{"_id":"6245e8b3aba2c56c6f2c45e7","slug":"education-fatehpur-news-knp688596349","type":"story","status":"publish","title_hn":"आ अब स्कूल चलें, मस्ती से करेंगे पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आ अब स्कूल चलें, मस्ती से करेंगे पढ़ाई
विज्ञापन
आरएस एक्सल इंग्लिश अकादमी माहपुर पक्का तालाब में पढ़ते छात्र-छात्राएं। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। कोरोना संक्रमण थमने पर शुक्रवार से पूरी क्षमता से स्कूल खुलेंगे। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर तक के सभी स्कूलों में दो साल बाद सत्र का पहला दिन यादगार बनाने की तैयारी है। कहीं पर बच्चों को रोली चंदन का तिलक लगा तो किसी स्कूल में माला पहनाकर स्वागत की तैयारी है। लंबे समय से नियमित स्कूल कालेज न खुलने से घरों में बैठकर ऊबे छात्र-छात्राओं में स्कूल जाने को लेकर उत्साह दिख रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने के कारण माध्यमिक स्कूल में नए सत्र की शुरुआत फिलहाल अभिलेखों में ही हो पाएगी। क्लास 12 मार्च को परीक्षा खत्म होने के बाद ही चालू होंगे। सरकारी और निजी कक्षा आठ तक के स्कूल शुक्रवार से खुल जाएंगे। पहले सप्ताह का समय स्कूलों में कापी, किताबों के साथ यूनिफार्म की व्यवस्था के लिए निर्धारित है। दूसरे सप्ताह से विधिवत पठन-पाठन शुरू करने की योजना है।
कोरोना में स्कूल-कालेज बंद रहने के कारण शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ टूट गई है। बाजार से लेकर शादी समारोह होते रहे, लेकिन स्कूल कालेज बंद रहे। बच्चों के भविष्य को देखते हुए सभी बच्चों का स्कूल आना जरूरी है।
विज्ञापन
-डॉ. मोहम्मद हसीब, प्रधानाचार्य मुस्लिम इंटर कालेज
स्कूलों में कोरोना से बचाव की सभी व्यवस्थाएं हैं। सामाजिक दूरी के साथ बैठने की व्यवस्था है। हाथ धोने और सैनिटाइजर की हर कक्ष में व्यवस्था है।
-सतीश द्विवेदी, प्रधानाचार्य सागर कान्वेंट पब्लिक स्कूल
दो साल में पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। बोर्ड ने परीक्षा का कोर्स 30 प्रतिशत कम कर दिया है। ऐसे में इस कोर्स की कमी भविष्य में छात्र-छात्राएं को प्रभावित करेगी।
-प्रिंस चौहान, कक्षा 10
बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सिर्फ औपचारिक रही। ऐसे में बच्चे घरों में बैठे-बैठे ऊब चुके हैं। उन्हें पूरी क्षमता से स्कूल खुलने का इंतजार है।
-सक्षम श्रीवास्तव, कक्षा 10
विज्ञापन
यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने के कारण माध्यमिक स्कूल में नए सत्र की शुरुआत फिलहाल अभिलेखों में ही हो पाएगी। क्लास 12 मार्च को परीक्षा खत्म होने के बाद ही चालू होंगे। सरकारी और निजी कक्षा आठ तक के स्कूल शुक्रवार से खुल जाएंगे। पहले सप्ताह का समय स्कूलों में कापी, किताबों के साथ यूनिफार्म की व्यवस्था के लिए निर्धारित है। दूसरे सप्ताह से विधिवत पठन-पाठन शुरू करने की योजना है।
विज्ञापन
कोरोना में स्कूल-कालेज बंद रहने के कारण शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ टूट गई है। बाजार से लेकर शादी समारोह होते रहे, लेकिन स्कूल कालेज बंद रहे। बच्चों के भविष्य को देखते हुए सभी बच्चों का स्कूल आना जरूरी है।
विज्ञापन
-डॉ. मोहम्मद हसीब, प्रधानाचार्य मुस्लिम इंटर कालेज
स्कूलों में कोरोना से बचाव की सभी व्यवस्थाएं हैं। सामाजिक दूरी के साथ बैठने की व्यवस्था है। हाथ धोने और सैनिटाइजर की हर कक्ष में व्यवस्था है।
-सतीश द्विवेदी, प्रधानाचार्य सागर कान्वेंट पब्लिक स्कूल
दो साल में पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। बोर्ड ने परीक्षा का कोर्स 30 प्रतिशत कम कर दिया है। ऐसे में इस कोर्स की कमी भविष्य में छात्र-छात्राएं को प्रभावित करेगी।
-प्रिंस चौहान, कक्षा 10
बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सिर्फ औपचारिक रही। ऐसे में बच्चे घरों में बैठे-बैठे ऊब चुके हैं। उन्हें पूरी क्षमता से स्कूल खुलने का इंतजार है।
-सक्षम श्रीवास्तव, कक्षा 10