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फसलों की सिंचाई में लो-वोल्टेज बना बाधक
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फतेहपुर। लो-वोल्टेज की समस्या से किसान भी परेशान हैं। पर्याप्त बिजली न मिलने से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। इससे सिंचाई भी बाधित हो रही है। किसानों का कहना है कि बिजली किल्लत के चलते धान की फसल लगाने में देरी हो रही है। जायद की फसल में मूंग, मैंथा और हरी सब्जी की खेती भी पानी की कमी से प्रभावित है।
घरेलू कनेक्शन के लिए 220 वोल्टेज और ट्यूबवेल चलाने के लिए 440 वोल्टेज करंट दिया जाना चाहिए, लेकिन इस समय घरों में 150 वोल्टेज करंट पहुंच रहा है, जिससे कूलर, पंखे भी ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। वहीं ट्यूबवेलों को 440 वोल्टेज के सापेक्ष मात्र 180 से 250 वोल्टेज तक मिल रहा है। इस कारण ट्यूबवेल से पानी नहीं निकल पा रहा है।
साथ ही मोटर और स्टार्टर भी खराब हो रहे हैं। नुकसान से बचने के लिए किसान नलकूप चलाने से भी बच रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम का कहना है कि बिजली कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या का अब हर साल सामना करना पड़ रहा है। कनेक्शन लेने के बाद भी किसानों को ठीक से बिजली नहीं मिल रही है। पानी की कमी से धान की फसल लेट हो रही है।
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33/11 केवीए उपकेंद्र में मिलने वाली बिजली में 11 हजार केवीए के सापेक्ष नौ से 10 हजार वोल्टेज करंट मिल रहा है। यही वजह है कि 220 और 440 वोल्टेज से कम करंट सप्लाई हो रहा है। इसके लिए ट्रांसमिशन से लो-वोल्टेज सही कराने के लिए कहा गया है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण
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घरेलू कनेक्शन के लिए 220 वोल्टेज और ट्यूबवेल चलाने के लिए 440 वोल्टेज करंट दिया जाना चाहिए, लेकिन इस समय घरों में 150 वोल्टेज करंट पहुंच रहा है, जिससे कूलर, पंखे भी ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। वहीं ट्यूबवेलों को 440 वोल्टेज के सापेक्ष मात्र 180 से 250 वोल्टेज तक मिल रहा है। इस कारण ट्यूबवेल से पानी नहीं निकल पा रहा है।
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साथ ही मोटर और स्टार्टर भी खराब हो रहे हैं। नुकसान से बचने के लिए किसान नलकूप चलाने से भी बच रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम का कहना है कि बिजली कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या का अब हर साल सामना करना पड़ रहा है। कनेक्शन लेने के बाद भी किसानों को ठीक से बिजली नहीं मिल रही है। पानी की कमी से धान की फसल लेट हो रही है।
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33/11 केवीए उपकेंद्र में मिलने वाली बिजली में 11 हजार केवीए के सापेक्ष नौ से 10 हजार वोल्टेज करंट मिल रहा है। यही वजह है कि 220 और 440 वोल्टेज से कम करंट सप्लाई हो रहा है। इसके लिए ट्रांसमिशन से लो-वोल्टेज सही कराने के लिए कहा गया है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण