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दोआबा की धरोहर ‘रुद्रवंती’ को किया जाएगा संरक्षित

Sun, 11 Mar 2018 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर Updated Sun, 11 Mar 2018 11:39 PM IST
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Doaba's heritage will be 'Rudravati' protected
रुद्रवंती औषधि निकालते युवक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दोआबा की धरा में मिलने वाली औषधि ‘रुद्रवंती’ को शासन ने संज्ञान में लिया है। स्वामी विज्ञानानंद की पहल से जनपद में एक मात्र स्थान में मिलने वाली दुर्लभ औषधि को संरक्षित किया जाएगा। शासन ने इसके लिए जिला प्रशासन को को निर्देश दिया है। इसके संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए शीघ्र उपायुक्त मनरेगा की टीम मौके में जाकर आगे की रूपरेखा तय करेगी। संरक्षित करने का काम मनरेगा से किया जाएगा।
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रुद्रवंती जनपद के खागा तहसील के मंझिलगांव स्थित कुंडेलेश्वर महादेव मंदिर के पास झील में पाई जाती है। क्षेत्र के कई किलोमीटर से लोग इसे पाने के लिए महीनों से आने लगते हैं। जनपद की इस अमूल्य धरोहर को सहेजने व संरक्षित करने के लिए स्वामी विज्ञानानंद ने पहल की थी। रुद्रवंती के बारे में स्वामी विज्ञानानंद ने शासन को पत्र लिखा था। शासन ने रुद्रवंती को संरक्षित करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं। रुद्रवंती को संरक्षित करने के लिए उपायुक्त मनरेगा पुतान सिंह ने रूपरेखा तैयार कर ली है।
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ऐरायां ब्लाक के मंझिलगांव स्थित झील के किनारे रुद्रवंती प्रतिवर्ष देखी जाती है। रुद्रवंती गर्मी के महीने में उगने वाली औषधि है। लोगों का कहना है कि रुद्रवंती की हरियाली तड़के देखते ही बनती है। ओस की बूंद के बीच टिमटिमाती इसकी पत्तियां सभी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। जैसेे-जैसे सूर्य की रोशनी बढ़ती है इसकी चमक विलुप्त होती जाती है। मनरेगा उपायुक्त पुतान सिंह ने बताया कि 24 बीघे के परिक्षेत्र में यह प्रति वर्ष देखी जाती है। जो सरकारी जमीन में उगती है। कुछ भाग लोगों की जमीन में भी उगती है जिसे भू-स्वामी बेच लेते हैं और मुनाफा कमाते हैं।
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औषधीय तत्वों से भरपूर है रुद्रवंती
औषधीय गुणों से भरपूर रुद्रवंती कई मर्ज में रामबाण औषधि मानी जाती है। इससे स्वांस, रक्तपित्त, कफ, बुद्धि का विकास, गर्मी शांत, पेट के विकार, पौरुष शक्ति बढ़ाने समेत सैकड़ों उपचारों में किया जाता है। इसका प्रयोग स्वर्ण भस्म बनाने या बसंत मालती रस (स्वर्ण युक्त) बनाने भी किया जाता है। रुद्रवंती जीवाणुओं की वृद्धि रोकता है।

संहिता में मिलता है वर्णन
रुद्रवंती को एक दुर्लभ औषधि के रूप में जाना जाता है। हिंदू धर्म ग्रंथ ‘शांग्रधर संहिता’ में रुद्रवंती का वर्णन मिलता है। दो-आबा की धरती में रुद्रवंती का मिलना किसी उपलब्धि से कम नही है। ‘शांग्रधर संहिता’धर्मग्रंथ में इसे रसायन कहा गया है।

नहीं पता कब से उग रही है ‘रुद्रवंती’
स्थानीय लोगों का मानना है कि रुद्रवंती कब से उग रही है इस बात की किसी की जानकारी नहीं हैं। सभी लोग अपने बुजुर्गों से सुनते आ रहे हैं। स्थानीय लोग सुमित, रमेश आदि का कहना है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। आस-पास के लोग भी इसकी जानकारी से अनभिज्ञता प्रकट करते हैं।


रुद्रवंती के संरक्षण के लिए सीडीओ के साथ ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा। मनरेगा से रुद्रवंती उगने वाले परिसर पर काम कराया जाएगा। सरकारी जमीन पर उगने वाली इस औषधि के संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। लेकिन भू-स्वामियों की जमीन में कोई हस्तक्षेप संभव नहीं है। - पुतान सिंह, मनरेगा उपायुक्त


रुद्रवंती के संरक्षण के लिए सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को जुलाई में पत्र दिया था। कार्यवाही न होनेे पर पुन: अक्तूबर व जनवरी में एक पत्र दिया था। विलुप्त हो रही इस औषधि को नया जीवन मिलेगा। जनपद शासन का आभारी रहेगा।’ - स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती
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