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ओवरलोड ट्रैक्टर से बिगड़ेगी पीपा पुल की रफ्तार
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चकर प्लेट पर फंसे ईंट लदे ट्रैक्टर
- फोटो : FATEHPUR
किशनपुर। कई प्रयासों के बाद बनकर तैयार हुए किशनपुर पीपा पुल पर खतरा बढ़ रहा है। इसका कारण पुल तैयार होते ही किशनपुर से दांदो घाट की ओर ईंट लदे ओवरलोड ट्रैक्टरों का जाना हैं।
किशनपुर कस्बे में यमुना नदी पर पीपा पुल की शुरूआत इस साल बेहद ही मशक्कत भरी रही है। पुल बनते ही इसका स्लोप धंस गया।
स्लोप विभाग ने तैयार किया तो यमुना का जलस्तर बढ़ गया और पुल बंद हो गया। एक पखवारे तक पुल बंद रहा और फिर विभाग ने पुल की लंबाई बढ़ाकर उसे चालू किया है।
इस पुल से पैदल, बाइक, चार पहिया, माल वाहक वाहन अब आसानी से यमुना पार कर रहे हैं। इस आवागमन में ईंट लदी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रालियां भी निकल रहीं है।
जिनके कारण कभी भी पुल को नुकसान पहुंच सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो इसका खामियाजा पूरे क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ेगा।
बता दें कि पिछले साल पुल पर एक ट्रैक्टर बैरीकेडिंग तोड़कर यमुना में लटक गया था। तब पुल पर लगे लकड़ी के गाटर क्षतिग्रस्त हुए थे।
पुल बनने का इंतजार करते हैं कारोबारी
किशनपुर क्षेत्र में ईंट का कारोबार करने वाले व्यापारी पूरे साल पुल बनने का इंतजार करते हैं। दांदो घाट की तरफ रहने वाले लोग ईंट कारोबारियों के यहां आर्डर बुक करते हैं। जैसे ही पुल बनता है तो ईंट की सप्लाई यमुना पार शुरू हो जाती है।
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चकर प्लेट के बीच फंसा ईंट लदा ट्रैक्टर लगा जाम
ओवरलोड ईंट लदे वाहनों के आवागमन के चलते गुरुवार शाम यातायात प्रभावित हो गया। ईंट लादकर यमुना पार कर रहे दो ट्रैक्टर जैसे ही रेत पर पड़ी चकर प्लेटों पर पहुंचे, तो उनके पहिये प्लेटों में फंस गए। ऐसे में पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जबकि पैदल व बाइक सवार निकल पाए।
ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कारोबारियों से अपील है कि वह ओवरलोड वाहन पुल से न निकालें। - उमेश चंद्र विश्वकर्मा, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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किशनपुर कस्बे में यमुना नदी पर पीपा पुल की शुरूआत इस साल बेहद ही मशक्कत भरी रही है। पुल बनते ही इसका स्लोप धंस गया।
स्लोप विभाग ने तैयार किया तो यमुना का जलस्तर बढ़ गया और पुल बंद हो गया। एक पखवारे तक पुल बंद रहा और फिर विभाग ने पुल की लंबाई बढ़ाकर उसे चालू किया है।
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इस पुल से पैदल, बाइक, चार पहिया, माल वाहक वाहन अब आसानी से यमुना पार कर रहे हैं। इस आवागमन में ईंट लदी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रालियां भी निकल रहीं है।
जिनके कारण कभी भी पुल को नुकसान पहुंच सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो इसका खामियाजा पूरे क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ेगा।
बता दें कि पिछले साल पुल पर एक ट्रैक्टर बैरीकेडिंग तोड़कर यमुना में लटक गया था। तब पुल पर लगे लकड़ी के गाटर क्षतिग्रस्त हुए थे।
पुल बनने का इंतजार करते हैं कारोबारी
किशनपुर क्षेत्र में ईंट का कारोबार करने वाले व्यापारी पूरे साल पुल बनने का इंतजार करते हैं। दांदो घाट की तरफ रहने वाले लोग ईंट कारोबारियों के यहां आर्डर बुक करते हैं। जैसे ही पुल बनता है तो ईंट की सप्लाई यमुना पार शुरू हो जाती है।
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चकर प्लेट के बीच फंसा ईंट लदा ट्रैक्टर लगा जाम
ओवरलोड ईंट लदे वाहनों के आवागमन के चलते गुरुवार शाम यातायात प्रभावित हो गया। ईंट लादकर यमुना पार कर रहे दो ट्रैक्टर जैसे ही रेत पर पड़ी चकर प्लेटों पर पहुंचे, तो उनके पहिये प्लेटों में फंस गए। ऐसे में पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जबकि पैदल व बाइक सवार निकल पाए।
ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कारोबारियों से अपील है कि वह ओवरलोड वाहन पुल से न निकालें। - उमेश चंद्र विश्वकर्मा, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग

पीपा पुल के रास्ते पर लगी वाहनों की लाइन- फोटो : FATEHPUR