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पांच मौतों से सरांयहार में हर तरफ मातम
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फतेहपुर। सदर कोतवाली के सरांयहार गांव के पांच लोगों की मौत ने हर शख्स की आंखें नम कर दी हैं। सोमवार दोपहर हादसे के बाद मची चीखपुकार अभी भी थमी नहीं है। सतना और चित्रकूट से शव देर रात तक आने की उम्मीद है। हादसे की जानकारी के बाद से न सिर्फ मृतकों के परिजनों बल्कि आसपास के लोगों की नींद उड़ गई। रात चीख-पुकार और सिसकियों के बीच किसी तरह कटी। नेशनल हाईवे से जर्जर डामर रोड से गांव के किनारे पहुंचते ही किराने की दुकान से लेकर लगभग हर घर में चित्रकूट में हुए हादसे की चर्चा दिन भर जारी रही। गांव की तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत इस हादसे में हुई है।
एक हजार की आबादी वाले सरांयहार गांव के रामकिशोर मौर्य, पत्नी फूलकुमारी, परिवार की ही सावित्री पत्नी बाबूलाल मौर्य, बृजरानी पत्नी रविपाल व भतीजे लवकुश पुत्र रामकरन समेत 27 लोगों को लेकर रविवार रात ट्रैक्टर-ट्रॉली से मैहर धाम गए थे। सोमवार दोपहर को हादसा हो गया और पांचों की मौत हो गई।
गांव में सोमवार को दिन भर चीखपुकार के बाद मंगलवार को नजारा गमगीन दिखा। गांव में घुसते ही सामने बाबूलाल के घर के बाहर महिलाओं की भीड़ मिली। लोग बाबूलाल की पत्नी सावित्री (60) के शव आने का इंतजार करते मिले। दोनों बेटे अवधेश, सुरेश रात में ही सतना चले गए थे। बाबूलाल पत्नी के शव के साथ में ही हैं। चार मृतकों के घर पास-पास ही हैं। चारों के घर के बाहर चीख-पुकार मची थी। यहां भी बृजरानी (55), लवकुश (22), रामकिशोर (58) और उसकी पत्नी फूलकुमारी (50) के शवों के आने का इंतजार होता मिला। गांव के लोग मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते मिले।
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पूरे गांव में मातम दिखा। हर किसी के जुबान पर तीर्थाटन में हुए हादसे की चर्चा थी। दो शवों का पोस्टमार्टम चित्रकूट (कर्वी) और तीन महिलाओं के शवों का पोस्टमार्टम मध्य प्रदेश के सतना में हुआ।
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एक हजार की आबादी वाले सरांयहार गांव के रामकिशोर मौर्य, पत्नी फूलकुमारी, परिवार की ही सावित्री पत्नी बाबूलाल मौर्य, बृजरानी पत्नी रविपाल व भतीजे लवकुश पुत्र रामकरन समेत 27 लोगों को लेकर रविवार रात ट्रैक्टर-ट्रॉली से मैहर धाम गए थे। सोमवार दोपहर को हादसा हो गया और पांचों की मौत हो गई।
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गांव में सोमवार को दिन भर चीखपुकार के बाद मंगलवार को नजारा गमगीन दिखा। गांव में घुसते ही सामने बाबूलाल के घर के बाहर महिलाओं की भीड़ मिली। लोग बाबूलाल की पत्नी सावित्री (60) के शव आने का इंतजार करते मिले। दोनों बेटे अवधेश, सुरेश रात में ही सतना चले गए थे। बाबूलाल पत्नी के शव के साथ में ही हैं। चार मृतकों के घर पास-पास ही हैं। चारों के घर के बाहर चीख-पुकार मची थी। यहां भी बृजरानी (55), लवकुश (22), रामकिशोर (58) और उसकी पत्नी फूलकुमारी (50) के शवों के आने का इंतजार होता मिला। गांव के लोग मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते मिले।
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पूरे गांव में मातम दिखा। हर किसी के जुबान पर तीर्थाटन में हुए हादसे की चर्चा थी। दो शवों का पोस्टमार्टम चित्रकूट (कर्वी) और तीन महिलाओं के शवों का पोस्टमार्टम मध्य प्रदेश के सतना में हुआ।