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Farrukhabad News: वोल्टेज की मार, आठ दिनों से लोहिया अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल
Mon, 26 May 2025 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 26 May 2025 11:44 PM IST
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लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में मोबाइल की रोशनी में दवाएं लिखते डॉक्टर।
- फोटो : लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में मोबाइल की रोशनी में दवाएं लिखते डॉक्टर।
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में बिजली के कम ज्यादा वोल्टेज के चलते करीब आठ दिनों से स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हैं। जिम्मेदार दिक्कत को दूर करने में पूरी तरह नाकाम हैं। चार-चार जनरेटर होने के बावजूद एक्सरे, ओपीडी, इमरजेंसी, सीटी स्कैन को शिफ्टों में आपूर्ति दी जाती है। लिहाजा मरीज तीन-तीन घंटे अंधेरे में इंतजार करने को मजबूर हैं। सोमवार को भी बिजली समस्या के चलते डॉक्टर मोबाइल की रोशनी में दवाएं लिखने को मजबूर हो गए। पीडियाट्रिक वार्ड में अंधेरा पसरा रहा।
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इमरजेंसी: अंधेरे में लिखते दवाएं, होता इलाज
अस्पताल की सबसे महत्वपूर्ण यूनिट इमरजेंसी है। यहां 24 घंटे गंभीर मरीज आते हैं। कब अंधेरा घुप हो जाए, किसी को नहीं पता। रविवार रात कर बार बिजली गुल होने पर मरीजों का अंधेरे में ही इलाज करना पड़ा। सोमवार सुबह जब बिजली गुल हुई, तो डॉक्टर और फार्मासिस्ट मोबाइल की रोशनी में काम करने को मजबूर हो गए। तीसरे दिन भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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महत्वपूर्ण एक्सरे करो, कभी भी बंद हो जाएगा जनरेटर
डिजिटल एक्सरे रूम में करीब आठ दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। यहां जनरेटर से ही काम चल रहा है। हर रोज सुबह 10 बजे के बाद जनरेटर चलाया जाता, जिससे मरीजों की भीड़ जमा हो जाती। एक्सरे रूम प्रभारी विजयशंकर तिवारी ने बताया कि सुबह इलेक्ट्रीशियन आए और बोले कि महत्वपूर्ण एक्सरे पहले करो। जनरेटर कभी भी बंद हो सकता है। भीड़ में वह कौन सा महत्वपूर्ण है, तय नहीं कर सकते। मरीज हंगामा करने लगते हैं।
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पर्चा काउंटर का कंप्यूटर बंद, हंगामा
ओपीडी में बिजली समस्या के चलते पर्चा काउंटर का एक कंप्यूटर बंद हो गया। करीब एक घंटे तक जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो घंटों लाइन में लगे महिला मरीजों ने हंगामा कर दिया। कर्मचारी रुद्र शुक्ला ने ई-अस्पताल प्रभारी विवेक राना को जानकारी दी। उन्होंने व्यवस्था प्रभारी डॉ. श्रेय खंडूजा को अवगत कराया। बताते हैं कि जब तक आपूर्ति सुचारु हुई, तब तक शोकावकाश हो गया। लिहाजा मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
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शनिवार को मशीन खराब, अब नहीं करने की सूचना
अल्ट्रासाउंड के बाहर सात-आठ मरीज इंतजार में बैठे थे। भोलेपुर के प्रीतम नगला की बबली और राजेपुर के गांव तेहरा खास की ऊषा देवी ने बताया कि वह शनिवार को आई थीं। दोपहर तक भूखे बैठे रहे। इसके बाद मशीन खराब होने की बात कहकर बंद कर दिया। सोमवार सुबह सवा आठ बजे आ गईं। 12 बजे शुरू करने की बात कही। अब साढ़े 10 बजे कह दिया कि आज नहीं होगा।
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नहीं चली सीटी स्केन मशीन, बैरंग लौटे मरीज
फोटो-19 सीटी स्केन यूनिट में फैला अंधेरा व बैठे मरीज। संवाद
