख वहां मौजूद उप निरीक्षक प्रवीण यादव ने तालाब में जाने का फैसला लिया और तुरंत मोबाइल, जूते आदि चीजें बाहर कर दी। उनके लिए रस्सी मंगाई गई लेकिन उन्होंने बताया कि वह तैर लेंगे।
तालाब में चार कदम जाते ही भारी फिसलन के कारण वह गिर गए और फिर वह संभलते हुए गहरे पानी में गए और तैरकर शव को अपने साथ पकड़कर किनारे ले आए।
जिप्सी से शव को बाहर निकालकर ले गए
तालाब से शव बाहर आते ही महिला पुलिसकर्मियों की मदद से शव को कवर में डालकर सड़क पर लाया गया और थोड़ी दूर पर खड़ी जिप्सी गाड़ी के पिछले हिस्से में रख दिया गया। यह देख ग्रामीण फिर से आक्रोशित हो गए और पुलिस से छीना-झपटी करते हुए शव को निकालकर ले गए। यह देख पुलिस व लोगों में जमकर कहासुनी हुई।

शव निकालने के लिए तालाब में जाते एसआई प्रवीण यादव। संवाद- फोटो : FATEHPUR

ग्रामीणों को समझाते कस्बा इंचार्ज राजीव सिंह। संवाद- फोटो : FATEHPUR

घटनास्थल पर पहुंचते सीओ जीडी मिश्रा। संवाद- फोटो : FATEHPUR