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असोथर में बुखार से एक और मौत
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:39 AM IST
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बारिश के बाद बढ़ी संक्रामक बीमारियां
- फोटो : अमर उजाला
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मौसमी बीमारियां तिरहार के बाशिंदों के लिए जानलेवा साबित होने लगीं हैं। बीमारी से लोग असमय मौत का शिकार हो रहे हैं। असोथर में पहले महिला फिर सोमवार रात इलाहाबाद के सरोजनी हास्पिटल में बच्ची की मौत ने डेंगू से सहमे ग्रामीणों को और डरा दिया है।
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असोथर ग्राम पंचायत के बनपुरवा के रमेश पाल यादव की आठ साल की बेटी आयुषी को सप्ताह भर पहले बुखार आया था। स्थानीय इलाज से राहत न मिलने पर परिजनों ने उसे तीन दिन पहले शहर के राम सनेही मेमोरियल हास्पिटल में भर्ती कराया था। हालत में वहां भी सुधार न होता देख बच्ची को सोमवार इलाहाबाद के सरोजनी हास्पिटल में ले जाकर भर्ती कराया गया था।
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जिसकी इलाज के दौरान आधी रात को मौत हो गई। इससे पहले सीमा पत्नी रामबाबू की कानपुर में मौत हो गई थी। उसकी जांच में डेंगू निकला था। इसके अलावा यहीं के मनोज बाजपेई के बेटे आदर्श को भी उर्सला की जांच में डेंगू से ग्रसित पाया जा चुका है। पखवारे भर के अंदर दो मौतें होने से असोथर के लोगों के दिल में कायम डेंगू की दहशत और बढ़ गई है।
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सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय ने बुधवार को असोथर और उसके प्रभावित मजरों में टीम भेजने की बात कही है। उधर, ऐरांया विकास खंड के मांझखोर मजरे रसूलपुर सानी में प्रदूषित पानी पीकर लोग बीमार पड़ रहे हैं। महज 10 दिनों के अंदर डायरिया ने एक बालिका समेत तीन लोगों की जान चली गई। दो दर्जन से ज्यादा लोग बीमार हैं।
ग्रामीणों की सूचना के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम के न पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत बढ़ रही है। गांव में करीब 10 दिन से डायरिया की बीमारी फैली है। गांव के 45 वर्षीय ओमप्रकाश की सप्ताह भर पहले डायरिया से मौत हो गई। इसके अलावा दिनेश कुमार के दो साल के बेटे विनेश और फूलचंद्र की दो साल की बेटी चांदनी ने भी दम तोड़ दिया।
गांव के तिलकधारी, रोशनी, मीना, उर्मिला, लक्ष्मी, शिवम, ननका, कलावती, छेदीलाल, शुभम, समायरा, मनोज, राधा, पुष्पा, अनामिका, लालता आदि दो दर्जन से ज्यादा लोग डायरिया की चपेट में आकर प्राइवेट इलाज करा रहे हैं। मजरे के अरविंद कुमार, मुन्ना, विनय कुमार, श्यामकरन ने बताया कि पुरवा में केवल एक ही कुआं है। बरसात में जलस्तर बढ़ने से कुएं का पानी प्रदूषित हो गया है।