{"_id":"36-106814","slug":"Fatehpur-106814-36","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमी के नाम पर किसानों का नहीं तौल रहे धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमी के नाम पर किसानों का नहीं तौल रहे धान
Fatehpur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
फतेहपुर। समर्थन मूल्य योजना धान केंद्र प्रभारियों की मनमानी का शिकार हो रही है। फसल में नमी के नाम पर किसानों का धान जानबूझ कर तौला नहीं जा रहा है। जबकि अधिकतर केंद्रों में नमी का अनुपात निकालने की व्यवस्था ही नहीं हैं। आवक तेज होने से क्रय केंद्रों में धान की डंपिगहो रही है, जबकि तौल की रफ्तार बेहद धीमी है। उधर जिला विपणन विभाग ने तौल में तेजी लाने के साथ शीघ्र सभी केंद्रों में कांटे लगाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में धान की खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों ने 48 सेंटर खोले गए हैं। इनमें से अधिकतर क्रय केंद्रों अभी तक तौल नहीं शुरू हो पाई है। यहां तक धान बेल्ट में शामिल असोथर व बिंदकी क्षेत्र में भी अभी तक एक भी सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्रीय किसानों को धान बेंचने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिन सेंटरों में धान आ रहा है वहां नमी के नाम पर तौल नहीं की जा रही है। बतादें शासनादेश के मुताबिक सत्रह फीसदी या इससे कम नमी वाला ही धान खरीदा जाना है। लेकिन सत्रह फीसदी का निर्धारित मानक तय करने की व्यवस्था नहीं है। अधिकतर सेंटरों पर आद्रता निकालने वाली मशीन ही नहीं है। ऐसे में मनमाने ढंग से नमी का निर्धारण कर जानबूझ कर धान की तौल नहीं की जा रही है। धान क्रय केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखते हुए किसान आढ़तियों को अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर हैं। इससे उन्हें वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। जबकि धान खरीद शुरू हुए डेढ़ माह से अधिक हो गया है। जिला विपणन अधिकारी रवि गौतम ने बताया कई सेंटरों में तौल शुरू हो गई है। बिंदकी में भी आज से सभी सेंटर शुरू हो जाएंगे। अगले एक-दो दिन में सभी सेंटरों में धान तौल चालू हो जाएगी।
विज्ञापन
जिले में धान की खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों ने 48 सेंटर खोले गए हैं। इनमें से अधिकतर क्रय केंद्रों अभी तक तौल नहीं शुरू हो पाई है। यहां तक धान बेल्ट में शामिल असोथर व बिंदकी क्षेत्र में भी अभी तक एक भी सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्रीय किसानों को धान बेंचने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिन सेंटरों में धान आ रहा है वहां नमी के नाम पर तौल नहीं की जा रही है। बतादें शासनादेश के मुताबिक सत्रह फीसदी या इससे कम नमी वाला ही धान खरीदा जाना है। लेकिन सत्रह फीसदी का निर्धारित मानक तय करने की व्यवस्था नहीं है। अधिकतर सेंटरों पर आद्रता निकालने वाली मशीन ही नहीं है। ऐसे में मनमाने ढंग से नमी का निर्धारण कर जानबूझ कर धान की तौल नहीं की जा रही है। धान क्रय केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखते हुए किसान आढ़तियों को अपनी उपज बेचने के लिए मजबूर हैं। इससे उन्हें वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। जबकि धान खरीद शुरू हुए डेढ़ माह से अधिक हो गया है। जिला विपणन अधिकारी रवि गौतम ने बताया कई सेंटरों में तौल शुरू हो गई है। बिंदकी में भी आज से सभी सेंटर शुरू हो जाएंगे। अगले एक-दो दिन में सभी सेंटरों में धान तौल चालू हो जाएगी।
विज्ञापन