{"_id":"36-200109","slug":"Fatehpur-200109-36","type":"story","status":"publish","title_hn":"जैसे ही पुलिस हटी डबल मर्डर की घटना घटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जैसे ही पुलिस हटी डबल मर्डर की घटना घटी
Fatehpur
Updated Sun, 05 Oct 2014 05:32 AM IST
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फतेहपुर। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के बीबीपुर गांव में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के पहले कातिलों ने पूरी साजिश रची थी। उनमें जरा भी पुलिस का खौफ नहीं था। मृतक के घर के बाहर ही सीओ सिटी से लेकर चौकी पुलिस तक घटना से कुछ समय पहले तक डेरा डाली रही और जैसे ही पुलिस हटी वैसे ही घटना को अंजाम दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के राधानगर चौकी के अंतर्गत आने वाले इलाके बीबीपुर में दोहरा हत्याकांड की घटना को अंजाम दिया गया है। इससे जुड़े इलाकों में ही बीते दिनों सनसनीखेज आधा दर्जन डकैतियों की वारदातें हुई थी। घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारी तक इलाके में पहरेदारी करते हैं। काबिंग में मंगलवार रात को सीओ सिटी आरके वर्मा बीबीपुर गांव तक पहुंच गए थे। जहां पहले से मौजूद कोतवाल और चौकी पुलिस को सीओ ने दिशा निर्देश दिए थे। रात के करीब दो बजे कोतवाल की गाड़ी मौके से रवाना हो गई। कुछ देर बाद सीओ काबिंग के लिए निकले, लेकिन सीओ का ड्राइवर रास्ता भटक गया और दोबारा सीओ सिटी हत्याकांड के मृतक अभिमन्यु के दरवाजे हो रहे देवी जागरण कार्यक्रम में आकर रुक गए। वहां से सीओ ने दोबारा चौकी पुलिस को बुलाया। चौकी के सिपाही बाइक से पहुंचे। उस समय तक मृतक के दरवाजे पर सीओ खड़े रहे। इस कवायद में करीब रात के ढाई बज गए थे और लगभग तीन बजे हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया। पुलिस अधिकारियों के घटना की जानकारी से होश उड़ गए कि मौके से हटने के बाद ही तत्काल कैसे घटना हो गई।
इंसेट
चार दिन पूर्व हुई थी जमकर कहासुनी
मृतक अभिमन्यु ने दूसरी शादी के बाद से पहली पत्नी के बेटों से अलग हो गया था। उसके पास अभी सात बीघा बेशकीमती जमीन थी। वह उसे भी बेचने की फिराक में लगा था। यह बात विजय को मालूम हो गई थी। चार दिन पहले विजय अपने पिता के पास पहुंचा था और खेत बेचने का विरोध किया था। तभी अभिमन्यु ने बड़े बेटे विजय के साथ अपने मासूम बच्चों अजय (11) और छोटू (8) की बुरी तरह से पिटाई करके घर से भगा दिया था। तभी विजय को समझ आ गया था कि उन लोगों को अब जायदाद का हिस्सा नहीं मिलेगा। इस घटना ने दोहरे हत्याकांड की पृष्ठभूमि तैयार कर दी है।
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इंसेट
हमलावरों ने घर और पड़ोसी की काट दी थी बिजली
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों ने पहले घर और पड़ोसियों की बत्ती गुल कर दी थी। जिससे जल्दी से कोई उनकी पहचान नहीं कर सके। मृतकों के परिजनों ने बताया कि रात के करीब तीन बजे पूरे घर की बत्ती चली गई थी। जब कि पूरे गांव में बिजली चालू रही है। इस तरह हमलावरों ने मृतक के सामने वाले घर जगरुप और पड़ोस के रामदास की बत्ती भी काट दी गई थी।
इंसेट
मृतका गीता ने हमलावरों से लिया था मोर्चा
