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कटी पटरी से किसानों की फसलों में भर गया पानी
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रसूलाबाद माइनर में औरेई के पास कटी खांदी। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
थरियांव। नहर में पानी आते ही सिल्ट सफाई में की गई खानापूरी की पोल खुलने लगी है। रसूलाबाद माइनर का पानी कटी पटरी से होकर किसानों के खेतों में भर गया। शनिवार सुबह किसान जब खेतों की ओर गए तो राई, सरसों और चना की फसल में पानी भरा देख उनके होश उड़ गए। किसानों ने मिल कर खांदी को बांधा।
नहरों की टेल तक पानी पहुंचाने के लिए हर साल सिल्ट सफाई और पटरियों की मरम्मत कराई जाती है। अक्तूबर से 15 दिसंबर तक सिल्ट सफाई कराए जाने को लेकर नहरों का पानी बंद था।
रसूलाबाद माइनर की पटरी बारिश में कट गई थी। सिल्ट सफाई के दौरान कटी पटरी को सही नहीं किया गया। शुक्रवार रात को माइनर में पानी आया और कटी पटरी से पानी बहकर किसानों के खेतों में भर गया।
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इसमें किसान सुखराम दिवाकर की दो बीघे आलू की फसल, अरुण द्विवेदी की पांच बीघा, शिवदास की तीन बीघे, घसीटे की दो बीघा, रामदीन की दो बीघा, गोवर्धन की तीन बीघा व मुन्ना सिंह की 15 बीघा सरसों की फसल में पानी भर गया है।
इन किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी सिल्ट सफाई की धनराशि में खानापूरी करते हैं। अधिकारियों की अनदेखी से किसानों को न तो समय पर सिंचाई का पानी मिलता है और खांदी से फसलें भी बर्बाद हो जाती हैं।
अधिशासी अभियंता नंदजी गुप्ता ने बताया कि खांदी कटने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को भेज कर दिखवाया जाएगा। अगर पटरी कमजोर है, तो सही करा दी जाएगी।
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नहरों की टेल तक पानी पहुंचाने के लिए हर साल सिल्ट सफाई और पटरियों की मरम्मत कराई जाती है। अक्तूबर से 15 दिसंबर तक सिल्ट सफाई कराए जाने को लेकर नहरों का पानी बंद था।
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रसूलाबाद माइनर की पटरी बारिश में कट गई थी। सिल्ट सफाई के दौरान कटी पटरी को सही नहीं किया गया। शुक्रवार रात को माइनर में पानी आया और कटी पटरी से पानी बहकर किसानों के खेतों में भर गया।
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इसमें किसान सुखराम दिवाकर की दो बीघे आलू की फसल, अरुण द्विवेदी की पांच बीघा, शिवदास की तीन बीघे, घसीटे की दो बीघा, रामदीन की दो बीघा, गोवर्धन की तीन बीघा व मुन्ना सिंह की 15 बीघा सरसों की फसल में पानी भर गया है।
इन किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी सिल्ट सफाई की धनराशि में खानापूरी करते हैं। अधिकारियों की अनदेखी से किसानों को न तो समय पर सिंचाई का पानी मिलता है और खांदी से फसलें भी बर्बाद हो जाती हैं।
अधिशासी अभियंता नंदजी गुप्ता ने बताया कि खांदी कटने की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को भेज कर दिखवाया जाएगा। अगर पटरी कमजोर है, तो सही करा दी जाएगी।