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Fatehpur News: पारा चढ़ने के साथ उपकेंद्र में बढ़ा 71 प्रतिशत लोड

Mon, 24 Apr 2023 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Mon, 24 Apr 2023 12:03 AM IST
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71 percent load increased in the sub-center with rising mercury
फतेहपुर। तापमान 40 डिग्री पार होते ही गर्मी से बचने के लिए एसी-कूलर चालू हो गए हैं। इससे बिजली की डिमांड सीधे 71 प्रतिशत तक बढ़ गई है। बिजली लोड बढ़ने से हर दिन केबल व ट्रांसफार्मर जलने की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। कई बार उपकेंद्र को बंद करने की स्थिति तक बन जाती है। उपकेंद्र बंद होने पर उपभोक्ताओं को पांच से छह घंटे बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। सबसे खराब स्थिति पानी को लेकर पैदा हो रही है।
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पश्चिमी क्षेत्र की 50 हजार आबादी का निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए आबूनगर उपकेंद्र में दो ट्रांसफार्मर हैं। एक 10 एमवीए और दूसरा पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर है। सामान्य दिनों में 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर पर 250 एम्पियर का लोड रहता है, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ 100 एम्पियर का लोड बढ़ गया है। अब 10 एमवीए ट्रांसफार्मर पर 350 एम्पियर का लोड हो गया है। इसी तरह पांच एबीए के ट्रांसफार्मर में आम दिन में 100 एंपियर का लोड रहता है, जो अब दोगुना बढ़कर 200 एम्पियर पहुंच गया है। मई में दोनों ट्रांसफार्मर में ज्यादा लोड बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लोड बढ़ने से अप्रैल महीने में 33 हजार लाइन की केबल में दो बार फाल्ट हो चुकी है। केबल ठीक करने में कम से कम पांच से छह घंटे लग जाते हैं। केबल रेलवे लाइन के नीचे से गुजरी है। ऐसे में काम करना मुश्किल भरा होता है।
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पानी की किल्लत
पश्चिमी शहर की करीब 50 हजार आबादी को आबूनगर उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति मिलती है। इससे 13110 कनेक्शन जुड़े हैं। इस क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पानी की है। क्षेत्र में बिना टुल्लू पंप के नलों से पानी नहीं निकलता है। बिजली कटौती के दौरान पानी सप्लाई भी पूरी तरह से ठप हो जाती है। पिछले दिनों तीन दिनों तक लाइट की कटौती हुई, तो लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए। गर्मी में पिछले दिनों बिजली कटौती भी 4 से 5 घंटे हुई। इस दौरान भी पानी संकट गहराया।
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बयान:-
हीट बढ़ने से घरों, दफ्तरों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में एसी, कूलर, पंखे आदि का अधिक प्रयोग होने लगता है। इससे उपकेंद्र में लोड बढ़ता है। लोड बढ़ने पर सीधे केबिल पर प्रभाव पड़ता है और केबिल खराब हो जाती है। इसे ठीक करने में कई घंटे का समय लगता है।
पंकज प्रकाश सिंह कुशवाहा, जेई आबूनगर
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