घटनास्थल छत में बहा खून मृतका गीता की मोर्चा लेने की कहानी बयां कर रहा है। उस खून में मृतका के बाल और हेयर पिन पड़ा था। इससे साफ था कि मृतका ने हमलावरों का विरोध किया होगा। तभी हमलावरो ने उसके बाल पकड़ कर खींचे थे, जिसमें हेयर पिन और बाल हमलावर ने हाथों में नोच आए होंगे।
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कोतवाली क्षेत्र के राधानगर चौकी के अंतर्गत आने वाले इलाके बीबीपुर में दोहरा हत्याकांड की घटना को अंजाम दिया गया है। इससे जुड़े इलाकों में ही बीते दिनों सनसनीखेज आधा दर्जन डकैतियों की वारदातें हुई थी। घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारी तक इलाके में पहरेदारी करते हैं। काबिंग में मंगलवार रात को सीओ सिटी आरके वर्मा बीबीपुर गांव तक पहुंच गए थे। जहां पहले से मौजूद कोतवाल और चौकी पुलिस को सीओ ने दिशा निर्देश दिए थे। रात के करीब दो बजे कोतवाल की गाड़ी मौके से रवाना हो गई। कुछ देर बाद सीओ काबिंग के लिए निकले, लेकिन सीओ का ड्राइवर रास्ता भटक गया और दोबारा सीओ सिटी हत्याकांड के मृतक अभिमन्यु के दरवाजे हो रहे देवी जागरण कार्यक्रम में आकर रुक गए। वहां से सीओ ने दोबारा चौकी पुलिस को बुलाया। चौकी के सिपाही बाइक से पहुंचे। उस समय तक मृतक के दरवाजे पर सीओ खड़े रहे। इस कवायद में करीब रात के ढाई बज गए थे और लगभग तीन बजे हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया। पुलिस अधिकारियों के घटना की जानकारी से होश उड़ गए कि मौके से हटने के बाद ही तत्काल कैसे घटना हो गई।
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चार दिन पूर्व हुई थी जमकर कहासुनी
मृतक अभिमन्यु ने दूसरी शादी के बाद से पहली पत्नी के बेटों से अलग हो गया था। उसके पास अभी सात बीघा बेशकीमती जमीन थी। वह उसे भी बेचने की फिराक में लगा था। यह बात विजय को मालूम हो गई थी। चार दिन पहले विजय अपने पिता के पास पहुंचा था और खेत बेचने का विरोध किया था। तभी अभिमन्यु ने बड़े बेटे विजय के साथ अपने मासूम बच्चों अजय (11) और छोटू (8) की बुरी तरह से पिटाई करके घर से भगा दिया था। तभी विजय को समझ आ गया था कि उन लोगों को अब जायदाद का हिस्सा नहीं मिलेगा। इस घटना ने दोहरे हत्याकांड की पृष्ठभूमि तैयार कर दी है।
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हमलावरों ने घर और पड़ोसी की काट दी थी बिजली
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों ने पहले घर और पड़ोसियों की बत्ती गुल कर दी थी। जिससे जल्दी से कोई उनकी पहचान नहीं कर सके। मृतकों के परिजनों ने बताया कि रात के करीब तीन बजे पूरे घर की बत्ती चली गई थी। जब कि पूरे गांव में बिजली चालू रही है। इस तरह हमलावरों ने मृतक के सामने वाले घर जगरुप और पड़ोस के रामदास की बत्ती भी काट दी गई थी।
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मृतका गीता ने हमलावरों से लिया था मोर्चा
घटनास्थल छत में बहा खून मृतका गीता की मोर्चा लेने की कहानी बयां कर रहा है। उस खून में मृतका के बाल और हेयर पिन पड़ा था। इससे साफ था कि मृतका ने हमलावरों का विरोध किया होगा। तभी हमलावरो ने उसके बाल पकड़ कर खींचे थे, जिसमें हेयर पिन और बाल हमलावर ने हाथों में नोच आए होंगे।