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नगर पालिका नहीं नरक पालिका कहिए
Fatehpur
Updated Sat, 21 Jun 2014 05:34 AM IST
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बिंदकी। बारिश कभी भी मेहरबान हो सकती है, लेकिन सफाई व्यवस्था को लेकर पालिका प्रशासन बेपरवाह है। नगर की सफाई व्यवस्था तार-तार हो गई है। हर गली-मुहल्ले में बजबजाती नालियां व कूड़ों का अंबार से लोग नगर पालिका को नरक पालिका की संज्ञा देने लगे हैं। कांशीराम कालोनी का हाल सबसे बुरा है। मार्गों में इस कदर गंदगी है कि लोगों का निकलना दूभर है। सबसे बड़ी समस्या गांधी चौराहे की है। यहां के चोक नालों का पानी मार्गों तक भरा हुआ है। इस वर्ष नगर वासियों को बारिश के दिनों में विकराल जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। विगत वर्षों मुख्य नालों व नालियों की सिल्ट सफाई का काम 15 जून तक पूरा हो जाता था, लेकिन इस वर्ष अभी सिल्ट सफाई का काम ही नहीं शुरू किया गया है। नगर के चौराहे मुख्यमार्ग व गलियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। अभी तक नगर पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। सबसे खराब स्थिति नगर के गांधी चौराहे की है। यहां के नाले-नालियां चोक होने के कारण इनका गंदा पानी उफनाकर फुटपाथों व मार्गों तक पहुंच रहा है। कांशीराम कालोनी में तो दो माह से सफाई कर्मी ही नहीं गया है, जिससे बजबजाती नालियों की सड़ांध भरी गंदगी से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। गांधी चौराहा के प्रमुख व्यवसाई रामकिशन गुप्ता, सुरेन्द्र विश्वकर्मा ने बताया कि नाले का पानी कई माह से फुटपाथ व मार्ग तक पहुंच रहा है, कई बार शिकायत करने के बाद भी निदान नहीं किया गया है।
इंसेट
क्या कहती हैं चेयरमैन
बिंदकी। नगर पालिका परिषद की चेयरमैन नीलम सोनी ने कहा कि अधिशाषी अधिकारी के यहां न रहने के कारण इस वर्ष नाला गैंग लगाकर सिल्ट सफाई कराने में देरी हुई है। अब ईओ का चार्ज एसडीएम बिंदकी ने ले लिया है। शीघ्र ही जेसीबी व अतिरिक्त सफाई कर्मियों को लगाकर बिगड़ी व्यवस्था पटरी में लाई जाएगी।
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क्या कहती हैं चेयरमैन
बिंदकी। नगर पालिका परिषद की चेयरमैन नीलम सोनी ने कहा कि अधिशाषी अधिकारी के यहां न रहने के कारण इस वर्ष नाला गैंग लगाकर सिल्ट सफाई कराने में देरी हुई है। अब ईओ का चार्ज एसडीएम बिंदकी ने ले लिया है। शीघ्र ही जेसीबी व अतिरिक्त सफाई कर्मियों को लगाकर बिगड़ी व्यवस्था पटरी में लाई जाएगी।
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