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3 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी पर दोष सिद्घ

Thu, 13 Jan 2022 06:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jan 2022 06:48 PM IST
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fathepur news,Accused convicted of raping a girl
आरोपी दिनेश पासवान। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही में 15 अक्तूबर को हुई बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना अभी तक लोगों के जेहन में कौंध रही है। गांव के किराये के मकान में रहने वाले 25 वर्ष के दिनेश पासवान ने एक तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी।
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इस घटना को लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश था। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिनेश को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश मो.अहमद खान ने आरोपी को घटना का दोषी करार दिया। इसके साथ ही सजा सुनाने के लिए सोमवार की तिथि तय कर दी।
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घटना 15 अक्तूबर 2021, दिन शुक्रवार दोपहर बारह बजे की है। खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही गांव में कौशांबी जनपद के कड़ाधाम थाना के दादानगर का 25 वर्षीय दिनेश पासवान किराये पर घर लेकर अपनी मां के साथ रहता था। बच्ची को नवरात्र में देवी प्रतिमा विसर्जन के दिन जब घर पर कोई नहीं था।
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तब दिनेश ने सेब खिलाने के बहाने से बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची की मृत्यु हो गई। दिनेश ने बच्ची के शव को कमरे में रखे बिस्तरों के नीचे दबा दिया, ताकि किसी को पता न चले।
काफी देर तक जब बच्ची का पता नहीं चला तो गांव में हलचल हुई। रात तकरीबन साढ़े नौ बजे लोगों ने दिनेश से कमरा दिखाने को कहा, तलाशी के दौरान बच्ची का शव कमरे से बरामद हुआ।
मामला अलग-अलग समुदायों का होने के कारण गांव का माहौल गर्म हो गया। सूचना पर भारी मात्रा में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा ने न्यायालय के समक्ष पैरवी की। उन्होंने एक के एक बाद अदालत के समक्ष 17 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। गुरुवार को एएसजे मो.अहमद खान ने अभियुक्त दिनेश पासवान को दोषी करार दिया।
2 माह 10 दिन की पैरवी में पहली बार सजा
अधिवक्ता राकेश वर्मा ने बताया कि मामले की संजीदगी को देखते हुए न्यायालय में लंबी तारीखें न देकर रोजाना सुनवाई की। जिसका नतीजा रहा कि अवकाश के दिनों को हटा दें तो महज दो माह और 10 दिन में पहली बार सजा होने जा रही है।
इंस्पेक्टर ने एक सप्ताह में पूरी की थी विवेचना
जनपद के बहुचर्चित इस मामले में पुलिस ने भी उम्मीद से अधिक तेजी दिखाई। खागा कोतवाली के पूर्व इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने घटना के ठीक सातवें दिन अदालत में विवेचना दाखिल कर दी थी। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए एफआईआर के बाद लगातार इस घटना पर काम जारी रखा और विवेचना दाखिल कर दी।
अभियोजन ने प्रस्तुत किए 27 तरह के प्रपत्र
अभियोजन की ओर से भी पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। अधिवक्ता राकेश वर्मा ने न्यायालय के समक्ष 27 तरह के प्रपत्र प्रस्तुत किए। जिन्हें सिद्ध करने के लिए 17 लोगों की गवाही हुई। इन 27 प्रपत्रों में तहरीर, एफआईआर, जीडी, फोरेंसिक रिपोर्ट, पंचनामा आदि शामिल थे।
केंद्रीय लैब से कराई जांच
मामले की गहनता से जांच के लिए घटनास्थल से जो भी सैंपल जुटाए गए थे, उन्हें जांच के लिए भोपाल में बनी केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। क्योंकि लखनऊ की राजकीय प्रयोगशाला में मामलों की अधिकता के कारण रिपोर्ट समय से नहीं मिल सकती थी।

जांच के लिए लैब में मुल्जिम के नाखून की खुरचन से लेकर 13 नमूने भेजे गए थे। केंद्रीय लैब में भेजे गए नमूनों की जांच भी घटना के एक माह के अंतराल में ही अदालत में दाखिल हो गई।
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