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रद्घालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, सामथ्य के अनुसार किया दान
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ओम घाट भिटौरा में गंगा स्नान करते श्रद्घालु। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। मंगलवार को मौनी अमावस्या पर सुबह से गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। भिटौरा के ओमघाट और बलखंडी घाट समेत प्रमुख घाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजन-ध्यान और सूर्य देवता को जल अर्पित करने के बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार दान किया।
हिंदू धर्म में माघ महीने की अमावस्या का खास महत्व है। विद्वानों के अनुसार इसदिन भगवान शिव और पितरों के साथ-साथ श्रीविष्णु का पूजन किया जाता है। मान्यता है की इसदिन मौन रहकर स्नान करने से सुख समृद्धि और मनो कामनाओं की पूर्ति होती है। मौनी का अर्थ मौन और मुनि से भी है, इसलिए मौन स्नान के बाद घरों में भी पूजन करने का सिलसिला जारी है।
विद्वानों के अनुसार मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान और दान करने से अनजाने में हुए पाप मिटते हैं और कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही पितृ दोष का भी निवारण होता है। जीवन में सफलता एवं उन्नति पाने के लिए मौनी अमावस्या के दिन दान पुण्य करना लाभकारी होता है।
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यदि किसी को पितृ दोष हो तो ऐसा करने से परिवार में सुख, शांति रहती है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान दान का बहुत महत्व बताया गया है।
इसदिन सभी पवित्र नदियों खासकर गंगा नदी में स्नान करने से उत्तम पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल मिलता है।
मौनी अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र आदि का दान दें, ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। वहीं यमुना नदी में भी श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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हिंदू धर्म में माघ महीने की अमावस्या का खास महत्व है। विद्वानों के अनुसार इसदिन भगवान शिव और पितरों के साथ-साथ श्रीविष्णु का पूजन किया जाता है। मान्यता है की इसदिन मौन रहकर स्नान करने से सुख समृद्धि और मनो कामनाओं की पूर्ति होती है। मौनी का अर्थ मौन और मुनि से भी है, इसलिए मौन स्नान के बाद घरों में भी पूजन करने का सिलसिला जारी है।
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विद्वानों के अनुसार मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान और दान करने से अनजाने में हुए पाप मिटते हैं और कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही पितृ दोष का भी निवारण होता है। जीवन में सफलता एवं उन्नति पाने के लिए मौनी अमावस्या के दिन दान पुण्य करना लाभकारी होता है।
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यदि किसी को पितृ दोष हो तो ऐसा करने से परिवार में सुख, शांति रहती है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान दान का बहुत महत्व बताया गया है।
इसदिन सभी पवित्र नदियों खासकर गंगा नदी में स्नान करने से उत्तम पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल मिलता है।
मौनी अमावस्या के दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र आदि का दान दें, ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। वहीं यमुना नदी में भी श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।