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पुराने आवेदकों को वजीफा पहले
Fatehpur
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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फतेहपुर। शैक्षणिक सत्र 2014-15 की दशमोत्तर वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए शुरू आनलाइन आवेदनों में रिन्यूअल कराने वाले आवेदकों को वरीयता मिलेगी। ऐसे में फ्रेशर आवेदकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ सकता है। सरकार ने बजट की उपलब्धता के आधार पर योजना का लाभ देने का फैसला लिया है। ऐसे आवेदकों को पिछले आवेदन के रजिस्ट्रेशन नंबर का प्राथमिकता के आधार पर हवाला देना है। शैक्षणिक सत्र 2014-15 की दशमोत्तर वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए एक सितंबर से आनलाइन आवेदन हो रहे हैं। 31 अक्तूबर योजना के तहत आवेदन की अंतिम तारीख है। शासन स्तर से स्पष्ट किया गया है कि बजट की उपलब्धता के हिसाब से ही योजना का लाभ दिया जाएगा। इसमेें प्राथमिकता उन छात्र व छात्राओं को मिलेगी, जिनका आवेदन रिन्यूअल का होगा। ऐसे में जरा सी चूक भारी पड़ सकती है। लिहाजा फ्रेशर के साथ रिन्यूअल आवेदकों को खास चौकन्ना रहने की दरकार है।
इंसेट
हो न जाएं कहीं योजना से बाहर
वजीफा एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए वरीयता का लाभ उठाने में अब तक अनदेखी व लापरवाही आड़े आ रही है। समाज कल्याण विभाग के योजना देख कर पटल प्रभारी राज कुमार कहते हैं कि अब तक सामान्य व अनुसूचित जाति/ जनजाति आवेदनोें की संख्या करीब 15 हजार पहुंच चुकी है। इस संख्या में रिन्यूअल आवेदक महज 1327 ही सामने आए हैं। हालात यह है कि कक्षा 11 पास कर चुके तमाम आवेदकों ने पिछली बार के रजिस्ट्रेशन की जानकारियों को इंद्राज करने में चूक की है। जिससे यह आवेदक फ्रेशर की लाइन में फिलहाल खड़े दिखाई दे रहे हैं।
इंसेट
अधिकतम 50 हजार की प्रतिपूर्ति
शैक्षणिक सत्र 2014-15 के दशमोत्तर वजीफा एवं शुल्क पूर्तिपूर्ति के होने वाली आवेदन प्रक्रिया मेें केवल अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवेदक को ही पूरी फीस वापस की जाएगी। शेष में सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग को केवल 50 हजार तक की शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। जैसे अगर सामान्य वर्ग के किसी आवेदक ने बीएड की 51 हजार 250 रुपये फीस जमा कर रखी है तो उसे प्रतिपूर्ति का 50 हजार ही मिल सकेगा।
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कोट
‘ इस बार रिन्यूअल आवेदकों को पहले योजना का लाभ दिया जाना है। ऐसे में वह छात्र व छात्राएं जिन्होंने ने कक्षा 11 में आन लाइन आवेदन किया था वह पूर्व आवेदक का रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर शो करें। - एनके पाठक, समाज कल्याण अधिकारी
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हो न जाएं कहीं योजना से बाहर
वजीफा एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए वरीयता का लाभ उठाने में अब तक अनदेखी व लापरवाही आड़े आ रही है। समाज कल्याण विभाग के योजना देख कर पटल प्रभारी राज कुमार कहते हैं कि अब तक सामान्य व अनुसूचित जाति/ जनजाति आवेदनोें की संख्या करीब 15 हजार पहुंच चुकी है। इस संख्या में रिन्यूअल आवेदक महज 1327 ही सामने आए हैं। हालात यह है कि कक्षा 11 पास कर चुके तमाम आवेदकों ने पिछली बार के रजिस्ट्रेशन की जानकारियों को इंद्राज करने में चूक की है। जिससे यह आवेदक फ्रेशर की लाइन में फिलहाल खड़े दिखाई दे रहे हैं।
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अधिकतम 50 हजार की प्रतिपूर्ति
शैक्षणिक सत्र 2014-15 के दशमोत्तर वजीफा एवं शुल्क पूर्तिपूर्ति के होने वाली आवेदन प्रक्रिया मेें केवल अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आवेदक को ही पूरी फीस वापस की जाएगी। शेष में सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यक वर्ग को केवल 50 हजार तक की शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। जैसे अगर सामान्य वर्ग के किसी आवेदक ने बीएड की 51 हजार 250 रुपये फीस जमा कर रखी है तो उसे प्रतिपूर्ति का 50 हजार ही मिल सकेगा।
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‘ इस बार रिन्यूअल आवेदकों को पहले योजना का लाभ दिया जाना है। ऐसे में वह छात्र व छात्राएं जिन्होंने ने कक्षा 11 में आन लाइन आवेदन किया था वह पूर्व आवेदक का रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर शो करें। - एनके पाठक, समाज कल्याण अधिकारी