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विसर्जन में मूर्ति के नीचे दबकर डूबा किशोर, मौत
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खखरेरू (खागा)। ससुर खदेरी नदी के दरियापुर घाट पर विसर्जन में मंगलवार दोपहर एक किशोर मूर्ति के नीचे दब गया। दबाव के चलते पानी में डूब गया। लोग उसे बचाने के लिए दौड़े लेकिन उसकी सांसे थम चुकी थीं। त्योहार पर घटना से परिवार में कोहराम मच गया। उसने घटना से कुछ देर पहले अपने एक दोस्त और पारिवारिक भाई को डूबने से बचाया था।
खखरेरू थाना क्षेत्र के प्रतापपुरबव्ेड़ी गांव निवासी जयप्रकाश तिवारी का बेटा सत्यम तिवारी(17) गांव की मूर्ति विसर्जन करने ससुर खदेरी नदी के दरियापुर घाट पहुंचा था। विसर्जन के बाद सत्यम, पारिवारिक भाई धन्नू पुत्र विकास तिवारी और विकास पुत्र पप्पू के साथ नदी में नहाने लगा। नहाते समय गहराई में गए धन्नू व विकास डूबने लगे तो सत्यम ने उन्हें पकड़कर बाहर निकाल दिया। कुछ देर बाद सत्यम ने विसर्जित मूर्ति पानी में पूरी तरह से
समाहित न होते देखा। वह अकेले तैरकर मूर्ति के पास पहुंचा और उसे गहराई में धकेलने लगा। अचानक मूर्ति पलट गई। उसके नीचे सत्यम दब गया। घटना देखकर धन्नू, विकास ने शोर मचाया। ग्रामीण नदी में तैरकर बचाने के लिए पहुंचे। ग्रामीणों की मशक्कत से सत्यम को बाहर निकाला जा सका। उसकी सांसे थम चुकी थी। यह देखकर ग्रामीणों में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे। सत्यम बड़े दो भाइयों में छोटा था। उसकी एक बहन भी है।
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खखरेरू थाना क्षेत्र के प्रतापपुरबव्ेड़ी गांव निवासी जयप्रकाश तिवारी का बेटा सत्यम तिवारी(17) गांव की मूर्ति विसर्जन करने ससुर खदेरी नदी के दरियापुर घाट पहुंचा था। विसर्जन के बाद सत्यम, पारिवारिक भाई धन्नू पुत्र विकास तिवारी और विकास पुत्र पप्पू के साथ नदी में नहाने लगा। नहाते समय गहराई में गए धन्नू व विकास डूबने लगे तो सत्यम ने उन्हें पकड़कर बाहर निकाल दिया। कुछ देर बाद सत्यम ने विसर्जित मूर्ति पानी में पूरी तरह से
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समाहित न होते देखा। वह अकेले तैरकर मूर्ति के पास पहुंचा और उसे गहराई में धकेलने लगा। अचानक मूर्ति पलट गई। उसके नीचे सत्यम दब गया। घटना देखकर धन्नू, विकास ने शोर मचाया। ग्रामीण नदी में तैरकर बचाने के लिए पहुंचे। ग्रामीणों की मशक्कत से सत्यम को बाहर निकाला जा सका। उसकी सांसे थम चुकी थी। यह देखकर ग्रामीणों में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे। सत्यम बड़े दो भाइयों में छोटा था। उसकी एक बहन भी है।
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