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बेटों के सुरक्षित होने से परिवारों ने ली राहत की सांस
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फतेहपुर। यूक्रेन में फंसे चार छात्रों के तीन परिवारों ने राहत की सांस ली है। परिवारों के मायूस चेहरे बेटों के सुरक्षित घर वापस आने की खबर से खिल उठे हैं।
शहर के सादीपुर मोहल्ला के नर्सिंग होम संचालक महेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार रात बेटे हर्ष और उदय से बातचीत हुई है। वह पोल्टावा से बस के जरिये जरिए रोमानिया बार्डर को लिए निकले हैं।
उनके साथ ही सिविल लाइन के व्यापारी हरिश्चंद्र मिश्रा का बेटा अंकित भी है। उधर, लोधीगंज निवासी घनश्याम लोधी के बेटे विभव को रोमानिया एयरपोर्ट में प्रवेश मिल गया है।
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एसटीडी फोन बूथ से विभव ने पिता को फोन किया और सलामती बताई। वह एयरपोर्ट पर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहा है। राजधानी कीव में डॉक्टर अरविंद गुप्ता का बेटा आशुतोष और बेरागढ़ीवा का अविनाश टेरनोपिल शहर में फंसे हैं।
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शहर के सादीपुर मोहल्ला के नर्सिंग होम संचालक महेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार रात बेटे हर्ष और उदय से बातचीत हुई है। वह पोल्टावा से बस के जरिये जरिए रोमानिया बार्डर को लिए निकले हैं।
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उनके साथ ही सिविल लाइन के व्यापारी हरिश्चंद्र मिश्रा का बेटा अंकित भी है। उधर, लोधीगंज निवासी घनश्याम लोधी के बेटे विभव को रोमानिया एयरपोर्ट में प्रवेश मिल गया है।
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एसटीडी फोन बूथ से विभव ने पिता को फोन किया और सलामती बताई। वह एयरपोर्ट पर अपना नंबर आने का इंतजार कर रहा है। राजधानी कीव में डॉक्टर अरविंद गुप्ता का बेटा आशुतोष और बेरागढ़ीवा का अविनाश टेरनोपिल शहर में फंसे हैं।