{"_id":"103e6d1355074bbbc77b3a1d8d0e96ff","slug":"do-not-forget-the-helmet-on-anything-missing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुछ भी छूटे पर हेलमेट नहीं भूलते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुछ भी छूटे पर हेलमेट नहीं भूलते हैं
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 07 Dec 2015 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुर्घटना का शिकार बनने के बाद कई माह तक बिस्तर में
विज्ञापन
पड़े रहने से अच्छा है कि हेलमेट लगाकर ही चलें। यह सोच कई बाइक सवारों में
तब जाग सकी, जब वह एक बार दुर्घटना का शिकार हो गए। उनकी जुबानी मानें तो
एक बार मौत को बड़े ही करीब से देखकर आए हैं। अब दोबारा उस हादसे को सपने
में भी नहीं देखना चाहते हैं। अगर कभी-कभार में घर से निकलते हेलमेट भूल भी
गए, तो उनकी धड़कनें सड़क पर बढ़ जाती हैं और वह हर संभव कोशिश करते हैं
कि दोबारा घर जाकर हेलमेट पहन लें।
आबूनगर मोहल्ला निवासी श्यामकुमार शुक्ल ने बताया कि वह करीब पांच माह पहले अपनी बाइक से बहुआ जा रहे थे। सामने से अचानक एक ट्रक आ गया। ट्रक ने रोड में साइड नहीं दी। इससे वह घबरा गए और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराए। दुर्घटना में चेहरे और माथे पर चोट आई। इसके बाद एहसास हुआ कि शायद हेलमेट लगाए होते तो चोटों से बच जाते। इसके बाद से घर से निकलते समय कभी भी हेलमेट लगाना नहीं भूलते हैं। वह अपनी बाइक में हेलमेट लगाकर रखते हैं। जिससे घर से कितनी भी जल्दी हो निकलते ही उसे पहन लें और भूलने का झंझट न रहे।
ललौली थाना क्षेत्र के देवगांव के रहने वाले प्रदीप कुमार अपने एक भाई को इलाज कराने के लिए आईटीआई रोड लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि वह बाइक से बिंदकी जा रहे थे। रास्ते में मवेशी से टकरा जाने से घायल हो गए थे।
उनके चेहरे पर चोटें आ गई थी। तब हेलमेट की उपयोगिता समझ में आई। तीन साल से लगातार बाइक चलाते समय हेलमेट लगा रहे हैं। हेलमेट लगाने के बाद खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
इसके अलावा गांव से शहर आने जाने में उड़ती धूल से काफी राहत मिलती है। हेलमेट लगाने वाले बाइक राइडर शिक्षक अनंत पासवान, टीचर कमल, फरहान अख्तर, वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि हेलमेट की उपयोगिता भले ही दुर्घटना से बचाव के लिए है। लेकिन हेलमेट लगाकर चलने में पुलिस चेकिंग के झंझट से भी छुटकारा मिल जाता है।
अगर हेलमेट न लगाए हों, तो सबसे पहले पुलिस चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ती है। भले ही बाइक के पूरे कागजात पास में हों। पुलिस को भी कार्रवाई के लिए एक बहाना मिल जाता है।
पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा अमर उजाला की पहल का पुलिस विभाग स्वागत करता है। आजकल के युवा हीरोगीरी में हेलमेट नहीं लगाते हैं। जो दुर्घटना में घातक होता है।
सभी थानाध्यक्षों और ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे कि एमवी एक्ट के तहत हेलमेट न लगाने वालों पर कार्रवाई करें और लोगों को बीच हेलमेट लगाने को लेकर जागरूक किया जाए। हेलमेट पर अधिक से अधिक कार्रवाई करने वाले एसओ को उनकी ओर से सम्मानित किया जाएगा।
आबूनगर मोहल्ला निवासी श्यामकुमार शुक्ल ने बताया कि वह करीब पांच माह पहले अपनी बाइक से बहुआ जा रहे थे। सामने से अचानक एक ट्रक आ गया। ट्रक ने रोड में साइड नहीं दी। इससे वह घबरा गए और अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराए। दुर्घटना में चेहरे और माथे पर चोट आई। इसके बाद एहसास हुआ कि शायद हेलमेट लगाए होते तो चोटों से बच जाते। इसके बाद से घर से निकलते समय कभी भी हेलमेट लगाना नहीं भूलते हैं। वह अपनी बाइक में हेलमेट लगाकर रखते हैं। जिससे घर से कितनी भी जल्दी हो निकलते ही उसे पहन लें और भूलने का झंझट न रहे।
ललौली थाना क्षेत्र के देवगांव के रहने वाले प्रदीप कुमार अपने एक भाई को इलाज कराने के लिए आईटीआई रोड लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि वह बाइक से बिंदकी जा रहे थे। रास्ते में मवेशी से टकरा जाने से घायल हो गए थे।
उनके चेहरे पर चोटें आ गई थी। तब हेलमेट की उपयोगिता समझ में आई। तीन साल से लगातार बाइक चलाते समय हेलमेट लगा रहे हैं। हेलमेट लगाने के बाद खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
इसके अलावा गांव से शहर आने जाने में उड़ती धूल से काफी राहत मिलती है। हेलमेट लगाने वाले बाइक राइडर शिक्षक अनंत पासवान, टीचर कमल, फरहान अख्तर, वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि हेलमेट की उपयोगिता भले ही दुर्घटना से बचाव के लिए है। लेकिन हेलमेट लगाकर चलने में पुलिस चेकिंग के झंझट से भी छुटकारा मिल जाता है।
अगर हेलमेट न लगाए हों, तो सबसे पहले पुलिस चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ती है। भले ही बाइक के पूरे कागजात पास में हों। पुलिस को भी कार्रवाई के लिए एक बहाना मिल जाता है।
पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा अमर उजाला की पहल का पुलिस विभाग स्वागत करता है। आजकल के युवा हीरोगीरी में हेलमेट नहीं लगाते हैं। जो दुर्घटना में घातक होता है।
सभी थानाध्यक्षों और ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए जाएंगे कि एमवी एक्ट के तहत हेलमेट न लगाने वालों पर कार्रवाई करें और लोगों को बीच हेलमेट लगाने को लेकर जागरूक किया जाए। हेलमेट पर अधिक से अधिक कार्रवाई करने वाले एसओ को उनकी ओर से सम्मानित किया जाएगा।