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आधुनिक खेती के किसानों को दिए टिप्स
Fatehpur
Updated Wed, 12 Jun 2013 05:30 AM IST
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चौडगरा/बिंदकी। अभिनव प्रज्ञा महाविद्यालय चौडगरा में मूंग दिवस पर कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के कृषि आयुक्त एवं शीर्ष आधा दर्जन से अधिक वैज्ञानिकों ने सैकड़ों किसानों को दलहन सहित अन्य फसलों की नई तकनीक की जानकारी दी और खेती करने के गुर बताए।
मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम में आए सैकड़ों किसानों से कृषि आयुक्त जे.एस संधू ने कहा कि आजादी के पूर्व भारत को अनाज बाहर से मंगाना पड़ता था। आज कृषि की उपज में हम आत्मनिर्भर है। पिछले वर्ष देश में 180 लाख टन दाल की पैदावार हुई, जिसे आगे बढ़ाने के प्रयास जारी है। इसके लिए किसानों को निरंतर प्रशिक्षण देकर नई तकनीक की जानकारी दी जा रही है । प्रदेश सरकार की मदद से वैज्ञानिक दाल, चावल, गेहूं बढ़ाने के लिए प्रयासरत है । भारतीय दलहन अनुसंधान कानपुर के निदेशक डा. एमपी सिंह, कृषि निदेशक लखनऊ के दिनेश कटियार, संयुक्त कृषि निदेशक डा. संजीव गुप्ता, प्रधान वैज्ञानिक डा. एसके सिंह, भारत सरकार के सहायक निदेशक डा.वीवी सिह ने किसानों को पैदावार बढ़ा़ने के लिए नई तकनीकों को विस्तार से बताया और कहा कि यदि किसी प्रकार की दलहन फसलों में समस्याएं उत्पन्न होती है तो दलहन अनुसंधान केंद्र कानपुर इसका हर संभव निदान करेगा। महाविद्यालय के कानूनी सलाहकार प्रमोद सिंह प्राचार्य डा. एके सिंह, डा. सत्येंद्र सिह, रोशन सिंह, डा. नरेंद्र सिंह गौतम, सुरेंद्र सिंह, राजकरन सिंह,मौजूद रहे। कार्यक्रम में सहभागी गांव पहुर, अलीपुर, मौहार , हरसिंहपुर, नामामऊ, कोरसम, श्यामखेड़ा, साई, रामपुर रावतपुर के सैकड़ों किसानाें ने इस आयोजन के माध्यम से ज्ञानार्जन किया।
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मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम में आए सैकड़ों किसानों से कृषि आयुक्त जे.एस संधू ने कहा कि आजादी के पूर्व भारत को अनाज बाहर से मंगाना पड़ता था। आज कृषि की उपज में हम आत्मनिर्भर है। पिछले वर्ष देश में 180 लाख टन दाल की पैदावार हुई, जिसे आगे बढ़ाने के प्रयास जारी है। इसके लिए किसानों को निरंतर प्रशिक्षण देकर नई तकनीक की जानकारी दी जा रही है । प्रदेश सरकार की मदद से वैज्ञानिक दाल, चावल, गेहूं बढ़ाने के लिए प्रयासरत है । भारतीय दलहन अनुसंधान कानपुर के निदेशक डा. एमपी सिंह, कृषि निदेशक लखनऊ के दिनेश कटियार, संयुक्त कृषि निदेशक डा. संजीव गुप्ता, प्रधान वैज्ञानिक डा. एसके सिंह, भारत सरकार के सहायक निदेशक डा.वीवी सिह ने किसानों को पैदावार बढ़ा़ने के लिए नई तकनीकों को विस्तार से बताया और कहा कि यदि किसी प्रकार की दलहन फसलों में समस्याएं उत्पन्न होती है तो दलहन अनुसंधान केंद्र कानपुर इसका हर संभव निदान करेगा। महाविद्यालय के कानूनी सलाहकार प्रमोद सिंह प्राचार्य डा. एके सिंह, डा. सत्येंद्र सिह, रोशन सिंह, डा. नरेंद्र सिंह गौतम, सुरेंद्र सिंह, राजकरन सिंह,मौजूद रहे। कार्यक्रम में सहभागी गांव पहुर, अलीपुर, मौहार , हरसिंहपुर, नामामऊ, कोरसम, श्यामखेड़ा, साई, रामपुर रावतपुर के सैकड़ों किसानाें ने इस आयोजन के माध्यम से ज्ञानार्जन किया।
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