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इनवर्टर से करेंट लगने वाली खबर में एसई का बयान
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नीरज सिंह की फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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चौडगरा(फतेहपुर)। इनवर्टर का प्लग लगाते समय करंट लगने से गुरुवार रात रेलवे में तैनात जूनियर इंजीनियर की मौत हो गई। वह गुजरात में तैनात थे। रिश्तेदार की तेरहवीं संस्कार में हिस्सा लेने के लिए आए थे। हादसे से परिजनों में कोहराम मच गया।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव निवासी वीरेंद्र सिंह एलआईसी में कर्मचारी हैं। उनका छोटा बेटा नीरज सिंह (28) गुजरात के दहौद रेलवे स्टेशन में इलेक्ट्रिक विभाग में जेई के पद पर तैनात थे। सोमवार को घर छुट्टी लेकर आए थे। गुरुवार रात को बिजली चली गई थी। पिता ने बताया कि इनवर्टर चालू नहीं हो रहा था। तभी बेटे ने पीछे लगा इनवर्टर का प्लग निकाला और उसे दोबारा लगाते समय करंट की चपेट में आ गया। आनन-फानन उन्हें सीएचसी बिंदकी ले जाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
आशंका जताई जा रही है कि प्लग का तार निकला होगा या घटिया प्लग पर करंट उतर आया होगा। नीरज पैर से दिव्यांग और अविवाहित थे। बेटे की मौत से मां सुनैना देवी बदहवास हो गईं। शुक्रवार को चचेरे बाबा मोहन सिंह की तेरहवीं थी। नीरज उसी में शामिल होने के लिए आए थे। प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह ने बताया कि पिता की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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फतेहपुर। इनवर्टर की मरम्मत के वक्त लोगों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। जरा सी चूक जानलेवा हो सकती है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि सिंगल फेस की इनवर्टर लाइन में 220 और थ्री फेस की लाइन में 440 वोल्ट का करंट होता है। करंट चाहे सीधे बिजली की लाइन से आए या जनरेटर अथवा इनवर्टर से, होता उतना ही खतरनाक है।
आम तौर पर लोग लोकल इनवर्टर लगवा लेते हैं और सस्ते के चक्कर में तारें भी अच्छी नहीं लगवाते। इससे इनवर्टर की बॉडी और तारों में करंट उतर आता है। जेई की मौत के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा, कोई न कोई जरूर बाहर रहा होगा। बेहतर होगा कि जानकारी न हो तो इनवर्टर का कोई भी काम बिजली मिस्त्री से ही कराएं।
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कल्यानपुर थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव निवासी वीरेंद्र सिंह एलआईसी में कर्मचारी हैं। उनका छोटा बेटा नीरज सिंह (28) गुजरात के दहौद रेलवे स्टेशन में इलेक्ट्रिक विभाग में जेई के पद पर तैनात थे। सोमवार को घर छुट्टी लेकर आए थे। गुरुवार रात को बिजली चली गई थी। पिता ने बताया कि इनवर्टर चालू नहीं हो रहा था। तभी बेटे ने पीछे लगा इनवर्टर का प्लग निकाला और उसे दोबारा लगाते समय करंट की चपेट में आ गया। आनन-फानन उन्हें सीएचसी बिंदकी ले जाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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आशंका जताई जा रही है कि प्लग का तार निकला होगा या घटिया प्लग पर करंट उतर आया होगा। नीरज पैर से दिव्यांग और अविवाहित थे। बेटे की मौत से मां सुनैना देवी बदहवास हो गईं। शुक्रवार को चचेरे बाबा मोहन सिंह की तेरहवीं थी। नीरज उसी में शामिल होने के लिए आए थे। प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह ने बताया कि पिता की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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फतेहपुर। इनवर्टर की मरम्मत के वक्त लोगों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। जरा सी चूक जानलेवा हो सकती है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि सिंगल फेस की इनवर्टर लाइन में 220 और थ्री फेस की लाइन में 440 वोल्ट का करंट होता है। करंट चाहे सीधे बिजली की लाइन से आए या जनरेटर अथवा इनवर्टर से, होता उतना ही खतरनाक है।
आम तौर पर लोग लोकल इनवर्टर लगवा लेते हैं और सस्ते के चक्कर में तारें भी अच्छी नहीं लगवाते। इससे इनवर्टर की बॉडी और तारों में करंट उतर आता है। जेई की मौत के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा, कोई न कोई जरूर बाहर रहा होगा। बेहतर होगा कि जानकारी न हो तो इनवर्टर का कोई भी काम बिजली मिस्त्री से ही कराएं।