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बाबूजी वोट तुमहिं का देब...
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:32 PM IST
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फतेहपुर। विधानसभा के चुनावी अखाड़े में मतदाताओं की चुप्पी प्रत्याशियों की परेशानी का सबब बनी है। गली कूचों से लेकर खेत खलिहानों की धूल छान रहे प्रत्याशी और उनके समर्थकों को मतदाता सिर्फ आश्वासन का झुनझुना थमा रहे हैं। भोला भाला ग्रामीण मतदाता भी वोट मांगने वालों से पीछा छुड़ाता देखा जा रहा है। समर्थकों के अलावा सिर्फ एक जवाब मिलता है कि बाबूजी तुमहिं का वोट देब। घरों में झंडे बैनर न लगे होने से प्रत्याशियों को समर्थकों का पता लगाने में भी पसीने छूट रहे हैं।
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अयाहशाह विधानसभा का खभरा गांव। यहां के बच्चू निषाद, प्रत्याशी और उनके समर्थकों से खेती किसानी के काम में रुकावट से दुखी हैं। कहते हैं कि घर गृहस्थी का कोई काम नहीं कर पा रहे हैं। हर दिन दो तीन बार काम बंद कर वोट मांगने वालों को समय देना पड़ता है। इसी गांव की रामरती देखते ही बोली कि बाबूजी तुमहिं का वोट देब। बताने पर कि वह वोट मांगने नहीं आए हैं तो बताया कि वोट मांगै वाले कामकाज नहीं करै देत।
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हम सबका याही जवाब देइत हैं। बदलेवा गांव के मुनई तिवारी कहते हैं कि पहले वोट मांगने वालों की बात सुनते हैं। इसके बाद उन्हें खुश करने के लिए वोट देने का विश्वास दिलाते हैं। कहते हैं कि गांव में अभी तक सड़क नहीं बनी। जो सड़क बनवाने का भरोसा देगा उसी को वोट देंगे। इसी गांव के कैलाश तिवारी कहते हैं कि वोट गुप्त होता है। ऐसे में किसी प्रत्याशी को नाराज क्यों किया जाए। सभी को वोट का आश्वासन देकर संतुष्ट करने में हर्ज क्या है। मुंजी कुआं के मुकेश तिवारी कहते हैं कि सभी प्रत्याशियों की बात सुनते हैं, लेकिन जवाब देना कोई जरूरी नहीं समझते। सभी पार्टी और प्रत्याशियों को भलीभांति समझने के बाद वोट देंगे। क्षेत्र के अब तक जनप्रतिनिधियों ने ठगने के सिवा कुछ नहीं किया है। इसी गांव के कंधईलाल का कहना है कि वोट अपनी मर्जी से देना है। ऐसे में वोट मांगने आने वालों को क्यों निराश किया जाए।
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