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380 पट्टे निरस्त होने के विरोध में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते गांव अमेठी कोहना की महिलाएं व पुरुष। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शहर से सटे गांव अमेठी कोहना में कटरी की भूमि के पिछले वर्ष 380 पट्टे निरस्त करने के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। तत्कालीन अधिकारियों पर भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर पुन: कब्जा दिलाने की मांग की है।
बढ़पुर ब्लाक के गांव अमेठी कोहना में पिछले वर्ष एसडीएम की जांच के बाद तत्कालीन डीएम ने 380 ग्रामीणों के पट्टे निरस्त कर दिए थे। इसके विरोध में जनतंत्र क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तम कुमार मिश्र के नेतृत्व में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1992 में नसबंदी कराने वालों को सरकार ने 10-10 बीघा पट्टा दिया था, जबकि अन्य गरीबों को पांच-पांच बीघा पट्टा दिया गया था।
इसकी भूमिधरी चढ़ने के साथ उन लोगों के किसान क्रेडिट कार्ड भी बनाए गए। कई ग्रामीणों ने भूमि पर एक-एक लाख रुपये ऋण भी ले रखा है। पट्टा निरस्त किए जाने से भूमाफिया काबिज हो रहे हैं। इससे उन लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट है।
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ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम संजय कुमार सिंह को सौंपा। इसमें अधिकारियों पर 11 भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने पट्टे की भूमि पुन: उन लोगों के नाम दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही कहा कि दबंगों द्वारा उस भूमि पर बोई गई फसल वह लोग काटेंगे, इस दौरान कोई अनहोनी घटना होने पर प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। लालसिंह, रामचंद्र, रामवती, शिवाजी, नन्हेलाल, मेघनाद भी शामिल रहे।
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बढ़पुर ब्लाक के गांव अमेठी कोहना में पिछले वर्ष एसडीएम की जांच के बाद तत्कालीन डीएम ने 380 ग्रामीणों के पट्टे निरस्त कर दिए थे। इसके विरोध में जनतंत्र क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तम कुमार मिश्र के नेतृत्व में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1992 में नसबंदी कराने वालों को सरकार ने 10-10 बीघा पट्टा दिया था, जबकि अन्य गरीबों को पांच-पांच बीघा पट्टा दिया गया था।
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इसकी भूमिधरी चढ़ने के साथ उन लोगों के किसान क्रेडिट कार्ड भी बनाए गए। कई ग्रामीणों ने भूमि पर एक-एक लाख रुपये ऋण भी ले रखा है। पट्टा निरस्त किए जाने से भूमाफिया काबिज हो रहे हैं। इससे उन लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट है।
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ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम संजय कुमार सिंह को सौंपा। इसमें अधिकारियों पर 11 भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने पट्टे की भूमि पुन: उन लोगों के नाम दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही कहा कि दबंगों द्वारा उस भूमि पर बोई गई फसल वह लोग काटेंगे, इस दौरान कोई अनहोनी घटना होने पर प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। लालसिंह, रामचंद्र, रामवती, शिवाजी, नन्हेलाल, मेघनाद भी शामिल रहे।