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महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर चुन लिए पुरुष रोजगार सेवक
Fatehpur
Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
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फतेहपुर। रोजगार सेवक के लिए जो गांव महिलाओं के लिए आरक्षित हैं उन पर पुरुषों को भरती कर लिया गया। ग्राम पंचायत से बनकर आगे बढ़ी फाइल पर ब्लाक से लेकर विकास भवन तक साहबों ने आरक्षण पर नजर ही नहीं डाली और दनादन स्वीकृति देते चले गए। गुरुवार को उक्त भरती के संबंध में जानकारी मांगते हुए सीडीओ ने पत्रावली मंगवाई तो महिलाओं की आरक्षित सीट पर पुरुषों की नियुक्ति देख भड़क उठे। पहले तो उन्होंने इसके लिए परियोजना निदेशक और जिला विकास अधिकारी को खरी-खोटी सुनाई और फिर कार्रवाई के लिए पत्रावली डीएम के पास भेज दी। डीएम ने महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर हुई पुरुषों की नियुक्तियां निरस्त करते हुए नए सिरे से रोजगार सेवकों के चयन का निर्देश दिया है।
दस दिन पहले हंसवा, भिटौरा, अमौली, असोथर, तेलियानी एवं खजुहा ब्लाक के गांवों पंद्रह रोजगार सेवकों की भर्तियां हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक उक्त मामलों में ग्राम सभा की खुली बैठक नहीं बुलाई गई और गुपचुप तरीके से नियुक्तियां कर ली गईं। गुरुवार को पत्रावली की पड़ताल में कुल सात ऐसे मामले सामने आए जिसमें अनुसूचित जाति महिला एवं महिला को रोजगार सेवक के रूप में आरक्षण के तहत नियुक्ति दी जानी थी किंतु वहां पर पुरुष रोजगार सेवकों का चयन कर लिया गया। खास बात यह है कि सीडीओ अनुराग पटेल को भी इस चयन प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। गुरुवार को जिला स्तरीय चयन समिति के समक्ष चयनित रोजगार सेवकों को स्वीकृति मिलनी थी। बैठक में जाने से पहले बैठे-बैठे अचानक ही रोजगार सेवकों के चयन प्रक्रिया के बावत् जानकारी चाही तो उन्हें बताया गया कि चयन तो हो चुका है। इस पर उन्होंने पत्रावली तलब की। पत्रावली का अवलोकन किया तो सात गांवों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर पुरुषोें का चयन मिला। इस पर उन्होंने पीडी और डीडीओ को बुलाया। डीडीओ एवं पटल प्रभारी लिपिक पहुंचे तो उन्होंने फटकार लगाई। डीडीओ ने यह कहते हुए खुद को बचाया कि चयन पीडी करते हैं। इसके बाद उन्होंने सात महिला सीटों पर रोजगार सेवकों के गलत चयन की रिपोर्ट तैयार करवाई और डीएम कंचन वर्मा को फाइल भेजी। सीडीओ की रिपोर्ट पर डीएम ने तुरंत ही महिला आरक्षण पर पुरुषों की नियुक्ति रद्द कर दी। नए सिरे से ग्रामसभा की खुली बैठक बुलाकर महिलाओं से आरक्षण के मुताबिक आवेदन लेने एवं चयन किए जाने का निर्देश दिया।
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दस दिन पहले हंसवा, भिटौरा, अमौली, असोथर, तेलियानी एवं खजुहा ब्लाक के गांवों पंद्रह रोजगार सेवकों की भर्तियां हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक उक्त मामलों में ग्राम सभा की खुली बैठक नहीं बुलाई गई और गुपचुप तरीके से नियुक्तियां कर ली गईं। गुरुवार को पत्रावली की पड़ताल में कुल सात ऐसे मामले सामने आए जिसमें अनुसूचित जाति महिला एवं महिला को रोजगार सेवक के रूप में आरक्षण के तहत नियुक्ति दी जानी थी किंतु वहां पर पुरुष रोजगार सेवकों का चयन कर लिया गया। खास बात यह है कि सीडीओ अनुराग पटेल को भी इस चयन प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। गुरुवार को जिला स्तरीय चयन समिति के समक्ष चयनित रोजगार सेवकों को स्वीकृति मिलनी थी। बैठक में जाने से पहले बैठे-बैठे अचानक ही रोजगार सेवकों के चयन प्रक्रिया के बावत् जानकारी चाही तो उन्हें बताया गया कि चयन तो हो चुका है। इस पर उन्होंने पत्रावली तलब की। पत्रावली का अवलोकन किया तो सात गांवों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर पुरुषोें का चयन मिला। इस पर उन्होंने पीडी और डीडीओ को बुलाया। डीडीओ एवं पटल प्रभारी लिपिक पहुंचे तो उन्होंने फटकार लगाई। डीडीओ ने यह कहते हुए खुद को बचाया कि चयन पीडी करते हैं। इसके बाद उन्होंने सात महिला सीटों पर रोजगार सेवकों के गलत चयन की रिपोर्ट तैयार करवाई और डीएम कंचन वर्मा को फाइल भेजी। सीडीओ की रिपोर्ट पर डीएम ने तुरंत ही महिला आरक्षण पर पुरुषों की नियुक्ति रद्द कर दी। नए सिरे से ग्रामसभा की खुली बैठक बुलाकर महिलाओं से आरक्षण के मुताबिक आवेदन लेने एवं चयन किए जाने का निर्देश दिया।
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