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गोवंश की मौत के बाद जागा प्रशासन, पहुंचाया चारा

Wed, 05 Jan 2022 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 12:06 AM IST
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fathepur news,Administration woke up after the death of the cow, delivered fodder
4 जनवरी को प्रकाशित खबर। संवाद - फोटो : FATEHPUR
बिंदकी। भेवली गोशाला में मंगलवार को मवेशियों के लिए चारा, दाना की व्यवस्था हो गई। कई दिन से भूखे गोवंश चारा देखते ही चरही में टूट पड़े। बीडीओ ने पशु चिकित्सक को साथ लेकर गोशाला का निरीक्षण किया और बीमार गोवंशों का इलाज कराया।
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मंगलवार को अमर उजाला ने भेवली गोशाला में भूखे प्यासे गोवंश मरने की खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित की थी। खबर छपते ही प्रशासन की नींद खुली और चारा-दाना गोशाला पहुंचाया गया।
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साफ पड़ी चरही में जैसे ही चारा डाला गया, तो भूखे मवेशी टूट पड़े। इसके बाद बीडीओ खजुहा कमल किशोर और पशु चिकित्सक अंकिता सिंह ने गोशाला का जायजा लिया।
सोमवार को गोवंश की हुई मौत पर पंचायत सचिव से जानकारी ली। गोशाला परिसर में फैली गंदगी और सफाचट चरही देख कर बीडीओ ने नाराजगी जताई।
उन्होंने ग्राम प्रधान पंकज पटेल को तत्काल जानवरों के लिए चारा मंगवाने के लिए निर्देश दिए। मवेशियों की देखभाल में लगे कर्मचारी मोनू वर्मा, रोहित और राहुल ने ट्रैक्टर ट्रॉली से गोशाला में जानवरों के लिए चारा लाए।
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सूखी चरही में जैसे ही हरा चारा डाला गया तो कई दिन से भूख से तड़प रहे जानवर चरही में टूट पड़े। इसके बाद बीमार गोवंशों का डॉक्टर अंकिता सिंह ने उपचार किया।
उन्होंने बताया कि एक गोवंश काफी दिन से चोटिल था। उसका इलाज भी चल रहा था। उसी की मौत हुई है। समय से जानवरों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
भेवली गोशाला का क्षेत्रफल बहुत कम है। यहां अधिक से अधिक 150 गोवंश रखने की क्षमता है। लेकिन 311 जानवर रखे गए हैं। गोशाला में नर और मादा गोवंश अलग-अलग रखने की व्यवस्था नहीं है।

इससे सांड़ कमजोर मवेशियों को मारकर घायल कर देते हैं। ठंड लगने और चारे के अभाव से गोवंश की मौत नहीं हुई है। डॉक्टर समय से मवेशियों का इलाज करने पहुंचते हैं। जानवरों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा मौजूद है। - कमल किशोर, बीडीओ खजुहा

गोशाला में जायजा लेते बीडीओ कमल किशोर। संवाद

गोशाला में जायजा लेते बीडीओ कमल किशोर। संवाद- फोटो : FATEHPUR

ट्रैक्टर ट्राली में मवेशियों के लिए लाया गया भूसा। संवाद

ट्रैक्टर ट्राली में मवेशियों के लिए लाया गया भूसा। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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