बिजली आपूर्ति में कम-ज्यादा वोल्टेज के चलते सीटी स्केन मशीन करीब आठ दिन से नहीं चल रही। जब जनरेटर चलता तभी सीटी स्केन किए जाते हैं। यूनिट प्रभारी चंदन ने बताया कि वह रिस्क नहीं ले सकते। सोमवार को दोपहर 12 बजे जनरेटर चला, तभी सीटी स्कैन शुरू किए। 16 मरीजों के किए गए, जबकि 10 मरीज पंजीकरण कराने के बाद भी चले गए। हालांकि औसतन 40 मरीज हो जाते हैं।
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- अस्पताल को आने वाली लाइन में बिजली कम ज्यादा होती है। अब बारिश हो गई, तो समस्या का समाधान हुआ है। वह स्थाई समाधान का प्रयास कर रहे हैं। कोशिश है कि शीघ्र ही दिक्कतें दूर हों। - डॉ. श्रेय खंडूजा, बिजली आपूर्ति प्रभारी, लोहिया अस्पताल
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इमरजेंसी: अंधेरे में लिखते दवाएं, होता इलाज
अस्पताल की सबसे महत्वपूर्ण यूनिट इमरजेंसी है। यहां 24 घंटे गंभीर मरीज आते हैं। कब अंधेरा घुप हो जाए, किसी को नहीं पता। रविवार रात कर बार बिजली गुल होने पर मरीजों का अंधेरे में ही इलाज करना पड़ा। सोमवार सुबह जब बिजली गुल हुई, तो डॉक्टर और फार्मासिस्ट मोबाइल की रोशनी में काम करने को मजबूर हो गए। तीसरे दिन भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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महत्वपूर्ण एक्सरे करो, कभी भी बंद हो जाएगा जनरेटर
डिजिटल एक्सरे रूम में करीब आठ दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। यहां जनरेटर से ही काम चल रहा है। हर रोज सुबह 10 बजे के बाद जनरेटर चलाया जाता, जिससे मरीजों की भीड़ जमा हो जाती। एक्सरे रूम प्रभारी विजयशंकर तिवारी ने बताया कि सुबह इलेक्ट्रीशियन आए और बोले कि महत्वपूर्ण एक्सरे पहले करो। जनरेटर कभी भी बंद हो सकता है। भीड़ में वह कौन सा महत्वपूर्ण है, तय नहीं कर सकते। मरीज हंगामा करने लगते हैं।
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पर्चा काउंटर का कंप्यूटर बंद, हंगामा
ओपीडी में बिजली समस्या के चलते पर्चा काउंटर का एक कंप्यूटर बंद हो गया। करीब एक घंटे तक जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो घंटों लाइन में लगे महिला मरीजों ने हंगामा कर दिया। कर्मचारी रुद्र शुक्ला ने ई-अस्पताल प्रभारी विवेक राना को जानकारी दी। उन्होंने व्यवस्था प्रभारी डॉ. श्रेय खंडूजा को अवगत कराया। बताते हैं कि जब तक आपूर्ति सुचारु हुई, तब तक शोकावकाश हो गया। लिहाजा मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
शनिवार को मशीन खराब, अब नहीं करने की सूचना
अल्ट्रासाउंड के बाहर सात-आठ मरीज इंतजार में बैठे थे। भोलेपुर के प्रीतम नगला की बबली और राजेपुर के गांव तेहरा खास की ऊषा देवी ने बताया कि वह शनिवार को आई थीं। दोपहर तक भूखे बैठे रहे। इसके बाद मशीन खराब होने की बात कहकर बंद कर दिया। सोमवार सुबह सवा आठ बजे आ गईं। 12 बजे शुरू करने की बात कही। अब साढ़े 10 बजे कह दिया कि आज नहीं होगा।
नहीं चली सीटी स्केन मशीन, बैरंग लौटे मरीज
फोटो-19 सीटी स्केन यूनिट में फैला अंधेरा व बैठे मरीज। संवाद
बिजली आपूर्ति में कम-ज्यादा वोल्टेज के चलते सीटी स्केन मशीन करीब आठ दिन से नहीं चल रही। जब जनरेटर चलता तभी सीटी स्केन किए जाते हैं। यूनिट प्रभारी चंदन ने बताया कि वह रिस्क नहीं ले सकते। सोमवार को दोपहर 12 बजे जनरेटर चला, तभी सीटी स्कैन शुरू किए। 16 मरीजों के किए गए, जबकि 10 मरीज पंजीकरण कराने के बाद भी चले गए। हालांकि औसतन 40 मरीज हो जाते हैं।
- अस्पताल को आने वाली लाइन में बिजली कम ज्यादा होती है। अब बारिश हो गई, तो समस्या का समाधान हुआ है। वह स्थाई समाधान का प्रयास कर रहे हैं। कोशिश है कि शीघ्र ही दिक्कतें दूर हों। - डॉ. श्रेय खंडूजा, बिजली आपूर्ति प्रभारी, लोहिया अस्पताल