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सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटी
Fatehpur
Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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फतेहपुर। जिले में शिक्षा के मामले में अभी भी महिलाएं उपेक्षित हैं। लोग बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में दाखिला कराते हैं और बालिकाओं का प्रवेश परिषदीय स्कूलों में कराया जाता है। यही कारण है कि परिषदीय स्कूलों में छात्रों की अपेक्षा छात्राओं की संख्या अधिक है। चालू सत्र में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की अपेक्षा 2833 छात्राओं की संख्या अधिक है। मामले को जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने संज्ञान में लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग से आख्या मांगी है।
जिलेभर के कुल 2346 परिषदीय स्कूलों में दो लाख 75 हजार 461 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें एक लाख 39 हजार 147 छात्राएं हैं, जबकि छात्रों की संख्या एक लाख 36 हजार 314 है, जो छात्रों की संख्या से 2833 अधिक है। परिषदीय स्कूलों के यह आंकड़े साफ बताते हैं कि ज्यादातर लोग अपने बच्चों का दाखिला कान्वेंट स्कूलों में कराते हैं और बालिकाओं का दाखिला परिषदीय स्कूलों में कराकर पढ़ाई की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। यही कारण है कि दिन प्रतिदिन परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, जबकि छात्रों की संख्या में दिन प्रतिदिन कमी आ रही है। जिलाधिकारी कंचन वर्मा यह आंकड़े देखकर दंग हैं। उनका मानना है कि छात्राओं को अच्छी शिक्षा दीक्षा से वंचित करके परिषदीय स्कूलों में दाखिला करना चिंता का विषय है। डीएम ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा विभाग से छात्राओं की घटती संख्या का कारण स्पष्ट करने को कहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि परिषदीय में बढ़ती छात्राओं की संख्या और घटती छात्रों की संख्या से जिलाधिकारी दंग हैं।
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जिलेभर के कुल 2346 परिषदीय स्कूलों में दो लाख 75 हजार 461 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें एक लाख 39 हजार 147 छात्राएं हैं, जबकि छात्रों की संख्या एक लाख 36 हजार 314 है, जो छात्रों की संख्या से 2833 अधिक है। परिषदीय स्कूलों के यह आंकड़े साफ बताते हैं कि ज्यादातर लोग अपने बच्चों का दाखिला कान्वेंट स्कूलों में कराते हैं और बालिकाओं का दाखिला परिषदीय स्कूलों में कराकर पढ़ाई की औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। यही कारण है कि दिन प्रतिदिन परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, जबकि छात्रों की संख्या में दिन प्रतिदिन कमी आ रही है। जिलाधिकारी कंचन वर्मा यह आंकड़े देखकर दंग हैं। उनका मानना है कि छात्राओं को अच्छी शिक्षा दीक्षा से वंचित करके परिषदीय स्कूलों में दाखिला करना चिंता का विषय है। डीएम ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा विभाग से छात्राओं की घटती संख्या का कारण स्पष्ट करने को कहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि परिषदीय में बढ़ती छात्राओं की संख्या और घटती छात्रों की संख्या से जिलाधिकारी दंग हैं।
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