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बलात्कार के आरोपी को दस वर्ष का सश्रम कारावास
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फतेहपुर। नाबालिग से दुष्कर्म में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला हथगाम थानाक्षेत्र के एक गांव का है। करीब सात साल पहले दोषी युवक ने पंद्रह वर्ष की नाबालिग के साथ बलात्कार किया था। पीड़िता गर्भवती भी हो गई थी। अदालत ने दोषी पर 32 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम से 15 हजार पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
हथगाम थानाक्षेत्र के एक गांव में 30 जून 2011 को सुबह 11 बजे पीड़िता अपने घर में अपने भाई और बहन के साथ थी और उसके माता-पिता हथगाम गए हुए थे। तभी पड़ोसी अमृतलाल उर्फ मित्तल उसके घर पहुंच गया और पीड़िता को उसके पिता की तबियत खराब होने का बहानाकर अपने साथ गोवा ले गया। जहां अमृत लाल ने उसके
साथ जबरन शादी कर ली। इस घटना के चार महीने बाद पिता पुलिस की मदद से पुलिस टीम लेकर गोवा पहुंच गया। जहां लड़की बरामद हो गई और उसके साथ अमृत लाल भी मौके पर ही मिल गया। बाद में हथगाम लाकर
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लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया गया, तो वह तीन माह की गर्भवती निकली। तबसे मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकरन सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव कर रहे थे। उन्होंने अदालत के समक्ष कई साक्ष्य और गवाह पेश किए। अपर जिला जज की अदालत ने आरोपी अमृत लाल उर्फ मित्तल को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और 32 हजार जुर्माना सुनाया है। अदालत ने जुर्माने की रकम से 15 हजार पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की कैद
अर्थदंड से पंद्रह हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश
हथगाम थानाक्षेत्र की घटना, सात साल बाद मिला इंसाफ
अमर उजाला ब्यूरो
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हथगाम थानाक्षेत्र के एक गांव में 30 जून 2011 को सुबह 11 बजे पीड़िता अपने घर में अपने भाई और बहन के साथ थी और उसके माता-पिता हथगाम गए हुए थे। तभी पड़ोसी अमृतलाल उर्फ मित्तल उसके घर पहुंच गया और पीड़िता को उसके पिता की तबियत खराब होने का बहानाकर अपने साथ गोवा ले गया। जहां अमृत लाल ने उसके
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साथ जबरन शादी कर ली। इस घटना के चार महीने बाद पिता पुलिस की मदद से पुलिस टीम लेकर गोवा पहुंच गया। जहां लड़की बरामद हो गई और उसके साथ अमृत लाल भी मौके पर ही मिल गया। बाद में हथगाम लाकर
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लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया गया, तो वह तीन माह की गर्भवती निकली। तबसे मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकरन सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव कर रहे थे। उन्होंने अदालत के समक्ष कई साक्ष्य और गवाह पेश किए। अपर जिला जज की अदालत ने आरोपी अमृत लाल उर्फ मित्तल को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और 32 हजार जुर्माना सुनाया है। अदालत ने जुर्माने की रकम से 15 हजार पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष की कैद
अर्थदंड से पंद्रह हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश
हथगाम थानाक्षेत्र की घटना, सात साल बाद मिला इंसाफ
अमर उजाला ब्यूरो