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हरा चारा डकार गए, सूखा भूसा खिला रहे
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नसेनिया गोशाला में सूखा चारा खाते गोवंश। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
बिंदकी। गोशाला संचालक हरा चारा डकार गए। सूखे भूसे से गोवंश पेट भर रहे है। बीमार गोवंशों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। बोरे, पल्ली की व्यवस्था न होने के कारण रात में ठंड से गोवंश ठिठुर रहे हैं।
हम बात कर रहे हैं तहसील क्षेत्र के मंगलपुर टकौली और नसेनियां गोशाला की। जहां 106 और 102 गोवंश हैं। इन्हें हरा चारा नसीब नहीं हो रहा है। चरही में सूखी कटिया (भूसा) डाल कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
खरी, चोकर, हरा चारा न मिलने से गोवंशो की हालत दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। सर्द हवाओं से गोवंशों के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। अमर उजाला टीम को दोनों गोशालाओं में कई गायें बीमार मिलीं। इनके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। गोशाला की नियमित साफ सफाई न होने से गोबर परिसर में बिखरा पड़ा है।
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एडीओ पंचायत दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि सर्दी से बचाव के लिए गोशालाओं में तैयारी हो रही है। इसके लिए प्रधान और सचिव को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नियमित सफाई कराने को भी कहा गया है। गोवंशों को नियमित रूप से हरा चारा देने का भी प्रावधान है। ऐसे न करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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हम बात कर रहे हैं तहसील क्षेत्र के मंगलपुर टकौली और नसेनियां गोशाला की। जहां 106 और 102 गोवंश हैं। इन्हें हरा चारा नसीब नहीं हो रहा है। चरही में सूखी कटिया (भूसा) डाल कर औपचारिकता पूरी की जा रही है।
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खरी, चोकर, हरा चारा न मिलने से गोवंशो की हालत दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। सर्द हवाओं से गोवंशों के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। अमर उजाला टीम को दोनों गोशालाओं में कई गायें बीमार मिलीं। इनके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। गोशाला की नियमित साफ सफाई न होने से गोबर परिसर में बिखरा पड़ा है।
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एडीओ पंचायत दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि सर्दी से बचाव के लिए गोशालाओं में तैयारी हो रही है। इसके लिए प्रधान और सचिव को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नियमित सफाई कराने को भी कहा गया है। गोवंशों को नियमित रूप से हरा चारा देने का भी प्रावधान है। ऐसे न करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।