{"_id":"6aa844876e834d740604b707","slug":"water-level-in-the-ganga-recedes-traffic-resumes-on-the-farrukhabad-badaun-route-farrukhabad-news-c-222-1-frk1004-148485-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: गंगा में पानी घटा, फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर आवागमन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: गंगा में पानी घटा, फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर आवागमन शुरू
विज्ञापन
अमृतपुर। गंगा व रामगंगा का जलस्तर घटा है। सोमवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। वहीं रामगंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी आई है। दोनों नदियों का जलस्तर गिरने से खेतों व गांवों से भरा पानी निकलने लगा है। चित्रकूट डिप से बाढ़ का पानी समाप्त होने से फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर आवागमन शुरू हो गया है।
गंगा में आई बाढ़ का पानी गांव में करीब डेढ़ माह से भरा है। वहीं, बाढ़ का पानी कम होने से चित्रकूट डिप से पानी निकल गया है। मार्ग चालू हो जाने से सभी वाहन निकलने लगे हैं। काफी दिनों से गांव के रास्ते डूबे हुए हैं। घरों के अंदर घरों में पानी होने से लोग खुले आसमान के नीचे समय बिता रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बांध से पानी ज्यादा न छोड़ा जाए तो घरों के अंदर जल्द चूल्हे जलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पानी तो कम होने लगा है लेकिन समस्या अब भी बरकरार है। ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है। मार्गों पर भरा पानी कम होने से नाव नहीं चल पा रही है। सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 64,283 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 137.5 मीटर से घटकर 136.85 मीटर पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
रामगंगा का जलस्तर 137.05 मीटर पर पहुंच गया। गंगा व रामगंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि जिन गांवों में 15 दिन से अधिक राशन वितरण किए हुए हो गया है, उन गांवों में दोबारा राशन वितरण किया जा रहा है। रामगंगा की बाढ़ से जो गांव प्रभावित हुए हैं, उन गांव में भी राशन वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन
गंगा में आई बाढ़ का पानी गांव में करीब डेढ़ माह से भरा है। वहीं, बाढ़ का पानी कम होने से चित्रकूट डिप से पानी निकल गया है। मार्ग चालू हो जाने से सभी वाहन निकलने लगे हैं। काफी दिनों से गांव के रास्ते डूबे हुए हैं। घरों के अंदर घरों में पानी होने से लोग खुले आसमान के नीचे समय बिता रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि बांध से पानी ज्यादा न छोड़ा जाए तो घरों के अंदर जल्द चूल्हे जलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पानी तो कम होने लगा है लेकिन समस्या अब भी बरकरार है। ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है। मार्गों पर भरा पानी कम होने से नाव नहीं चल पा रही है। सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 64,283 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 137.5 मीटर से घटकर 136.85 मीटर पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
रामगंगा का जलस्तर 137.05 मीटर पर पहुंच गया। गंगा व रामगंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है।
तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि जिन गांवों में 15 दिन से अधिक राशन वितरण किए हुए हो गया है, उन गांवों में दोबारा राशन वितरण किया जा रहा है। रामगंगा की बाढ़ से जो गांव प्रभावित हुए हैं, उन गांव में भी राशन वितरण किया जाएगा।