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सीमा क्षेत्र में तैयार शराब की होती कानपुर क्षेत्र में सप्लाई
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फतेहपुर। पश्चिमी इलाके के थाना क्षेत्रों के कई चिह्नित गांवों में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई का भी खास असर नहीं दिख रहा है। भोर पहर के अंधेरे में कानपुर की सीमा में शराब की सप्लाई देते हैं। सूत्रों की मानें तो कानपुर में मौतों के तार इन इलाकों से जुड़ सकते हैं।
भौगोलिक स्थिति में चांदपुर थाना क्षेत्र के हमीरपुर जिले के रोड व पुल से हमीरपुर शहर कोतवाली, बांदा के पैलानी पैंटून पुल, जसपुरा, अमौली से बरीपाल मार्ग में चिह्नित केवलापुर गांव कानपुर नगर सजेती थाने के रास्ते को जोड़ता है। अमौली से कानपुर के कोरियां चौकी थाना सजेती को भी जोड़ता है। केवलापुर कंजड़ का डेरा से शराब की सप्लाई की जाती है। चांदपुर, गौरी, आवाजीपुर, दपसौरा, परसेढ़ा गांव में शराब का कारोबार होता है। जहानाबाद थाने की सीमा चिल्ली गांव से तीन किलोमीटर दूर कानपुर सजेती थाने के कुआंखेड़ा चौकी क्षेत्र पड़ता है। जहानाबाद थाने से जुड़ी कानपुर सीमा में साढ़ चौकी घाटमपुर कोतवाली कानपुर करीब 15 किलोमीटर है। इस क्षेत्र में नोनारा गांव के कंजड़न डेरा से शराब की धड़ल्ले से सप्लाई होती है। घाटमपुर के साढ़ चौकी क्षेत्र में सुखइयापुर, भीतरगांव, मदारपुर इलाकों में नौ मौतें हो चुकी है। बांदा जिले के लिए बारा पैंटून पुल से पैलानी, जसपुुरा गांवों के लिए शराब सप्लाई होती है।
इनसेट-
बाइकों से डिब्बों में की जाती सप्लाई
दोनों सीमावर्ती थानों के चिह्नित गांवों में शराब का धंधे में सैकड़ों परिवार शामिल हैं। यहां रातो रात एक हजार से दो हजार लीटर तक शराब तैयार की जाती है। इसे खपाने के लिए रात तीन बजे से भोर पहर तक सप्लायर कानपुर सीमा समेत कई क्षेत्रों में घुसते हैं। बाइकों में बीस बीस लीटर के डिब्बे में तैयार शराब को पाउच में भरकर ले जाते हैं। तीन चार घंटे में हजारों रुपये कमाकर वापस लौट आते हैं। इनके घरों की महिलाएं भी कस्बे मार्ग पर सब्जी मंडी की तरह शराब बेचने निकलती हैं। बुढ़वा, मेंहदिया, भिखनीपुर, बारा झोलों में बीस से 25 पाउच भरकर निकलती है। चिह्नित महिलाओं के पास ग्राहक खुद पहुंच जाते हैं। महिलाओं के पीछे उनके पुरुष लोग भी रहते हैं।
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कोट्स
सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि कच्ची शराब रोकथाम का अभियान चलाया जा रहा है। इमसें 1934 लीटर शराब चिह्नित ठिकानों से बरामद की जा चुकी है। इन इलाकों में परिवारों का शराब के धंधे से जुड़े हैं। इनकी काउंसलिंग कराई जानी चाहिए। तभी शराब के कारोबार से इन्हें दूर किया जा सकता है। चिन्हित इलाकों में तस्करी की रोकथाम को पुलिस की निगरानी कराई जा रही है।
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भौगोलिक स्थिति में चांदपुर थाना क्षेत्र के हमीरपुर जिले के रोड व पुल से हमीरपुर शहर कोतवाली, बांदा के पैलानी पैंटून पुल, जसपुरा, अमौली से बरीपाल मार्ग में चिह्नित केवलापुर गांव कानपुर नगर सजेती थाने के रास्ते को जोड़ता है। अमौली से कानपुर के कोरियां चौकी थाना सजेती को भी जोड़ता है। केवलापुर कंजड़ का डेरा से शराब की सप्लाई की जाती है। चांदपुर, गौरी, आवाजीपुर, दपसौरा, परसेढ़ा गांव में शराब का कारोबार होता है। जहानाबाद थाने की सीमा चिल्ली गांव से तीन किलोमीटर दूर कानपुर सजेती थाने के कुआंखेड़ा चौकी क्षेत्र पड़ता है। जहानाबाद थाने से जुड़ी कानपुर सीमा में साढ़ चौकी घाटमपुर कोतवाली कानपुर करीब 15 किलोमीटर है। इस क्षेत्र में नोनारा गांव के कंजड़न डेरा से शराब की धड़ल्ले से सप्लाई होती है। घाटमपुर के साढ़ चौकी क्षेत्र में सुखइयापुर, भीतरगांव, मदारपुर इलाकों में नौ मौतें हो चुकी है। बांदा जिले के लिए बारा पैंटून पुल से पैलानी, जसपुुरा गांवों के लिए शराब सप्लाई होती है।
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बाइकों से डिब्बों में की जाती सप्लाई
दोनों सीमावर्ती थानों के चिह्नित गांवों में शराब का धंधे में सैकड़ों परिवार शामिल हैं। यहां रातो रात एक हजार से दो हजार लीटर तक शराब तैयार की जाती है। इसे खपाने के लिए रात तीन बजे से भोर पहर तक सप्लायर कानपुर सीमा समेत कई क्षेत्रों में घुसते हैं। बाइकों में बीस बीस लीटर के डिब्बे में तैयार शराब को पाउच में भरकर ले जाते हैं। तीन चार घंटे में हजारों रुपये कमाकर वापस लौट आते हैं। इनके घरों की महिलाएं भी कस्बे मार्ग पर सब्जी मंडी की तरह शराब बेचने निकलती हैं। बुढ़वा, मेंहदिया, भिखनीपुर, बारा झोलों में बीस से 25 पाउच भरकर निकलती है। चिह्नित महिलाओं के पास ग्राहक खुद पहुंच जाते हैं। महिलाओं के पीछे उनके पुरुष लोग भी रहते हैं।
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सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि कच्ची शराब रोकथाम का अभियान चलाया जा रहा है। इमसें 1934 लीटर शराब चिह्नित ठिकानों से बरामद की जा चुकी है। इन इलाकों में परिवारों का शराब के धंधे से जुड़े हैं। इनकी काउंसलिंग कराई जानी चाहिए। तभी शराब के कारोबार से इन्हें दूर किया जा सकता है। चिन्हित इलाकों में तस्करी की रोकथाम को पुलिस की निगरानी कराई जा रही है।