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खागा में चिटफंड कंपनी का संचालन सैकड़ों लोग जुड़े
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खागा में चिटफंड कंपनी का संचालन, सैकड़ों लोग जुड़े
- तहसील क्षेत्र के खजुरिहा के हमारा मिशन में गवां चुके करोड़ों
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बेरोजगारों को लोन देने के नाम पर रकम जमा कराने वाली की एक और चिटफंड कंपनी का संचालन तेजी से चालू हुआ है। रकम जमा कराकर लोगों लोन देने का काम चालू किया गया है। मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंचा है। पुलिस ने कंपनी के सदस्यों से पूछताछ की और दस्तावेज तलब किए हैं। पुलिस ने दस्तावेज न दिखाने तक कंपनी को बंद करने के आदेश दिए हैं। हालांकि पुलिस की चेतावनी का संचालकों पर कोई असर नहीं दिख रहा है।
बता दे खागा तहसील के खजुरिहापुर में हमारा मिशन नामक संस्था ने करीब एक साल संचालन किया था। संस्था लोगों को रोजगार के लिए रुपयों की मदद करती थी। उससे पहले लोगों से दस-दस हजार की रकम जमा कराती थी। संस्था चलाने वाले राजेश मौर्या नेे कई जिलों में लोगों को शिकार बनाने के बाद अपने गांव खजुरिहा से संचालन शुरू किया था। करोड़ों डूबने के बाद राजेश मौर्या का सुराग नहीं लगा। पुलिस कार्रवाई में उस पर पुरस्कार घोषित है। उसे पकड़ना नाकाम जैसा हो गया है। इसी तरह खागा कस्बे में एक कंपनी ने संचालन शुरू किया है। चिट्फंड कंपनी में सैकड़ों लोग जुड़ चुके हैं। युवकों को एजेंट बनाने के लिए पांच हजार रुपये जमा कराए जाते हैं। उन्हें 14 से बीस हजार की नौकरी का प्रलोभन दिया जाता है। एजेंट के जरिए लोन बांटने की स्कीम बताई जाती है। एक लाख रुपये तक पहली बार में लोन दिया जाता है। लोन लेने वाले को कागजात और तीन हजार पांच सौ रुपये जमा कराए जा रहे हैं। सैकड़ों लोग लोन की आस में संस्था से जुड़ चुके हैं। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर कंपनी के संचालन पर रोक लगाई है। संचालन करने पर आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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- तहसील क्षेत्र के खजुरिहा के हमारा मिशन में गवां चुके करोड़ों
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। बेरोजगारों को लोन देने के नाम पर रकम जमा कराने वाली की एक और चिटफंड कंपनी का संचालन तेजी से चालू हुआ है। रकम जमा कराकर लोगों लोन देने का काम चालू किया गया है। मामला पुलिस के संज्ञान में पहुंचा है। पुलिस ने कंपनी के सदस्यों से पूछताछ की और दस्तावेज तलब किए हैं। पुलिस ने दस्तावेज न दिखाने तक कंपनी को बंद करने के आदेश दिए हैं। हालांकि पुलिस की चेतावनी का संचालकों पर कोई असर नहीं दिख रहा है।
बता दे खागा तहसील के खजुरिहापुर में हमारा मिशन नामक संस्था ने करीब एक साल संचालन किया था। संस्था लोगों को रोजगार के लिए रुपयों की मदद करती थी। उससे पहले लोगों से दस-दस हजार की रकम जमा कराती थी। संस्था चलाने वाले राजेश मौर्या नेे कई जिलों में लोगों को शिकार बनाने के बाद अपने गांव खजुरिहा से संचालन शुरू किया था। करोड़ों डूबने के बाद राजेश मौर्या का सुराग नहीं लगा। पुलिस कार्रवाई में उस पर पुरस्कार घोषित है। उसे पकड़ना नाकाम जैसा हो गया है। इसी तरह खागा कस्बे में एक कंपनी ने संचालन शुरू किया है। चिट्फंड कंपनी में सैकड़ों लोग जुड़ चुके हैं। युवकों को एजेंट बनाने के लिए पांच हजार रुपये जमा कराए जाते हैं। उन्हें 14 से बीस हजार की नौकरी का प्रलोभन दिया जाता है। एजेंट के जरिए लोन बांटने की स्कीम बताई जाती है। एक लाख रुपये तक पहली बार में लोन दिया जाता है। लोन लेने वाले को कागजात और तीन हजार पांच सौ रुपये जमा कराए जा रहे हैं। सैकड़ों लोग लोन की आस में संस्था से जुड़ चुके हैं। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर कंपनी के संचालन पर रोक लगाई है। संचालन करने पर आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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